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Rohtak News: इनेलो की सम्मान रैली में आज सिर्फ हुड्डा ही होंगे निशाने पर
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20. रोहतक की नई अनाज मंडी में ताऊ देवीलाल की जयंती पर होने वाली इनेलो की प्रदेशस्तरीय रैली की त
विजेंद्र कौशिक
रोहतक। ताऊ देवीलाल की 112वीं जयंती पर इनेलो की वीरवार को नई अनाज मंडी की सम्मान रैली में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को ही निशाने पर लेने के कयास हैं। हुड्डा की जनशक्ति में सेंध लगाकर इनेलो नेता अभय चौटाला खुद को जाटलैंड का सरदार सिद्ध करना चाहते हैं। इनका दूसरा लक्ष्य जजपा से बड़ी लकीर खींचना हैै।
इनेलो की यह सम्मान रैली अभय चौटाला की सियासत का रुख तय करेगी। इसी कारण रैली में आने के लिए विभिन्न जिलों में सैकड़ों बसें लगाते हुए तगड़े इंतजाम किए गए हैं। पार्टी ने ढाई लाख लोगों के आने का दावा करते हुए तीन पंडाल लगाए हैं। 25 हजार से अधिक लोगों के लिए गद्दे भी बिछवाए गए हैं।
यह सियासी जंग जाट लैंड का सरदार बनने की है। दरअसल, सूबे की सियासी राजधानी रोहतक ही ताऊ की कर्मभूमि है। 80 के दशक में ताऊ ने महम विधानसभा सीट से जीत की हैट्रिक लगाई थी। 1989 में रोहतक लोकसभा जीते। 2004 में हसनगढ़ व महम पर भी फतेह पाई थी।
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ताऊ की जाट लैंड पर तगड़ी पकड़ थी। बाद में सियासत का पहिया दूसरी ओर मुड़ गया। फिर वर्ष 2009, 2014, 2019 व 2024 के विधानसभा चुनावों में पार्टी का रोहतक में खाता तक नहीं खुला। 1999 के बाद रोहतक लोकसभा भी सीट फिसली तो फिर न मिल सकी।
इनेलो के प्रधान महासचिव अभय चौटाला पुराने लोगों को जोड़कर स्वर्णिम दौर की वापसी के लिए पसीना बहा रहे हैं। उन्हें पता है कि यह काम आसान नहीं है। फिर भी, पखवाड़ेभर से रोहतक और आसपास के जिलों में घर-घर जाकर पुराने लोगों को जोड़ने में सफल रहे हैं।
वे जिला परिषद के वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा, मंजीत कन्हेली, जिला पार्षद धीरज मलिक को पार्टी से जोड़कर कांग्रेस में सेंध लगा चुके हैं। जजपा नेता सतीश दलाल भी उनके साथ आ चुके हैं। इस कारण भी रैली की हलचल पूरे प्रदेश में है। सबकी निगाहें भी इधर ही टिकी हैं।
पार्टी को रोहतक, सोनीपत, जींद, झज्जर, हिसार जैसे जिलों से अधिक समर्थकों के आने की उम्मीद है। यहां प्रचार भी खूब किया गया है। सिरसा तो इनेलो का गढ़ ही रहा है। वहां से भी बड़ी तादात में लोगों के जुटने की संभावना है।
इनेलो नेता लगातार कांग्रेस और उससे कहीं ज्यादा हुड्डा परिवार पर हमलावर हैं। वे हुड्डा को भाजपा की सरकार बनवाने के लिए जिम्मेदार बताते हैं। सियासी हमलों के पीछे मूल वजह जाट वोट बैंक है, जिसे हासिल करने के लिए अभय चौटाला दिन-रात एक किए हुए हैं।
इनेलो नेताओं की ओर से सत्तारूढ़ भाजपा और सरकार पर हमले अपेक्षाकृत कम बोले जा रहे हैं। इसी कारण कांग्रेस और पूर्व सीएम हुड्डा उन्हें भाजपा की बी-टीम बताने से नहीं चूक रहे।
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फिल्म अभिनेता संजय दत्त के नाम से भी प्रचार
सोशल मीडिया पर फिल्म अभिनेता संजय दत्त का एक वीडियो वायरल है जिसमें वह रैली में आने के लिए लोगों का आह्वान कर रहे हैं। यह एआई जेनरेटेड है या वास्तविक है, इसे कोई पार्टी का स्थानीय नेता स्पष्ट नहीं कर पा रहा है।
