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पुलिस की वर्दी की आड़ लेकर की जा रही तस्करी

Wed, 31 Jul 2019 02:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2019 02:42 AM IST
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Trafficking under the guise of police uniform
दिल्ली से प्रदेश में नशीले पदार्थों की तस्क री करने वाले गिरोह ने पुलिस से बचने को नया तरीका निकाला हुआ है। जिस गाड़ी में दिल्ली या फिर पंजाब से तस्करी कर स्मैक, गाजा या फिर अन्य नशीले पदार्थों को लाया जाता है, उसमें हरियाणा पुलिस की दो वर्दी टंगी होती है, यदि पुलिसकर्मी तलाशी लेने के लिए गाड़ी चेक करते हैं तो वर्दी दिखाकर स्टाफ बता निकल जाते हैं। यह खुलासा सीआईए-3 की पकड़ में आए तीन गुर्गों ने बताया।
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बता दें कि सीआईए-3 प्रभारी ललित कुमार यादव की टीम ने आईएमटी चौक खेड़ी साध के पास से कार को कब्जे में लिया था। कार से 33 किलो गांजा बरामद किया गया था, जिसकी कीमत तीन लाख से अधिक थी। कार से उत्तर प्रदेश के एटा के लडासिया के रहने वाले भीम सिंह, मैनपुरी के रहने वाले दानवीर सिंह और दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले अशोक कुमार को गिरफ्तार किया गया था।
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सीआईए-3 के सूत्रों के अनुसार तीनों आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उन्हें मोबाइल पर ही रोहतक के अलावा सोनीपत, पानीपत, झज्जर, कैथल, सिरसा, कुरुक्षेत्र और अन्य स्थानों के लिए आर्डर मिलता था। इसके बाद दिल्ली या फिर पंजाब से मादक पदार्थ खरीदकर वह बताए गए स्थान पर पहुंचते थे। गाड़ी में हरियाणा पुलिस के सिपाही और एएसआई की वर्दी रखते थे। यदि पुलिस चेकिंग के लिए कार को रुकवाती थी तो वर्दी दिखाकर निकल जाते थे।
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जांच में सामने आया है कि गिरोह में यूपी के अलावा दिल्ली के भी गुर्गे शामिल हैं। फरार गुर्गों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। जल्द ही फरार गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- ललित कुमार यादव, सीआईए-3, प्रभारी
डीएसपी और एसपी के नंबर रखते थे सेव
गिरोह के गुर्गों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि पुलिस को चकमा देने के लिए करीब दो साल पूर्व ही वर्दी को दिल्ली के राजीव चौक से खरीदा गया था। इसके अलावा गिरोह के गुर्गों के नंबर एसएचओ से लेकर डीएसपी और एसपी के नाम से सेव रखते थे। चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर पुलिसकर्मियों को यह कहकर कि डीएसपी या फिर अपने साहब से बात कराए क्या?

कई बार दूल्हे की तरह सजवाकर लाई गई गाड़ी में की तस्करी
गिरोह के गुर्गों ने खुलासा किया कि कई बार गिरोह के गुर्गे दिल्ली से ही कार को दूल्हे की गाड़ी की तरह सजवाकर लाते थे। जिसमें गांजा भरा रहता था। जिसे हरियाणा और यूपी में भी सप्लाई किया जाता था। पुलिस दूल्हे की कार समझकर उसे नहीं रुकवाती थी।
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