फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   two files 24 officer

दो फाइलों को तलाशने में जुटे 24 अधिकारी

Fri, 25 Sep 2015 02:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Fri, 25 Sep 2015 02:36 AM IST
विज्ञापन
नगर निगम में गुम दो फाइलों को तलाशने के लिए 24 अधिकारियों को लगाया गया है। इन अधिकारियों की तैनाती सीएम ऑफिस से फाइलों को लेकर पत्र जारी करके जवाब मांगने के बाद हुई है। ठेकेदार ने इस संबंध में सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई थी। अब खुद ठेकेदार को इंतजार है कि उसे कब तक फाइल के बारे में जानकारी दी जाती है। इसके साथ ही उसकी ओर से करवाए गए काम का भुगतान कब तक होगा।
विज्ञापन

गौरतलब है कि काठ मंडी में रहने वाले रवि राठी नगर निगम के ठेकेदार हैं। उन्होंने निगम से ठेका मिलने पर वार्ड नंबर-6 में छोटूराम स्टेडियम में शौचालय का जीर्णोद्धार और वार्ड नंबर-5 में पुलिस लाइन मैदान में पेंटिंग व अन्य कार्य कराए थे। ये दोनों काम पूरे होने पर रवि ने निगम में मैटीरियल और लेबर के बिल देने के लिए दोनों फाइलें जमा कराईं। फाइलें एक्सईएन ब्रांच से तत्कालीन ज्वाइंट कमिश्नर को 19 मई को भेज दी गईं थीं। इसके बावजूद रवि को रुपये नहीं मिल सके, जबकि उसके पिता हरिकिशन राठी कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। रवि ने सीएम विंडो पर शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिर से सीएम विंडो के अलावा सीएम ऑफिस में सीधी शिकायत की गई, जिस पर संज्ञान लेते हुए वहां से निगम अधिकारियों से फाइलों के बारे में जानकारी मांगी गई। सीएम ऑफिस से पत्र जारी होने के बाद से निगम में हड़कंप मचा है। अब हालात यह है कि उन दो फाइलों को तलाशने में 24 अधिकारी लगे हुए हैं। वह किसी भी तरह से फाइलों का पता लगाना चाहते हैं, जिससे सीएम ऑफिस को जवाब भेजा जा सके। नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर दलबीर सिंह फौगाट ने बताया कि उन फाइलों के बारे में जानकारी मांगी गई है और उनका निस्तारण भी कर दिया जाएगा।
विज्ञापन


2007 तक की फाइल भी पेंडिंग
ज्वाइंट कमिश्नर दलबीर सिंह फौगाट के अनुसार नगर निगम में आठ साल पहले हुए विकास कार्यों की ठेकेदारों की फाइल भी पड़ी हुई है। उस समय नगर पालिका की जगह नगर परिषद काम करती थी। उस समय काम करने वालों को भुगतान किया गया है या नहीं, यह अब कैसे देखा जाएगा। इस समय यही सबसे बड़ी समस्या है, क्योंकि उस समय के कार्यों का सत्यापन नहीं किया जा सकता है। इस कारण ही पुरानी पेंडिंग पड़ी फाइलों का निस्तारण करना निगम अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed