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वैश्य संस्था : फर्जीवाड़े में पूर्व प्रधान समेत तीन को नोटिस जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 29 Apr 2016 02:19 AM IST
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वैश्य संस्था
- फोटो : file photo
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वैश्य संस्था में 8 साल पहले महात्मा गांधी और लाला लाजपत राय फंड के नाम पर हुए फर्जीवाड़े में अब कार्रवाई शुरू हो गई है। संस्था में भ्रष्टाचार के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। अब स्थानीय स्तर पर संस्था के प्रशासक और डीसी ने पूर्व प्रधान जीवनराम गोयल, पूर्व मैनेजर पदम जैन और पूर्व प्राचार्य के. के. गर्ग समेत तीन पूर्व पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा है। जवाब नहीं देने पर कॉलेजियम और आजीवन सदस्यता खत्म कर दी जाएगी।
यूं हुआ फर्जीवाड़ा
दरअसल, 8 साल पहले उस समय की गवर्निंग बॉडी ने महात्मा गांधी और लाला लाजपत राय फंड के नाम पर बैंक में खाते खोले थे। इसमें गोपनीय तरीके से लाखों रुपये का ट्रांजक्शन किया गया था। आरोप है कि उस समय गवर्निंग बॉडी के प्रधान, मैनेजर और कॉलेज के प्राचार्य ने मिलकर जो डोनेशन लिया था, उसका न कोई रिकार्ड रखा गया और न ही ऑडिट कराया गया।
2009 में कार्यकाल खत्म होने के बाद दोनों खातों में ट्रांजक्शन बंद हो गया। मामला सामने आने के बाद जनवरी में विजिलेंस ने भी 55 गवाह के बयान दर्ज कर संस्था के प्रशासक व डीसी को रिपोर्ट सौंपी। सामने आया था कि बैंक में खाते खुलवाते समय जरूरी दस्तावेज भी जमा नहीं कराए गए और खाते खोलने के लिए कोई प्रस्ताव भी पास नहीं किया गया। तीनों पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ तत्कालीन डीसी एफआईआर के भी आदेश जारी कर चुके थे, लेकिन मामले को दबा दिया गया। अब डीसी अतुल कुमार ने यह कार्रवाई की है। नोटिस जारी होने के बाद संस्था में एक बार फिर से खलबली मच गई है। सूत्रों की मानें तो कुछ लोग इस मामले को दोबारा से दबाने की कोशिश में भी लग गए हैं।
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कॉलेजियम सदस्य ने हाईकोई में डाली है याचिका
संस्था में 8 अप्रैल को चुनाव होना था, लेकिन इससे पहले कॉलेजियम सदस्य विनय आर्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी कि पहले संस्था में हुए घोटालों में शामिल सदस्यों की सदस्यता खत्म की जाए। इसके बाद ही संस्था में चुनाव कराया जाए। इस याचिका के कारण चुनाव भी अधर में लटक गए। मामले में अगली सुनवाई तीन मई को होनी है।
यूं बोले संस्था से जुड़े लोग
- संस्था के आगामी चुनाव में प्रधान पद के दावेदार राजेंद्र बंसल का कहना है कि संस्था को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। काफी समय से इसकी मांग की जा रही थी।
- कॉलेजियम सदस्य विनय आर्य का कहना है कि संस्था की नींव महात्मा गांधी ने रखी थी। लोगों से चंदा देकर संस्था को खड़ा किया, लेकिन अब कुछ लोग खुद का स्वार्थ पूरा करने के लिए फर्जीवाड़े और घोटाले कर रहे हैं। इनके खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
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यूं हुआ फर्जीवाड़ा
दरअसल, 8 साल पहले उस समय की गवर्निंग बॉडी ने महात्मा गांधी और लाला लाजपत राय फंड के नाम पर बैंक में खाते खोले थे। इसमें गोपनीय तरीके से लाखों रुपये का ट्रांजक्शन किया गया था। आरोप है कि उस समय गवर्निंग बॉडी के प्रधान, मैनेजर और कॉलेज के प्राचार्य ने मिलकर जो डोनेशन लिया था, उसका न कोई रिकार्ड रखा गया और न ही ऑडिट कराया गया।
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2009 में कार्यकाल खत्म होने के बाद दोनों खातों में ट्रांजक्शन बंद हो गया। मामला सामने आने के बाद जनवरी में विजिलेंस ने भी 55 गवाह के बयान दर्ज कर संस्था के प्रशासक व डीसी को रिपोर्ट सौंपी। सामने आया था कि बैंक में खाते खुलवाते समय जरूरी दस्तावेज भी जमा नहीं कराए गए और खाते खोलने के लिए कोई प्रस्ताव भी पास नहीं किया गया। तीनों पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ तत्कालीन डीसी एफआईआर के भी आदेश जारी कर चुके थे, लेकिन मामले को दबा दिया गया। अब डीसी अतुल कुमार ने यह कार्रवाई की है। नोटिस जारी होने के बाद संस्था में एक बार फिर से खलबली मच गई है। सूत्रों की मानें तो कुछ लोग इस मामले को दोबारा से दबाने की कोशिश में भी लग गए हैं।
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कॉलेजियम सदस्य ने हाईकोई में डाली है याचिका
संस्था में 8 अप्रैल को चुनाव होना था, लेकिन इससे पहले कॉलेजियम सदस्य विनय आर्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी कि पहले संस्था में हुए घोटालों में शामिल सदस्यों की सदस्यता खत्म की जाए। इसके बाद ही संस्था में चुनाव कराया जाए। इस याचिका के कारण चुनाव भी अधर में लटक गए। मामले में अगली सुनवाई तीन मई को होनी है।
यूं बोले संस्था से जुड़े लोग
- संस्था के आगामी चुनाव में प्रधान पद के दावेदार राजेंद्र बंसल का कहना है कि संस्था को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। काफी समय से इसकी मांग की जा रही थी।
- कॉलेजियम सदस्य विनय आर्य का कहना है कि संस्था की नींव महात्मा गांधी ने रखी थी। लोगों से चंदा देकर संस्था को खड़ा किया, लेकिन अब कुछ लोग खुद का स्वार्थ पूरा करने के लिए फर्जीवाड़े और घोटाले कर रहे हैं। इनके खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की गई है।