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12 वीं तक पढ़ा विकास चाचा की हत्या का बदला लेने के लिए तीन गिरोहों में हुआ शामिल, सरगनाओं के इशारे पर दो हत्या सहित आठ वारदात को दिया अंजाम
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एसटीएफ टीम की गिरफ्त में मोस्ट वांटेड अपराधी विकास । संवाद न्यूज एजेंसी
50 हजार रुपये के इनामी बदमाश विकास उर्फ मीता उर्फ पहलवान निवासी भदाना जिला सोनीपत ने पूछताछ खुलासा किया कि वह चाचा की हत्या का बदला लेने के लिए ही तीन गैंग में शामिल हुआ था। एसटीएफ रोहतक की टीम ने रविवार शाम सोनीपत के सेक्टर-7 मोड़ स्थित दीवान फ ार्म के पास से उसे गिरफ्तार कर सोमवार को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। इस दौरान आरोपी ने दो हत्या समेत आठ वारदात कुबूलीं।
आरोपी विकास 12वीं तक पढ़ा हुआ है। वर्ष 2010 में विकास के परिवार में किसी सदस्य ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद उस पर आत्महत्या को मजबूर करने की धारा 306 का केस दर्ज हुआ था। इस केस के बाद वर्ष 2016 में चाचा की हत्या हो गई थी। इसके बाद ही विकास ने आपराधिक दुनिया में कदम रखा और शातिर विकास आढ़ती की हत्या करने के लिए लगातार विभिन्न गैंग से जुड़ता रहा और लगातार हत्या व हत्या के प्रयास की वारदात को अंजाम देने लगा। वारदात को अंजाम देने के बाद वह दिल्ली के आउटर एरिया नरेला, द्वारका, बार्डर, पुंडरी टीडीआई फ्लैट्स सहित अन्य आउटर एरिया में ही फरारी काटता था। विकास के रहने की जगह खुद की होती थी व खर्चा गैंग के सदस्य देते थे। पुलिस को शक न हो, इसके लिए वह हमेशा दाढ़ी बढ़ा कर रखता था।
गोहाना निवासी एक आढ़ती की हत्या करने के लिए बदलता रहा चार साल से गैंग
पुलिस पूछताछ में कुख्यात अपराधी विकास उर्फ मीता उर्फ पहलवान ने बताया कि वर्ष 2016 में विकास के चाचा काला बराना की हत्या हुई थी। जिस हत्या की वारदात को अंजाम दिलवाने के पीछे वह आढ़ती को आरोपी समझता है। उसे मारने के लिए विकास ने पहले खुद प्रयास किया, लेकिन विफल रहा। इसके बाद वह सबसे पहले झज्जर की एक गैंग में शामिल हुआ। इस गैंग के कहने पर विकास ने झज्जर निवासी एक युवक की गोली मारकर हत्या की थी। हत्या करने के बाद विकास ने गैंग को आढ़ती की हत्या करने के लिए कहा। 2017 में जब आढ़ती सुनारिया अपने साथियों से मिलने जा रहा था, तब विकास ने साथियों के साथ मिलकर आढ़ती पर जान से मारने की नियत से गोलियां चलाई थी। जिसमें दो-तीन गोलियां उसे लगी थी। जिस दौरान यह गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ गई थी। विकास फरार हो गया था।
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रामकरण गैंग के पकड़े जाने पर राजू बसौदी गैंग में हुआ था शामिल
2017 में झज्जर के उक्त गिरोह के पकड़े जाने के बाद विकास आढ़ती की हत्या करने के लिए रामकरण बहियापुर, सुनील चून गैंग में शामिल हो गया। इस गैंग ने भी विकास का इस्तेमाल किया। विकास ने गैंग के अपराधियों को अपना टारगेट बताया, लेकिन गैंग ने उस टारगेट को पूरा करने से पहले अपना टारगेट पूरा करवाया। गैंग ने विकास का इस्तेमाल कर उससे 10 अक्तूबर, 2017 को गांव मदीना में राकेश उर्फ राका की गोली मारकर हत्या करवाई। इस वारदात के बाद रामकरण गैंग के अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। लेकिन विकास बच निकला। विकास को आढ़ती की हत्या करनी थी। रामकरण गैंग के बाद वह राजू बसौदी गैंग में शामिल हो गया। राजू बसौदी के साथ मिलकर विकास ने 1 फरवरी, 2020 को फरीदाबाद में कैदी वाहन पर गोलियां बरसाकर शातिर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को पुलिस हिरासत से छुड़वाया था। संदीप उर्फ काला जठेरी को पुलिस हिरासत से इसलिए छुड़वाया था क्योंकि आरोपी को आढ़ती की हत्या करवानी थी। आरोपी को राजू बसौदी के गिरफ्तार हो जाने के बाद रोहतक एसटीएफ ने विभिन्न पहलुओं पर काम करते हुए रविवार को विकास को भी गिरफ्तार कर लिया है।
इन आठ मामलों में रहा है विकास पुलिस की पहुंच से दूर
1. 10 अक्तूबर, 2017 में गांव मदीना में राकेश उर्फ राका की गोली मारकर हत्या के मामले में था फरार।
