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नगर निगम के डीएमसी कार्यालय में हुआ हंगामा
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नगर निगम कार्यालय में निगम अधिकारी से बातचीत करते डिप्टी मेयर । संवाद
रोहतक। नगर निगम स्थित डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर हरदीप के कार्यालय में सोमवार को लोगों ने हंगामा कर दिया। एनडीसी, प्रॉपर्टी आईडी आदि के लिए महीनों से चक्कर काट रहे लोग रोष में आ गए। इस दौरान डिप्टी मेयर अनिल कुमार और डीएमसी हरदीप के बीच तीखी बहस हुई। आखिर में ज्वाइंट कमिश्नर सुरेश कुमार आए और आश्वासन दिया कि दस दिन में सारी पेंडेंसी खत्म हो जाएगी फिर कोई समस्या नहीं आएगी।
लोग पिछले काफी समय से प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कामकाज को लेकर परेशान थे। एनडीसी और प्रॉपर्टी आईडी आदि के लिए उन्हें काफी चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कुछ दिन पहले भी लोगों ने निगम के कामकाज पर नाराजगी जताई थी। सोमवार दोपहर फिर वही स्थिति बन गई। डीएमसी कार्यालय में भीड़ जमा थी, लोगों को उनके सवालों के जवाब नहीं मिल रहे थे। वे डिप्टी मेयर अनिल कुमार के पास पहुंचे। वे लोगों को लेकर डीएमसी कार्यालय में गए। डिप्टी मेयर ने एक फाइल मांगी तो डीएमसी बोले अभी यहां नहीं है। उनका चपरासी किसी काम से गया है, लौटते ही फाइल मंगवा देंगे। इसी बीच दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
इस दौरान लोगों ने डीएमसी पर गंभीर आरोप भी लगाए। डिप्टी मेयर अनिल कुमार ने कहा कि डीएमसी हरदीप के पास लोगों की समस्याओं का कोई हल नहीं था। मेरे पूछने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कुछ देर ऐसे ही बहस चली, फिर इसकी सूचना पाकर ज्वाइंट कमिश्नर सुरेश कुमार वहां पहुंच गए। उन्होंने डिप्टी मेयर समेत सभी लोगों को आश्वासन दिया कि दस दिन में सब कुछ ऑनलाइन हो जाएगा, उसके बाद कोई समस्या नहीं आएगी। तब लोग शांत हुए। उधर, डीएमसी हरदीप ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप गलत हैं, वे तो छुट्टियों में भी काम कर रहे हैं।
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लोग पिछले काफी समय से प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कामकाज को लेकर परेशान थे। एनडीसी और प्रॉपर्टी आईडी आदि के लिए उन्हें काफी चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कुछ दिन पहले भी लोगों ने निगम के कामकाज पर नाराजगी जताई थी। सोमवार दोपहर फिर वही स्थिति बन गई। डीएमसी कार्यालय में भीड़ जमा थी, लोगों को उनके सवालों के जवाब नहीं मिल रहे थे। वे डिप्टी मेयर अनिल कुमार के पास पहुंचे। वे लोगों को लेकर डीएमसी कार्यालय में गए। डिप्टी मेयर ने एक फाइल मांगी तो डीएमसी बोले अभी यहां नहीं है। उनका चपरासी किसी काम से गया है, लौटते ही फाइल मंगवा देंगे। इसी बीच दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
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इस दौरान लोगों ने डीएमसी पर गंभीर आरोप भी लगाए। डिप्टी मेयर अनिल कुमार ने कहा कि डीएमसी हरदीप के पास लोगों की समस्याओं का कोई हल नहीं था। मेरे पूछने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कुछ देर ऐसे ही बहस चली, फिर इसकी सूचना पाकर ज्वाइंट कमिश्नर सुरेश कुमार वहां पहुंच गए। उन्होंने डिप्टी मेयर समेत सभी लोगों को आश्वासन दिया कि दस दिन में सब कुछ ऑनलाइन हो जाएगा, उसके बाद कोई समस्या नहीं आएगी। तब लोग शांत हुए। उधर, डीएमसी हरदीप ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप गलत हैं, वे तो छुट्टियों में भी काम कर रहे हैं।
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