कांग्रेस के पूर्व मंत्री के घर भी गए थे अभय
रोहतक में जनसंपर्क के पहले ही दिन अभय चौटाला ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री स्व. श्रीकृष्ण हुड्डा के बेटे जितेंद्र उर्फ जीता हुड्डा के माॅडल टाउन स्थित घर पहुंचकर साथ आने का ऑफर दिया था। जितेंद्र ने कांग्रेस छोड़ने से इंकार कर दिया। दरअसल, ऐसी खबरें उड़ी थीं कि विधानसभा चुनाव में बरोदा से टिकट नहीं मिलने के कारण वह हुड्डा परिवार से नाराज हैं।
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वीआईपी मंच पर बैठेंगे पूर्व सांसद-विधायक
नई अनाज मंडी में रैली शुरू होने का समय सुबह 11 बजे रखा गया है। रैली स्थल पर दो बड़े स्टेज बनाए गए हैं। मुख्य मंच पर 12 नेताओं के लिए कुर्सियां लगाई गई हैं। इनके पीछे बनाए गए वीआईपी मंच पर पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष व अन्य नेता बैठेंगे। एक तरफ लोकगायकों के लिए भी मंच बनाया गया है। पार्टी के मीडिया प्रभारी राकेश के मुताबिक, 10 एलईडी भी लगवाई जा रही हैं ताकि अपने नेताओं को लोग ठीक से देख-सुन सकें।
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ताऊ की जयंती पर ही इनेलो में पड़ी थी फूट, बनी थी जजपा
ताऊ की 2018 में सोनीपत के गोहाना में 105वीं जयंती पर हुई रैली में इनेलो में फूट पड़ गई थी। रैली में हूटिंग से नाराज अभय चौटाला ने बड़े भाई अजय चौटाला के नेतृत्व में जननायक जनता पार्टी (जजपा) बना ली थी। जजपा ने 2019 के विधानसभा चुनाव में 10 सीटें जीतकर भाजपा संग सरकार बनाई। इसमें दुष्यंत चौटाला डिप्टी सीएम बनाए गए थे। तब, इनेलो 81 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ एक सीट जीत सकी थी। 2024 के विधानसभा चुनाव में इनेलो को दो सीटें मिलीं, जजपा का सफाया हो गया। सियासत के धरातल पर आ गिरी जजपा की लकीर को इनेलो बहुत पीछे छोड़ देना चाहती है।
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रोहतक। ताऊ देवीलाल की 112वीं जयंती पर इनेलो की वीरवार को नई अनाज मंडी की सम्मान रैली में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को ही निशाने पर लेने के कयास हैं। हुड्डा की जनशक्ति में सेंध लगाकर इनेलो नेता अभय चौटाला खुद को जाटलैंड का सरदार सिद्ध करना चाहते हैं। इनका दूसरा लक्ष्य जजपा से बड़ी लकीर खींचना हैै।
इनेलो की यह सम्मान रैली अभय चौटाला की सियासत का रुख तय करेगी। इसी कारण रैली में आने के लिए विभिन्न जिलों में सैकड़ों बसें लगाते हुए तगड़े इंतजाम किए गए हैं। पार्टी ने ढाई लाख लोगों के आने का दावा करते हुए तीन पंडाल लगाए हैं। 25 हजार से अधिक लोगों के लिए गद्दे भी बिछवाए गए हैं।
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यह सियासी जंग जाट लैंड का सरदार बनने की है। दरअसल, सूबे की सियासी राजधानी रोहतक ही ताऊ की कर्मभूमि है। 80 के दशक में ताऊ ने महम विधानसभा सीट से जीत की हैट्रिक लगाई थी। 1989 में रोहतक लोकसभा जीते। 2004 में हसनगढ़ व महम पर भी फतेह पाई थी।
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ताऊ की जाट लैंड पर तगड़ी पकड़ थी। बाद में सियासत का पहिया दूसरी ओर मुड़ गया। फिर वर्ष 2009, 2014, 2019 व 2024 के विधानसभा चुनावों में पार्टी का रोहतक में खाता तक नहीं खुला। 1999 के बाद रोहतक लोकसभा भी सीट फिसली तो फिर न मिल सकी।
