रोहतक। अभिनेता रणदीप हुड्डा फिल्मों की व्यस्तता के बीच रविवार को जसिया स्थित अपने घर पहुंचे। यहां मां आशा हुड्डा ने बेटे के स्वागत में लहसुन की चटनी, मिस्सी रोटी और चूरमा बनाया। अभिनेता व उनके साथ आई टीम ने यह खाना खाकर कहा, मजा आ गया। बेटे के लिए विशेष तौर पर बनाए चूरमे का स्वाद भी सभी को खूब पसंद आया। चूरमा खाने के लिए टीम ने दोबारा घर आने की बात कही। यह कहना है अभिनेता की मां आशा हुड्डा का। वे रविवार को अमर उजाला से बातचीत कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि रणदीप कई दिनों बाद घर आया। वह करीब तीन घंटे घर रहा। बेटे के साथ फिल्म निर्देशक रणतुंगा व अन्य सदस्य भी घर आए। इन सभी के लिए चटनी रोटी व चूरमा बनाया। बेटे को यह काफी पसंद है, साथ आए मेहमानों को भी यह खाना परोसा। सभी को देसी खाना व चूरमा काफी पसंद आया। बेटे ने परिवार के साथ समय बिताने के अलावा गांव के लोगों से भी मुलाकात की। बड़े बुजुर्गों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना। ग्रामीणों ने भी अपने चहेते अभिनेता व बेटे का जोरदार स्वागत किया। रणदीप ने कहा कि हरियाणवी बोली सबसे ऊपर है। जैसे पहले पंजाबी थी, वैसे ही अब हरियाणवी है। हरियाणवी में दंगल, लाल रंग और भी कई फिल्में बनी हैं। हरियाणवी रैप और हरियाणवी गाने भी खूब प्रसिद्ध हो रहे हैं। हरियाणा के बच्चे आगे आ रहे हैं। उन्हें फिल्मों में काम भी मिल रहा है। मेहनत करने वाला ही सफल होगा। रणदीप हुड्डा एक निजी कार्यक्रम में फिल्म का प्रमोशन करने भी आए थे।