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विधायक दरबार में गूंजा एमडीएन स्कूल प्रबंधन की मनमानी का मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 11 Apr 2016 02:18 AM IST
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एमडीएन स्कूल प्रबंधन की मनमानी
- फोटो : अमर उजाला
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एमडीएन स्कूल प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों ने तीसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन किया। स्कूल प्रबंधन के अड़ियल रवैये के विरोध में रविवार को अभिभावक मुख्य गेट पर एकत्रित हुए। इसके बाद नए बस स्टैंड से रोष मार्च निकालते हुए मानसरोवर पार्क स्थित विधायक मनीष ग्रोवर के कार्यालय में पहुुंचे।
अभिभावकों ने विधायक ग्रोवर के सामने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की और एक-एक कर स्कूल प्रबंधन की सभी खामियां बताईं। इस पर विधायक ने आश्वासन दिया कि वे इस मामले में स्कूल प्रबंधन और शिक्षा अधिकारियों से बातचीत करेंगे।
स्कूल प्रबंधन की हठधर्मिता के खिलाफ अब अभिभावकों ने एमडीएन स्कूल छात्र-अभिभावक संघ बनाकर अपनी लड़ाई शुरू कर दी है।
रविवार सुबह 11 बजे स्कूल के गेट पर काफी संख्या में अभिभावक जमा हुए। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने बैठक के लिए बुलाया था, पर अब वे मुकर गए हैं। प्राइमरी कक्षाओं की किताबों का एक-एक सेट ढाई हजार रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक है और इनमें केवल चार से पांच किताबें ही हैं। एक-एक किताब की कीमत करीब 300 रुपये है, वह भी सिर्फ एक सेमेस्टर की।
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यही नहीं, नए बस स्टैंड से सुखपुरा चौक आना हो या सेक्टर-एक, ट्रांसपोर्ट फीस 700 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर की गई है, जबकि पेट्रोल सस्ता हो रहा है। यहीं नहीं, 200-200 रुपये स्पोर्ट्स, स्मार्ट क्लासेज और कंप्यूटर के लिए जा रहे हैं और स्पोर्ट्स एक्टिविटी के समय दोबारा से फीस मांगते हैं। उन्हें वर्दी भी स्कूल से खरीदनी पड़ेगी और प्राइमरी के बच्चों की वर्दी की कीमत 600 रुपये से भी अधिक है।
स्कूल में एनसीईआरटी के बजाय निजी प्रकाशक की किताबें लगाईं गई हैं। इन पर रेट दर्ज नहीं होने के बाद भी केजी की किताबें 2535 रुपये, पहली कक्षा की किताबों का सेट 2935 रुपये, तीसरी कक्षा की 3440 रुपये, चौथी कक्षा की 3574 रुपये और 7वीं और आठवीं कक्षा का सेट 5160 रुपये में दिया जा रहा है। यह सरासर शिक्षा के नाम पर ठगी है। इस मौके पर सुभाष, सुनील, धर्मबीर, अनिल गोयल, संजीव हुड्डा, राजेश, संदीप, ब्रह्मजीत, चांद सिंह और सुरेंद्र मौजूद रहे।
अभिभावकों की ये हैं प्रमुख चार मांगें
1. स्कूल अपनी मनमानी फीस वसूलना बंद करे।
2. एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करे।
3. छात्रों और अभिभावकों का शोषण बंद करे।
4. स्कूल में वर्दी की दुकानदारी बंद करे।
डीईओ पर आरोप : नहीं कर रहीं सुनवाई
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि इस मामले में डीईओ सुनवाई नहीं कर रहीं हैं। उनका कहना है कि यह सीबीएसई से संबद्ध स्कूल है।