इनेलो के प्रधान महासचिव अभय चौटाला पुराने लोगों को जोड़कर स्वर्णिम दौर की वापसी के लिए पसीना बहा रहे हैं। उन्हें पता है कि यह काम आसान नहीं है। फिर भी, पखवाड़ेभर से रोहतक और आसपास के जिलों में घर-घर जाकर पुराने लोगों को जोड़ने में सफल रहे हैं।
वे जिला परिषद के वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा, मंजीत कन्हेली, जिला पार्षद धीरज मलिक को पार्टी से जोड़कर कांग्रेस में सेंध लगा चुके हैं। जजपा नेता सतीश दलाल भी उनके साथ आ चुके हैं। इस कारण भी रैली की हलचल पूरे प्रदेश में है। सबकी निगाहें भी इधर ही टिकी हैं।
पार्टी को रोहतक, सोनीपत, जींद, झज्जर, हिसार जैसे जिलों से अधिक समर्थकों के आने की उम्मीद है। यहां प्रचार भी खूब किया गया है। सिरसा तो इनेलो का गढ़ ही रहा है। वहां से भी बड़ी तादात में लोगों के जुटने की संभावना है।
इनेलो नेता लगातार कांग्रेस और उससे कहीं ज्यादा हुड्डा परिवार पर हमलावर हैं। वे हुड्डा को भाजपा की सरकार बनवाने के लिए जिम्मेदार बताते हैं। सियासी हमलों के पीछे मूल वजह जाट वोट बैंक है, जिसे हासिल करने के लिए अभय चौटाला दिन-रात एक किए हुए हैं।
इनेलो नेताओं की ओर से सत्तारूढ़ भाजपा और सरकार पर हमले अपेक्षाकृत कम बोले जा रहे हैं। इसी कारण कांग्रेस और पूर्व सीएम हुड्डा उन्हें भाजपा की बी-टीम बताने से नहीं चूक रहे।
फिल्म अभिनेता संजय दत्त के नाम से भी प्रचार
सोशल मीडिया पर फिल्म अभिनेता संजय दत्त का एक वीडियो वायरल है जिसमें वह रैली में आने के लिए लोगों का आह्वान कर रहे हैं। यह एआई जेनरेटेड है या वास्तविक है, इसे कोई पार्टी का स्थानीय नेता स्पष्ट नहीं कर पा रहा है।
कांग्रेस के पूर्व मंत्री के घर भी गए थे अभय
रोहतक में जनसंपर्क के पहले ही दिन अभय चौटाला ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री स्व. श्रीकृष्ण हुड्डा के बेटे जितेंद्र उर्फ जीता हुड्डा के माॅडल टाउन स्थित घर पहुंचकर साथ आने का ऑफर दिया था। जितेंद्र ने कांग्रेस छोड़ने से इंकार कर दिया। दरअसल, ऐसी खबरें उड़ी थीं कि विधानसभा चुनाव में बरोदा से टिकट नहीं मिलने के कारण वह हुड्डा परिवार से नाराज हैं।
वीआईपी मंच पर बैठेंगे पूर्व सांसद-विधायक
नई अनाज मंडी में रैली शुरू होने का समय सुबह 11 बजे रखा गया है। रैली स्थल पर दो बड़े स्टेज बनाए गए हैं। मुख्य मंच पर 12 नेताओं के लिए कुर्सियां लगाई गई हैं। इनके पीछे बनाए गए वीआईपी मंच पर पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष व अन्य नेता बैठेंगे। एक तरफ लोकगायकों के लिए भी मंच बनाया गया है। पार्टी के मीडिया प्रभारी राकेश के मुताबिक, 10 एलईडी भी लगवाई जा रही हैं ताकि अपने नेताओं को लोग ठीक से देख-सुन सकें।
ताऊ की जयंती पर ही इनेलो में पड़ी थी फूट, बनी थी जजपा
ताऊ की 2018 में सोनीपत के गोहाना में 105वीं जयंती पर हुई रैली में इनेलो में फूट पड़ गई थी। रैली में हूटिंग से नाराज अभय चौटाला ने बड़े भाई अजय चौटाला के नेतृत्व में जननायक जनता पार्टी (जजपा) बना ली थी। जजपा ने 2019 के विधानसभा चुनाव में 10 सीटें जीतकर भाजपा संग सरकार बनाई। इसमें दुष्यंत चौटाला डिप्टी सीएम बनाए गए थे। तब, इनेलो 81 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ एक सीट जीत सकी थी। 2024 के विधानसभा चुनाव में इनेलो को दो सीटें मिलीं, जजपा का सफाया हो गया। सियासत के धरातल पर आ गिरी जजपा की लकीर को इनेलो बहुत पीछे छोड़ देना चाहती है।