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हिसार से दो साल पहले रजिस्टर्ड बोगस फर्म ने किया 10 करोड़ का फर्जीवाड़ा
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मयंक तिवारी
रोहतक। सेंट्रल जीएसटी की एंटी विजन टीम ने हिसार के सेक्टर 14 से रजिस्टर्ड बोगस फर्म से 10 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़ा का खुलासा किया है। इस फर्म ने 58 करोड़ रुपये की बिलिंग करके 18 प्रतिशत की दर से लगभग दस करोड़ का सीजीएसटी टैक्स चोरी की है। विभाग की ओर से इस फर्म से लेने-देन करने वाली फर्मों पर शिकंजा कसने के लिए उनके संबधित अधिकारियों को पत्र लिख कर टैक्स चोरी की रिकवरी व एक्ट के हिसाब से कार्रवाई करने को कहा है।
करीब दो साल पहले एक व्यक्ति ने फर्जी रेंट एग्रीमेंट के आधार पर श्री इंटर प्राइजेज के नाम पर फर्म का रजिस्ट्रेशन कराया था। करीब साल भर तक इस फर्म के संचालक की ओर से सीजीएसटी रिटर्न भरा जाता था। जिसमें इस फर्म ने 58 करोड़ रुपये की बिलिंग दिखाई है। यह बिलिंग सिरसा, भिवानी, सोनीपत, गुजरात, महाराष्ट्र व पंजाब की फर्म से लेन-देन कर की गई है। वर्तमान में इस फर्म का रिटर्न शून्य है। जिसके बाद एंटी विजन की टीम की ओर से हुई जांच में पाया गया कि फर्म तो मौके पर मौजूद नहीं है। सेंट्रल जीएसटी आयुक्त की ओर से पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र की फर्मों को उनके क्षेत्राधिकार में आने वाले अधिकारियों को पत्र लिख कर इसकी जानकारी दी है। साथ ही उनसे टैक्स वसूलने और एक्ट के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है।
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सिरसा व हिसार की बोगस फर्म से भी जुड़े हैं तार
विभाग को जांच के दौरान पता चला है कि श्री इंटर प्राइजेज की ओर से जिन फर्मों से लेन-देन हुआ है। उसमें हिसार व सिरसा की ऐसी फर्म शामिल हैं जो विभाग के निशाने पर पहले से ही हैं। विभाग की ओर से कुछ फर्म पर पहले से ही कार्रवाई की जा चुकी है।
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जिस मकान पर फर्जी रेंट एग्रीमेंट, मकान मालिक ने कभी उसे किराये पर दिया ही नहीं
सेंट्रल जीएसटी की एंटी विजन टीम ने जांच में पाया है श्री इंटर प्राइजेज ने जिस मकान नंबर पर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है। उसके मकान मालिक ने कभी मकान किराये पर दिया ही नहीं है। किसी छात्र ने छह माह के लिए एक कमरा किराये पर जरूर लिया था। लेकिन उसके साथ कोई करार ही नहीं हुआ था।
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जिस पेन नंबर पर रजिस्ट्रेशन, उसी नंबर पर लुधियाना में पहले हो चुका है फर्जीवाड़ा
सीजीएसटी के एंटी विजन टीम को जांच के दौरान पता चला है कि जिस पेन नंबर पर हिसार में इस बोगस फर्म का रजिस्ट्रेशन हुआ है। उसी पेन नंबर से लुधियाना में भी बोगस फर्म का रजिस्ट्रेशन पकड़ा जा चुका है।
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श्री इंटर प्राइजेज फर्म की ओर से अब तक करीब 10 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़ा सामने आ चुका है। इससे लेन-देन करने वाली फर्मों पर कार्रवाई की जा रही है।
-सचिन अहलावत, उपायुक्त, सेंट्रल जीएसटी रोहतक
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हिसार से पंजीकृत बोगस फर्म से लेन-देन करने वाली फर्म पर शिकंजा कसने के लिए संबधित विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। सबसे पहला लक्ष्य टैक्स चोरी की रकम की बरामदगी है।
