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Rohtak News: ये कैसा फ्री इलाज का दावा...पीजीआई में ऑपरेशन कराना है तो साथ लेकर आएं ऑपरेशन का सामान
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24-पीजीआई के हड्डी रोग विभाग के वार्ड में ऑपरेशन के लिए बाहर से लिखे सामान की सूची दिखाता मरीज।
अभिषेक कीरत
रोहतक। एक तरफ सरकार प्रदेश के लोगों के लिए आयुष्मान कार्ड के तहत निशुल्क इलाज के बड़े-बड़े दावे कर रही है। वहीं, प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआई में मरीजों के ऑपरेशन के लिए सामान बाहर की दुकानों से मंगाया जा रहा है।
मरीजों का कहना है कि चिकित्सक पहले ही आयुष्मान के तहत हो रहे ऑपरेशन में उपयोग होने वाला सामान बाहर से खरीदकर लाने को बोल देते हैं। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के मुताबिक, आयुष्मान कार्ड के तहत होने वाले ऑपरेशन के लिए सामान भी अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराना होता है।
मरीजों ने बताया कि ऑपरेशन से पहले ही हड्डी रोग विभाग के वार्ड में ही बाहर से आकर दुकानदार अपना फोन नंबर दे गया था। यहां आकर उसने ऑपरेशन के सामान के लिए सीधे दुकान पर आने की बात कही।
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वार्ड में 24 घंटे सुरक्षाकर्मी रहते हैं फिर भी बाहर के दुकानदार अंदर जाकर मरीजों को ऑपरेशन का सामान बेचने के लिए संपर्क कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इन लोगों को अंदर आते-जाते कोई देखता नहीं है। इन लोगों पर संस्थान के जिम्मेदार लोगों की नजरें यह सब देखती रहती हैं लेकिन रोक-टोक नहीं करते। संवाद
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रोहतक। एक तरफ सरकार प्रदेश के लोगों के लिए आयुष्मान कार्ड के तहत निशुल्क इलाज के बड़े-बड़े दावे कर रही है। वहीं, प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआई में मरीजों के ऑपरेशन के लिए सामान बाहर की दुकानों से मंगाया जा रहा है।
मरीजों का कहना है कि चिकित्सक पहले ही आयुष्मान के तहत हो रहे ऑपरेशन में उपयोग होने वाला सामान बाहर से खरीदकर लाने को बोल देते हैं। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के मुताबिक, आयुष्मान कार्ड के तहत होने वाले ऑपरेशन के लिए सामान भी अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराना होता है।
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मरीजों ने बताया कि ऑपरेशन से पहले ही हड्डी रोग विभाग के वार्ड में ही बाहर से आकर दुकानदार अपना फोन नंबर दे गया था। यहां आकर उसने ऑपरेशन के सामान के लिए सीधे दुकान पर आने की बात कही।
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वार्ड में 24 घंटे सुरक्षाकर्मी रहते हैं फिर भी बाहर के दुकानदार अंदर जाकर मरीजों को ऑपरेशन का सामान बेचने के लिए संपर्क कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इन लोगों को अंदर आते-जाते कोई देखता नहीं है। इन लोगों पर संस्थान के जिम्मेदार लोगों की नजरें यह सब देखती रहती हैं लेकिन रोक-टोक नहीं करते। संवाद

24-पीजीआई के हड्डी रोग विभाग के वार्ड में ऑपरेशन के लिए बाहर से लिखे सामान की सूची दिखाता मरीज।