प्रबंधन ने कहा, ड्रेस अनिवार्य नहीं: डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी सत्यवती नांदल ने बताया कि उनके पास अभिभावक एमडीएन स्कूल की समस्या को लेकर आए थे। इस मामले में अगले दिन ही स्कूल प्रबंधन को पिछले तीन साल का रिकॉर्ड लेकर बुलाया गया है। प्रबंधन ने कहा कि वे अभिभावकों के साथ बैठक करेंगे और उन्हें संतुष्ट किया जाएगा। स्कूल से ड्रेस लेना अनिवार्य नहीं है, अभिभावक चाहें तो किसी और जगह से ले सकते हैं।
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अभिभावकों ने विधायक ग्रोवर के सामने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की और एक-एक कर स्कूल प्रबंधन की सभी खामियां बताईं। इस पर विधायक ने आश्वासन दिया कि वे इस मामले में स्कूल प्रबंधन और शिक्षा अधिकारियों से बातचीत करेंगे।
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स्कूल प्रबंधन की हठधर्मिता के खिलाफ अब अभिभावकों ने एमडीएन स्कूल छात्र-अभिभावक संघ बनाकर अपनी लड़ाई शुरू कर दी है।
रविवार सुबह 11 बजे स्कूल के गेट पर काफी संख्या में अभिभावक जमा हुए। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने बैठक के लिए बुलाया था, पर अब वे मुकर गए हैं। प्राइमरी कक्षाओं की किताबों का एक-एक सेट ढाई हजार रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक है और इनमें केवल चार से पांच किताबें ही हैं। एक-एक किताब की कीमत करीब 300 रुपये है, वह भी सिर्फ एक सेमेस्टर की।
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यही नहीं, नए बस स्टैंड से सुखपुरा चौक आना हो या सेक्टर-एक, ट्रांसपोर्ट फीस 700 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर की गई है, जबकि पेट्रोल सस्ता हो रहा है। यहीं नहीं, 200-200 रुपये स्पोर्ट्स, स्मार्ट क्लासेज और कंप्यूटर के लिए जा रहे हैं और स्पोर्ट्स एक्टिविटी के समय दोबारा से फीस मांगते हैं। उन्हें वर्दी भी स्कूल से खरीदनी पड़ेगी और प्राइमरी के बच्चों की वर्दी की कीमत 600 रुपये से भी अधिक है।
स्कूल में एनसीईआरटी के बजाय निजी प्रकाशक की किताबें लगाईं गई हैं। इन पर रेट दर्ज नहीं होने के बाद भी केजी की किताबें 2535 रुपये, पहली कक्षा की किताबों का सेट 2935 रुपये, तीसरी कक्षा की 3440 रुपये, चौथी कक्षा की 3574 रुपये और 7वीं और आठवीं कक्षा का सेट 5160 रुपये में दिया जा रहा है। यह सरासर शिक्षा के नाम पर ठगी है। इस मौके पर सुभाष, सुनील, धर्मबीर, अनिल गोयल, संजीव हुड्डा, राजेश, संदीप, ब्रह्मजीत, चांद सिंह और सुरेंद्र मौजूद रहे।
अभिभावकों की ये हैं प्रमुख चार मांगें
1. स्कूल अपनी मनमानी फीस वसूलना बंद करे।
2. एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करे।
3. छात्रों और अभिभावकों का शोषण बंद करे।
4. स्कूल में वर्दी की दुकानदारी बंद करे।
डीईओ पर आरोप : नहीं कर रहीं सुनवाई
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि इस मामले में डीईओ सुनवाई नहीं कर रहीं हैं। उनका कहना है कि यह सीबीएसई से संबद्ध स्कूल है।
प्रबंधन ने कहा, ड्रेस अनिवार्य नहीं: डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी सत्यवती नांदल ने बताया कि उनके पास अभिभावक एमडीएन स्कूल की समस्या को लेकर आए थे। इस मामले में अगले दिन ही स्कूल प्रबंधन को पिछले तीन साल का रिकॉर्ड लेकर बुलाया गया है। प्रबंधन ने कहा कि वे अभिभावकों के साथ बैठक करेंगे और उन्हें संतुष्ट किया जाएगा। स्कूल से ड्रेस लेना अनिवार्य नहीं है, अभिभावक चाहें तो किसी और जगह से ले सकते हैं।