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Rohtak News: नव्या, दीया व चंचल के साथ अठखेलियां करेंगे वीरू, चैतन्य व संजू
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27सीटीके22...इलेक्ट्रिक कार्ट से चिड़ियाघर की यात्रा करते मंत्री राव नरबीर सिंह। स्रोत: संवाद
तिलियार स्थित चिड़ियाघर में अब शेर व बाघ के सात बच्चे एक साथ अठखेलियां करेंगे। सोमवार को कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह रोहतक पहुंचे और सातों बच्चाें का नामकरण किया। सात बच्चों में पांच शेर व दो बाघ के बच्चे हैं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सफेद तोता भी लेकर आएं, जो उन्होंने मॉरिशस की घाटी में देखा था।
चिड़ियाघर में शेरनी सुधा व शेर धीरा कई माह से हैं, उनके दो बच्चे हैं, जिनका नाम वीरू व संजू को रखा गया है, जबकि बाघिन आशा व बाघ सागर के बच्चे का नाम चैतन्य रखा गया है, जबकि तीन मादा शेर को प्रदेश के दूसरे चिड़ियाघरों से लाया गया है। उनका नाम नव्या, दीया व चंचल रखा गया हैं।
वहीं, एक मादा बाघ को हैदराबाद से रोहतक लाया गया है, जिसका नाम अनु रखा गया है। नामकरण के बाद मंत्री ने इलेक्ट्रिक कार्ट में सवार होकर चिड़िया घर में रखे गए पशु-पक्षियों का अवलोकन किया। उन्होंने बारहसिंगा, शतुरमुर्ग, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, घारेल, छोटा कस्तुरी मृग, हिमालयी काला भालू, 22 वर्षीय तेंदुआ, रोसेला तोता, मगरमच्छ, घड़ियाल, कच्छवा, ब्राजील में पाए जाने वाला दुनिया का सबसे छोटा बंदर मार्मोसेट, एशियाई शेर व बाघ के बाड़े का अवलोकन किया। इस अवसर पर वन एवं वन्य प्राणी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग, उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा व डीएफओ सुंदर लाल भी मौजूद रहे।
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10 हजार एकड़ में बनेगी विश्व की सबसे बड़ी जंगल सफारी
उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि छह माह में प्रदेश के अरावली क्षेत्र में 10 हजार एकड़ में जंगल सफारी बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सफारी का शिलान्यास करवाया जाएगा। एनसीआर क्षेत्र में जंगल सफारी स्थापित करना प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों शारजाह में एक हजार एकड़ में स्थापित की गई विश्व की सबसे बड़ी जंगल सफारी का अवलोकन किया है, जो काफी सुंदर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में जंगल सफारी स्थापित करने के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट को साझा किया था। प्रदेश में वन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत काबली कीकर को हटाकर उनके स्थान पर त्रिवेणी या जलवायु अनुकूल पौधे लगाए जाए।
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चिड़ियाघर में शेरनी सुधा व शेर धीरा कई माह से हैं, उनके दो बच्चे हैं, जिनका नाम वीरू व संजू को रखा गया है, जबकि बाघिन आशा व बाघ सागर के बच्चे का नाम चैतन्य रखा गया है, जबकि तीन मादा शेर को प्रदेश के दूसरे चिड़ियाघरों से लाया गया है। उनका नाम नव्या, दीया व चंचल रखा गया हैं।
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वहीं, एक मादा बाघ को हैदराबाद से रोहतक लाया गया है, जिसका नाम अनु रखा गया है। नामकरण के बाद मंत्री ने इलेक्ट्रिक कार्ट में सवार होकर चिड़िया घर में रखे गए पशु-पक्षियों का अवलोकन किया। उन्होंने बारहसिंगा, शतुरमुर्ग, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, घारेल, छोटा कस्तुरी मृग, हिमालयी काला भालू, 22 वर्षीय तेंदुआ, रोसेला तोता, मगरमच्छ, घड़ियाल, कच्छवा, ब्राजील में पाए जाने वाला दुनिया का सबसे छोटा बंदर मार्मोसेट, एशियाई शेर व बाघ के बाड़े का अवलोकन किया। इस अवसर पर वन एवं वन्य प्राणी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग, उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा व डीएफओ सुंदर लाल भी मौजूद रहे।
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10 हजार एकड़ में बनेगी विश्व की सबसे बड़ी जंगल सफारी
उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि छह माह में प्रदेश के अरावली क्षेत्र में 10 हजार एकड़ में जंगल सफारी बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सफारी का शिलान्यास करवाया जाएगा। एनसीआर क्षेत्र में जंगल सफारी स्थापित करना प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों शारजाह में एक हजार एकड़ में स्थापित की गई विश्व की सबसे बड़ी जंगल सफारी का अवलोकन किया है, जो काफी सुंदर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में जंगल सफारी स्थापित करने के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट को साझा किया था। प्रदेश में वन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत काबली कीकर को हटाकर उनके स्थान पर त्रिवेणी या जलवायु अनुकूल पौधे लगाए जाए।

27सीटीके22...इलेक्ट्रिक कार्ट से चिड़ियाघर की यात्रा करते मंत्री राव नरबीर सिंह। स्रोत: संवाद