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आधुनिक तकनीक के प्रयोग से करें शहरी विकास : कुलपति
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16 सुपवा के मिनी सभागार में भारंगम व सारंग महोत्सव की कामयाबी के लिए मेहनत करने वाले स्टाफ का ह
रोहतक। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय में भौगोलिक सूचना प्रणाली पर कार्यशाला के दूसरे दिन आर्किटेक्चर की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्रों को शहरी विकास की योजना तैयार करने में आधुनिक तकनीक का प्रयोग किस तरह से किया जाए सिखाया गया।
कार्यशाला में भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार ने छात्र-छात्रों को जीआईएस के प्रयोग को लेकर जानकारियां दी। कुलपति डॉ. अमित आर्य ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक शहरी विकास के लिए आवश्यक अत्याधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करना है।
डीन अकेडमिक डॉ. अजय कौशिक व योजना एवं वास्तुकला संकाय के एफसी अजय बाहु जोशी ने कहा कि यह कार्यशाला केवल सॉफ्टवेयर सीखने के बारे में नहीं है। यह छात्रों को भौगोलिक डेटा की शक्ति के माध्यम से स्मार्ट और अधिक लचीले शहर डिजाइन करने के लिए सशक्त बनाने के बारे में है। 17 फरवरी को शुरू हुई कार्यशाला का समापन 21 फरवरी को होगा।
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साधारण व्यक्ति ही रचते हैं इतिहास : डॉ आर्य
रोहतक। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय के मिनी ऑडिटोरियम में बुधवार को कुलपति डॉ. अमित आर्य ने शब्दोत्सव, भारंगम व सारंग महोत्सव को सफल बनाने में योगदान देने वाले स्टाफ व छात्रों को सर्टिफिकेट व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कुलपति डॉ. अमित आर्य ने कहा कि साधारण लोग शक्ति के साथ समभाव से कार्य करते हैं तो इतिहास लिख देते हैं। जनवरी-फरवरी माह में हुए तीन बड़े आयोजनों की सफलता के पीछे यही मंत्र नजर आता है। सुपवा परिवार बधाई का पात्र है। इस मौके पर रजिस्ट्रार गुंजन मलिक मनोचा, डॉ. अजय कौशिक, महेश टीपी, विनय कुमार, केशव कुमार उपस्थित रहे। संवाद
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कार्यशाला में भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार ने छात्र-छात्रों को जीआईएस के प्रयोग को लेकर जानकारियां दी। कुलपति डॉ. अमित आर्य ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक शहरी विकास के लिए आवश्यक अत्याधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करना है।
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डीन अकेडमिक डॉ. अजय कौशिक व योजना एवं वास्तुकला संकाय के एफसी अजय बाहु जोशी ने कहा कि यह कार्यशाला केवल सॉफ्टवेयर सीखने के बारे में नहीं है। यह छात्रों को भौगोलिक डेटा की शक्ति के माध्यम से स्मार्ट और अधिक लचीले शहर डिजाइन करने के लिए सशक्त बनाने के बारे में है। 17 फरवरी को शुरू हुई कार्यशाला का समापन 21 फरवरी को होगा।
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साधारण व्यक्ति ही रचते हैं इतिहास : डॉ आर्य
रोहतक। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय के मिनी ऑडिटोरियम में बुधवार को कुलपति डॉ. अमित आर्य ने शब्दोत्सव, भारंगम व सारंग महोत्सव को सफल बनाने में योगदान देने वाले स्टाफ व छात्रों को सर्टिफिकेट व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कुलपति डॉ. अमित आर्य ने कहा कि साधारण लोग शक्ति के साथ समभाव से कार्य करते हैं तो इतिहास लिख देते हैं। जनवरी-फरवरी माह में हुए तीन बड़े आयोजनों की सफलता के पीछे यही मंत्र नजर आता है। सुपवा परिवार बधाई का पात्र है। इस मौके पर रजिस्ट्रार गुंजन मलिक मनोचा, डॉ. अजय कौशिक, महेश टीपी, विनय कुमार, केशव कुमार उपस्थित रहे। संवाद

16 सुपवा के मिनी सभागार में भारंगम व सारंग महोत्सव की कामयाबी के लिए मेहनत करने वाले स्टाफ का ह