-विजय मोहन जैन, आयुक्त, सेंटल जीएसटी, रोहतक
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रोहतक। सेंट्रल जीएसटी की एंटी विजन टीम ने हिसार के सेक्टर 14 से रजिस्टर्ड बोगस फर्म से 10 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़ा का खुलासा किया है। इस फर्म ने 58 करोड़ रुपये की बिलिंग करके 18 प्रतिशत की दर से लगभग दस करोड़ का सीजीएसटी टैक्स चोरी की है। विभाग की ओर से इस फर्म से लेने-देन करने वाली फर्मों पर शिकंजा कसने के लिए उनके संबधित अधिकारियों को पत्र लिख कर टैक्स चोरी की रिकवरी व एक्ट के हिसाब से कार्रवाई करने को कहा है।
करीब दो साल पहले एक व्यक्ति ने फर्जी रेंट एग्रीमेंट के आधार पर श्री इंटर प्राइजेज के नाम पर फर्म का रजिस्ट्रेशन कराया था। करीब साल भर तक इस फर्म के संचालक की ओर से सीजीएसटी रिटर्न भरा जाता था। जिसमें इस फर्म ने 58 करोड़ रुपये की बिलिंग दिखाई है। यह बिलिंग सिरसा, भिवानी, सोनीपत, गुजरात, महाराष्ट्र व पंजाब की फर्म से लेन-देन कर की गई है। वर्तमान में इस फर्म का रिटर्न शून्य है। जिसके बाद एंटी विजन की टीम की ओर से हुई जांच में पाया गया कि फर्म तो मौके पर मौजूद नहीं है। सेंट्रल जीएसटी आयुक्त की ओर से पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र की फर्मों को उनके क्षेत्राधिकार में आने वाले अधिकारियों को पत्र लिख कर इसकी जानकारी दी है। साथ ही उनसे टैक्स वसूलने और एक्ट के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है।
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सिरसा व हिसार की बोगस फर्म से भी जुड़े हैं तार
विभाग को जांच के दौरान पता चला है कि श्री इंटर प्राइजेज की ओर से जिन फर्मों से लेन-देन हुआ है। उसमें हिसार व सिरसा की ऐसी फर्म शामिल हैं जो विभाग के निशाने पर पहले से ही हैं। विभाग की ओर से कुछ फर्म पर पहले से ही कार्रवाई की जा चुकी है।
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जिस मकान पर फर्जी रेंट एग्रीमेंट, मकान मालिक ने कभी उसे किराये पर दिया ही नहीं
सेंट्रल जीएसटी की एंटी विजन टीम ने जांच में पाया है श्री इंटर प्राइजेज ने जिस मकान नंबर पर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है। उसके मकान मालिक ने कभी मकान किराये पर दिया ही नहीं है। किसी छात्र ने छह माह के लिए एक कमरा किराये पर जरूर लिया था। लेकिन उसके साथ कोई करार ही नहीं हुआ था।
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जिस पेन नंबर पर रजिस्ट्रेशन, उसी नंबर पर लुधियाना में पहले हो चुका है फर्जीवाड़ा
सीजीएसटी के एंटी विजन टीम को जांच के दौरान पता चला है कि जिस पेन नंबर पर हिसार में इस बोगस फर्म का रजिस्ट्रेशन हुआ है। उसी पेन नंबर से लुधियाना में भी बोगस फर्म का रजिस्ट्रेशन पकड़ा जा चुका है।
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श्री इंटर प्राइजेज फर्म की ओर से अब तक करीब 10 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़ा सामने आ चुका है। इससे लेन-देन करने वाली फर्मों पर कार्रवाई की जा रही है।
-सचिन अहलावत, उपायुक्त, सेंट्रल जीएसटी रोहतक
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हिसार से पंजीकृत बोगस फर्म से लेन-देन करने वाली फर्म पर शिकंजा कसने के लिए संबधित विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। सबसे पहला लक्ष्य टैक्स चोरी की रकम की बरामदगी है।
-विजय मोहन जैन, आयुक्त, सेंटल जीएसटी, रोहतक