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Rohtak News: जेएलएन नहर में और घट गया पानी, 3000 क्यूसेक की जरूरत, आया सिर्फ 950 क्यूसेक
Thu, 01 May 2025 02:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 01 May 2025 02:42 AM IST
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30सीटीके39 जेएलएन नहर में घटा जलस्तर। संवाद
रोहतक। शहर में पेयजल संकट शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पानी की किल्लत लगातार कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। कॉलोनियों में पानी नसीब नहीं हो रहा है। जिन स्थानों पर सप्लाई हो रही है, वहां पर भी दूषित पानी आ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों से पानी न मिलने की समस्याएं आने लगी हैं। जेएलएन नहर में पानी की कटौती से आमजन को भी परेशानी होने लगी है। इसका मुख्य कारण भाखड़ा नहर से पानी की कटौती माना जा रहा है। जेएलएन नहर में पानी 1200 क्यूसेक से घटकर 950 क्यूसेक पहुंच गई, जबकि जेएलएन फीडर में 3000 क्यूसेक की मांग है। जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) में 16 दिन के लिए जलापूर्ति जारी है। आसार हैं कि नहर में ओर भी पानी कम होने वाला है। इसका असर शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों मेंं देखने को मिल रहा है।
गांव दतोड़, चुलियाएाा, नयाबास सहित कई गांव के जलघरों के टैंक खाली
ऐसी परिस्थितियों में जनस्वास्थ्य विभाग को पानी की कटौती करनी पड़ रही है। जेएलएन नहर में प्रवाह कम होने से विभाग को जलघरों के लिए मोटरें लगाकर पानी उठाना पड़ रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तालाबों की स्टोरेज बढ़ने तक शहर को एक समय ही पानी मिलेगा। संकट को लेकर लोगों का कहना है कि अभी से यही हाल है तो मई और जून में क्या हाल होगा। गांव दतोड़, चुलियाएाा, नयाबास सहित कई गांव के जलघरों के टैंक खाली हो गए हैं। वहीं, कलानौर क्षेत्र के भी कई गांव प्रभावित हैं। बुधवार को प्रीत विहार कॉलोनी, छोटूराम कॉलोनी व हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी आदि मेंं दूषित पानी की समस्या सामने आई।
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पानी की कटौती शहर में जारी रहेगी। तालाबों में पानी को स्टोर करने में समय लग रहा है। पानी का प्रवाह बहुत ही कम है। तीनों जलघरों के लिए मोटर से पंपिंग के सहारे पानी लिया जा रहा है।
- अनिल रोहिला, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
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खुबडू हेड से जेएलएन नहर में पानी छोड़ा जाता है। आगे से ही शहर तक 950 क्यूसेक पहुंच रहा है। हालांकि, फीडर की मांग 3000 क्यूसेक है।
- संजीव दहिया, एसडीओ, जेएलएन फीडर।
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करीब एक सप्ताह से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। गांव वाले टैंकर से पानी लाने को मजबूर हैं। टैंकरों की कीमत भी 1200 रुपये से अधिक तक पहुंच गई है। इसका यह भी कारण है कि जलघरों के लिए पुरानी पाइप लाइनों को बदला नहीं गया। पानी बर्बाद हो रहा है। टैंकों की मरम्मत भी नहीं की गई है।
- राहुल, सिंगरोहा, रिटौली निवासी।
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ग्रामीण क्षेत्रों से पानी न मिलने की समस्याएं आने लगी हैं। जेएलएन नहर में पानी की कटौती से आमजन को भी परेशानी होने लगी है। इसका मुख्य कारण भाखड़ा नहर से पानी की कटौती माना जा रहा है। जेएलएन नहर में पानी 1200 क्यूसेक से घटकर 950 क्यूसेक पहुंच गई, जबकि जेएलएन फीडर में 3000 क्यूसेक की मांग है। जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) में 16 दिन के लिए जलापूर्ति जारी है। आसार हैं कि नहर में ओर भी पानी कम होने वाला है। इसका असर शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों मेंं देखने को मिल रहा है।
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गांव दतोड़, चुलियाएाा, नयाबास सहित कई गांव के जलघरों के टैंक खाली
ऐसी परिस्थितियों में जनस्वास्थ्य विभाग को पानी की कटौती करनी पड़ रही है। जेएलएन नहर में प्रवाह कम होने से विभाग को जलघरों के लिए मोटरें लगाकर पानी उठाना पड़ रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तालाबों की स्टोरेज बढ़ने तक शहर को एक समय ही पानी मिलेगा। संकट को लेकर लोगों का कहना है कि अभी से यही हाल है तो मई और जून में क्या हाल होगा। गांव दतोड़, चुलियाएाा, नयाबास सहित कई गांव के जलघरों के टैंक खाली हो गए हैं। वहीं, कलानौर क्षेत्र के भी कई गांव प्रभावित हैं। बुधवार को प्रीत विहार कॉलोनी, छोटूराम कॉलोनी व हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी आदि मेंं दूषित पानी की समस्या सामने आई।
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पानी की कटौती शहर में जारी रहेगी। तालाबों में पानी को स्टोर करने में समय लग रहा है। पानी का प्रवाह बहुत ही कम है। तीनों जलघरों के लिए मोटर से पंपिंग के सहारे पानी लिया जा रहा है।
- अनिल रोहिला, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
खुबडू हेड से जेएलएन नहर में पानी छोड़ा जाता है। आगे से ही शहर तक 950 क्यूसेक पहुंच रहा है। हालांकि, फीडर की मांग 3000 क्यूसेक है।
- संजीव दहिया, एसडीओ, जेएलएन फीडर।
करीब एक सप्ताह से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। गांव वाले टैंकर से पानी लाने को मजबूर हैं। टैंकरों की कीमत भी 1200 रुपये से अधिक तक पहुंच गई है। इसका यह भी कारण है कि जलघरों के लिए पुरानी पाइप लाइनों को बदला नहीं गया। पानी बर्बाद हो रहा है। टैंकों की मरम्मत भी नहीं की गई है।
- राहुल, सिंगरोहा, रिटौली निवासी।

30सीटीके39 जेएलएन नहर में घटा जलस्तर। संवाद