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Rohtak News: यह कैसा निरोगी हरियाणा... कुपोषण दूर नहीं कर रहा बच्चों का खाना

Tue, 27 Aug 2024 03:02 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 27 Aug 2024 03:02 AM IST
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What kind of healthy Haryana is this... children's food is not removing malnutrition
रवि हसिजा
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झज्जर। बच्चों के सही विकास के लिए उसे कैल्शियम, पौटेशियम, फाइबर, प्रोटीन पोषक तत्वों की जरूरत होती है। यदि यह तत्व उसमें नहीं है तो इसका मतलब है कि बच्चा कुपोषण का शिकार है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चलाई जा रही निरोगी हरियाणा के तहत हुई अंत्योदय परिवारों की जांच में शून्य से पांच साल तक के 6100 बच्चे कुपोषण का शिकार मिले।
इन बच्चों में कुपोषण की पहली स्टेज मिली, जिसके बाद इनको उपचार देकर ठीक किया गया। निरोगी हरियाणा के तहत प्रदेश में शून्य से छह माह के 31653 और छह माह से पांच साल तक के 6 लाख 39 हजार 857 बच्चों की जांच की गई। इसमें कुल 6100 बच्चे कुपोषित मिले। सबसे ज्यादा कुपोषित बच्चे सोनीपत जिले में 1753 बच्चे कुपोषित मिले। दूसरे नंबर पर भिवानी में 764 बच्चे और तीसरे नंबर पर पलवल में 640 बच्चे कुपोषित मिले हैं। इन सभी कुपोषित बच्चों को हायर सेंटर भेजकर इलाज कराया गया। चिकित्सकों का कहना है कि कुपोषण होने पर बच्चे का शारीरिक विकास ठीक तरह से नहीं हो पाता। उसके सोचने, समझने की क्षमता भी कमजोर हो जाती है। बच्चे को आगे चलकर कई शारीरिक व मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उनकी इम्युनिटी भी मजबूत नहीं रहती है और ऐसे बच्चे संक्रमण की चपेट में जल्दी से आ जाते हैं।
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कुपोषण के लक्षण

-बच्चे में चिड़चिड़ापन होना।
-बच्चे में सूजन की समस्या।
-बच्चे में पेट से जुड़े संक्रमण होंगे।

-दिल का ठीक से काम नहीं करना।
-त्वचा में खुजली या जलन की समस्या।

-सांस लेने में दिक्कत या कमजोरी होना।

कुपोषण के कारण
पोषक आहार की कमी। यदि बच्चे को सही उम्र में सही न्यूट्रिशन नहीं मिलेगा तो बच्चा कुपोषण का शिकार हो जाएगा।

-डायरिया के कारण।
-मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण।

-गंदे वातावरण यानी कारखानों के आसपास रहने के कारण।
-माताओं द्वारा स्तनपान नहीं कराने के कारण।

-प्रीमेच्योर डिलीवरी।
-समय पर खाना नहीं खाना, देर तक जागना, बाहर का खाना भी कुपोषण के कारण हैं।


कुपोषण से बचाने के उपाय..

-बच्चों को स्तनपान कराए।

-बच्चे को अनाज दें, जिससे उसे फैट, विटामिनट, मिनरल, फाइबर व प्रोटीन मिले।
-स्तनपान नहीं कर पाने वाले बच्चों को चिकित्सक की सलाह लेकर फार्मूला मिल्क दे।


निरोगी योजना के तहत हुई जांच में आज तक मिले कुपोषित बच्चों की संख्या
जिला कुपोषित मिले बच्चों की संख्या

अंबाला 104
भिवानी 764

चरखीदादरी 21
फरीदाबाद 39

फतेहाबाद 209
गुरुग्राम 230

हिसार 199
झज्जर 56

जींद 170
कैथल 112

करनाल 134
कुरुक्षेत्र 304

नारनौल 19
नूहं 140

पलवल 640
पंचकूला 258

पानीपत 29
रेवाड़ी 27

रोहतक 32
सिरसा 338

सोनीपत 1753
यमुनानगर 502
वर्जन
निरोगी हरियाणा के तहत जो बच्चे कुपोषित मिलते हैं, उनको हायर सेंटर पर रेफर कर इलाज कराया जा रहा है। अब तक जो बच्चे मिले हैं, उनमें कुपोषण की पहली स्टेज मिली थी। इलाज से सभी रिकवर हो चुके हैं। कुपोषण से बच्चों को बचाने के लिए सही खानपान की जरूरत होती है।
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-डॉ. संदीप, इंचार्ज, निरोगी हरियाणा, झज्जर
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