फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Traders in the district are worried about the increasing number of arson incidents in the market.

Rohtak News: जिले के बाजार में बढ़ती आगजनी से व्यापारी परेशान

Tue, 20 Jan 2026 12:43 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jan 2026 12:43 AM IST
विज्ञापन
Traders in the district are worried about the increasing number of arson incidents in the market.
19जेएनडी14: वेद प्रकाश सिंगल
जींद। जिले के बाजार में लगातार सामने आ रही आग लगने की घटनाओं ने व्यापारी वर्ग की चिंता बढ़ा दी है। कभी शॉर्ट सर्किट तो कभी मामूली चिंगारी के कारण दुकानों और गोदामों में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो रहा है।
विज्ञापन

इन घटनाओं का सबसे ज्यादा असर छोटे और मध्यम व्यापारियों पर पड़ रहा है जिनकी वर्षों की मेहनत और जमा पूंजी कुछ ही घंटों में खत्म हो जाती है। व्यापारियों का कहना है कि आग लगने की एक घटना कई परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा कर देती है। पीड़ित व्यापारी न केवल भारी आर्थिक नुकसान झेलता है, बल्कि मानसिक तनाव और कर्ज के बोझ में भी दब जाता है।
विज्ञापन

अधिकांश मामलों में सबसे बड़ी समस्या नुकसान की भरपाई न हो पाना है। छोटे दुकानदार सीमित पूंजी के सहारे कारोबार करते हैं और महंगा बीमा प्रीमियम उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन जाता है इसी कारण वे बीमा नहीं करा पाते। व्यापारी संगठन यह भी मानते हैं कि हर घटना के लिए दुकानदार को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाजारों में जर्जर बिजली लाइनें, पुराने ट्रांसफॉर्मर, संकरी गलियां और अग्निशमन संसाधनों की कमी जैसे कारण आगजनी की आशंका को बढ़ाते हैं। इसके बावजूद हादसे के बाद नुकसान का पूरा भार व्यापारी पर ही आ जाता है। -वेद प्रकाश सिंगल

लगातार हो रही आगजनी का असर बाजार की रौनक और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है। कई व्यापारी नुकसान के बाद दोबारा दुकान शुरू करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते जिससे रोजगार के अवसर घटते हैं और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। -सतीश गोयल
---------------
व्यापारियों ने मांग की है कि आगजनी, प्राकृतिक आपदा या अन्य आकस्मिक घटनाओं में दुकानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए एक स्थायी राहत नीति बनाई जाए। इस नीति के तहत नुकसान का निष्पक्ष आकलन कर पीड़ित व्यापारी को समय पर मुआवजा दिया जाए। साथ ही व्यापार आयोग को अधिक अधिकार देकर राहत प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने की भी जरूरत बताई जा रही है।

- मनीष गर्ग
-----------

बाजारों में पर्याप्त अग्निशमन यंत्र, बिजली ढांचे का सुधार और नियमित सुरक्षा जांच को अनिवार्य करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।-सक्षम मितल

19जेएनडी14: वेद प्रकाश सिंगल

19जेएनडी14: वेद प्रकाश सिंगल

19जेएनडी14: वेद प्रकाश सिंगल

19जेएनडी14: वेद प्रकाश सिंगल

19जेएनडी14: वेद प्रकाश सिंगल

19जेएनडी14: वेद प्रकाश सिंगल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article