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Rohtak News: पेंशन योजना के तहत पेड़ों का सर्वे कर मुख्यालय भेजी जाएगी रिपोर्ट

Mon, 11 Aug 2025 12:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Mon, 11 Aug 2025 12:25 AM IST
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Under the pension scheme, a survey of trees will be done and a report will be sent to the headquarters
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। वन एवं वन्य जीव विभाग की ओर से प्राणवायु देवता वृक्ष पेंशन योजना के तहत नए वृक्षों का चयन करने को 190 आवेदन मिले हैं। इनमें पिछले वर्ष पेंशन से वंचित रहे वृक्ष भी शामिल हैं। कमेटी ने सर्वे शुरू कर दिया है। वृक्षों के सत्यापन के बाद वृक्षों की सूची के साथ रिपोर्ट वन विभाग निदेशालय को भेज दिया जाएगा।
निदेशालय में तय होगा कि किन वृक्षों को पेंशन मिलनी है। इस योजना के अंतर्गत 75 साल पुराने पेड़ों को सालाना 3 हजार रुपये पेंशन प्रदान की जाती है। वर्ष 2023 में प्राणवायु देवता पेंशन योजना शुरू की गई थी।
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इसके तहत पहले ही राज्य भर में 3819 चयनित प्राणवायु देवता वृक्षों को पेंशन दी जा रही है। रेवाड़ी जिले में 612 पेड़ शामिल हैं। आवेदन में स्थानीय पेड़ ही शामिल किए गए हैं। इनमें खेजड़ी, जांटी-जंड, रोहिड़ा, धोक, जाल, कैर, इंदर जौक, नीम, फ्रास, बरगद, पीपल, अमलतास, खिरन, देशी बेरी व गुलर शामिल हैं।
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जो पेड़ फसल में शामिल हैं, वे पेंशन के पात्र नहीं होंगे। सफेदा, पॉपुलर, बकैण, शहतुत, आम, मस्कटव अलंथस (कड़वा नीम) योजना में शामिल नहीं है।


सर्वे में देखेंगे पेड़ों की वास्तविकता

वन विभाग की ओर से गठित की गई कमेटी पेड़ों का सर्वे कर रही है। इसमें यह देखा जा रहा है कि जो पेड़ आवेदन में शामिल किए गए हैं, क्या वास्तव में उनकी उम्र सही है। पेड़ों का सर्वे करने में पेड़ों की मोटाई को आधार मानकर आयु का आंकलन किया जाता है। यह सर्वे पूरा होने पर ही विभाग की तरफ से रिपोर्ट मुख्यालय में भेजी जाएगी। मुख्यालय में ही पेड़ पेंशन के लिए चयनित किए जाएंगे। योजना के अंतर्गत पंचायत भूमि, सार्वजनिक भूमि, निजी भूमि, सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं की भूमि, आबादी क्षेत्रों में 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए वृक्षों को (पूर्व में चयनित वृक्षों को छोड़कर) शामिल किया जाएगा। पेड़ों को मिलने वाली राशि संबंधित भू-स्वामी या संस्था को दी जाएगी, जिसकी जमीन पर वृक्ष खड़ा है। यह पेंशन राशि प्राणवायु देवता वृक्ष की देखरेख व सुरक्षा पर खर्च की जाएगी तथा इस पेंशन राशि से बुढ़ापा पेंशन राशि की तर्ज पर समय-समय पर बढ़ोतरी की जाएगी।



वर्जन:
जिले में पहले जिन पेड़ों को पेंशन मिल रही हैं, उनमें पीपल, बरगद व जांटी के ज्यादा शामिल हैं। 190 आवेदन मिले हैं जिनमें पिछले साल वंचित रह गए पेड़ और नए पेड़ शामिल रहे हैं।-जितेंद्र सिंह, रेंजर, रेवाड़ी रेंज, वन विभाग।
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