{"_id":"570e6fc84f1c1ba3544a6ae8","slug":"wheat-arrival-in-grain-market-in-rohtak-farmers-plledaron-gold-silver-wheat-arival-in-rohtak","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों का सोना पल्लेदारों की चांदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों का सोना पल्लेदारों की चांदी
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Thu, 14 Apr 2016 06:46 PM IST
विज्ञापन
मथुरा में गेहूं खरीद
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनाज मंडी में गेहूं की आवक तेज होने से किसानों का सोना गेहूं, पल्लेदारों की चांदी बना हुआ है। हालांकि यह चांदी गेहूं के सीजन (महज डेढ़ माह) में ही रहती है। इसके बाद बाहर से आए मजदूर अपने-अपने इलाकों में लौट जाते हैं। वहीं इन दिनों स्थानीय अनाज मंडी में और पल्लेदारों की खासी जरूरत बनी हुई है।
पड़ सकती है पल्लेदारों की कमी
सीजन चरम पर है, आवक के हिसाब से मंडी में पल्लेदारों की संख्या फिलहाल कम है। यदि आवक में तेजी आई तो उठान में समस्या होना निश्चित है। पटना से आए सुबोध ने बताया कि उनका एक आदमी एक सीजन में करीब 40 से 50 हजार रुपये बचा लेता है। सीजन के बाद मंडी पर काम नहीं होता है। पल्लेदारों की कमी को लेकर बताया कि अभी गेहूं की कटाई चल रही है, ऐसे में मंडी में पल्लेदारों की संख्या भी कम है।
41,108 मीट्रिक टन गेहूं पहुंचा मंडी
रोहतक। जिले की विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने अब तक 41,108 मीट्रिक टन गेंहू की खरीद कर ली है। काहनौर, कलानौर, किलोई, लाखन माजरा, मदीना, महम, रोहतक, सांपला, सांघी और हसनगढ़ की मंडियों में सरकारी एजेंसियों द्वारा भी गेहूं की खरीद हो रही है।
विज्ञापन
जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक डॉ. अनीता खरब ने बताया कि रोहतक मंडी में सर्वाधिक 18499 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। वहीं सांपला मंडी में 5944, महम मंडी में 8475, लाखनमाजरा मंडी में 3651, काहनौर मंडी में 1135 मीट्रिक टन, सांघी में 226 मीट्रिक टन गेहूं और कलानौर मंडी में 3228 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। अधिकारी ने बताया कि अब तक की खरीद में से 16546 मीट्रिक टन गेहूं खाद्य एवं पूर्ति विभाग, 7662 मीट्रिक टन गेहूं हैफेड और 16900 मीट्रिक टन गेहूं हरियाणा भंडारण निगम द्वारा खरीदा गया है।
विज्ञापन
पड़ सकती है पल्लेदारों की कमी
सीजन चरम पर है, आवक के हिसाब से मंडी में पल्लेदारों की संख्या फिलहाल कम है। यदि आवक में तेजी आई तो उठान में समस्या होना निश्चित है। पटना से आए सुबोध ने बताया कि उनका एक आदमी एक सीजन में करीब 40 से 50 हजार रुपये बचा लेता है। सीजन के बाद मंडी पर काम नहीं होता है। पल्लेदारों की कमी को लेकर बताया कि अभी गेहूं की कटाई चल रही है, ऐसे में मंडी में पल्लेदारों की संख्या भी कम है।
विज्ञापन
41,108 मीट्रिक टन गेहूं पहुंचा मंडी
रोहतक। जिले की विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने अब तक 41,108 मीट्रिक टन गेंहू की खरीद कर ली है। काहनौर, कलानौर, किलोई, लाखन माजरा, मदीना, महम, रोहतक, सांपला, सांघी और हसनगढ़ की मंडियों में सरकारी एजेंसियों द्वारा भी गेहूं की खरीद हो रही है।
विज्ञापन
जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक डॉ. अनीता खरब ने बताया कि रोहतक मंडी में सर्वाधिक 18499 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। वहीं सांपला मंडी में 5944, महम मंडी में 8475, लाखनमाजरा मंडी में 3651, काहनौर मंडी में 1135 मीट्रिक टन, सांघी में 226 मीट्रिक टन गेहूं और कलानौर मंडी में 3228 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। अधिकारी ने बताया कि अब तक की खरीद में से 16546 मीट्रिक टन गेहूं खाद्य एवं पूर्ति विभाग, 7662 मीट्रिक टन गेहूं हैफेड और 16900 मीट्रिक टन गेहूं हरियाणा भंडारण निगम द्वारा खरीदा गया है।