2. 20 नवंबर, 2016 में झज्जर के गांव दादरी तोए में राजेंद्र की गोली मारकर हत्या के मामले में था फरार।
3. मई, 2016 में खरखौदा में सिसाना के चांद की दुकान पर जठेड़ी के युवक को गोली मारकर घायल करने के मामले में था फरार।
4. 20 फ रवरी, 2017 में सुनारिया जेल रोहतक के बाहर गोहाना बुसाना निवासी को गोली मारकर घायल करने के मामले में था फरार।
5. वर्ष 2016 में एमके शॉपिंग माल, रोहिणी दिल्ली के पास गाड़ी में कहासुनी होने पर अपने साथी मोनू निवासी सोनीपत को गोली मारकर घायल करने के मामले में था फरार
6. 1 फ रवरी, 2020 को फ रीदाबाद में कैदी वाहन पर गोलियां बरसाकर शातिर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को पुलिस हिरासत से छुड़वाने के मामले में था फरार।
7. 1 फ रवरी, 2020 में पुलिस मुठभेड़ के बाद गांव पाली फ रीदाबाद से अजीत नाम के व्यक्ति को गोली मारकर उसकी गाड़ी छीनने के मामले में था फरार
8. 1 फ रवरी, 2020 में पुलिस मुठभेड़ में चकमा देकर भाग गया था। जिसमें मुकदमा दर्ज है। इस मामले में भी फरार था।
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आरोपी विकास 12वीं तक पढ़ा हुआ है। वर्ष 2010 में विकास के परिवार में किसी सदस्य ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद उस पर आत्महत्या को मजबूर करने की धारा 306 का केस दर्ज हुआ था। इस केस के बाद वर्ष 2016 में चाचा की हत्या हो गई थी। इसके बाद ही विकास ने आपराधिक दुनिया में कदम रखा और शातिर विकास आढ़ती की हत्या करने के लिए लगातार विभिन्न गैंग से जुड़ता रहा और लगातार हत्या व हत्या के प्रयास की वारदात को अंजाम देने लगा। वारदात को अंजाम देने के बाद वह दिल्ली के आउटर एरिया नरेला, द्वारका, बार्डर, पुंडरी टीडीआई फ्लैट्स सहित अन्य आउटर एरिया में ही फरारी काटता था। विकास के रहने की जगह खुद की होती थी व खर्चा गैंग के सदस्य देते थे। पुलिस को शक न हो, इसके लिए वह हमेशा दाढ़ी बढ़ा कर रखता था।
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गोहाना निवासी एक आढ़ती की हत्या करने के लिए बदलता रहा चार साल से गैंग
पुलिस पूछताछ में कुख्यात अपराधी विकास उर्फ मीता उर्फ पहलवान ने बताया कि वर्ष 2016 में विकास के चाचा काला बराना की हत्या हुई थी। जिस हत्या की वारदात को अंजाम दिलवाने के पीछे वह आढ़ती को आरोपी समझता है। उसे मारने के लिए विकास ने पहले खुद प्रयास किया, लेकिन विफल रहा। इसके बाद वह सबसे पहले झज्जर की एक गैंग में शामिल हुआ। इस गैंग के कहने पर विकास ने झज्जर निवासी एक युवक की गोली मारकर हत्या की थी। हत्या करने के बाद विकास ने गैंग को आढ़ती की हत्या करने के लिए कहा। 2017 में जब आढ़ती सुनारिया अपने साथियों से मिलने जा रहा था, तब विकास ने साथियों के साथ मिलकर आढ़ती पर जान से मारने की नियत से गोलियां चलाई थी। जिसमें दो-तीन गोलियां उसे लगी थी। जिस दौरान यह गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ गई थी। विकास फरार हो गया था।
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रामकरण गैंग के पकड़े जाने पर राजू बसौदी गैंग में हुआ था शामिल
2017 में झज्जर के उक्त गिरोह के पकड़े जाने के बाद विकास आढ़ती की हत्या करने के लिए रामकरण बहियापुर, सुनील चून गैंग में शामिल हो गया। इस गैंग ने भी विकास का इस्तेमाल किया। विकास ने गैंग के अपराधियों को अपना टारगेट बताया, लेकिन गैंग ने उस टारगेट को पूरा करने से पहले अपना टारगेट पूरा करवाया। गैंग ने विकास का इस्तेमाल कर उससे 10 अक्तूबर, 2017 को गांव मदीना में राकेश उर्फ राका की गोली मारकर हत्या करवाई। इस वारदात के बाद रामकरण गैंग के अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। लेकिन विकास बच निकला। विकास को आढ़ती की हत्या करनी थी। रामकरण गैंग के बाद वह राजू बसौदी गैंग में शामिल हो गया। राजू बसौदी के साथ मिलकर विकास ने 1 फरवरी, 2020 को फरीदाबाद में कैदी वाहन पर गोलियां बरसाकर शातिर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को पुलिस हिरासत से छुड़वाया था। संदीप उर्फ काला जठेरी को पुलिस हिरासत से इसलिए छुड़वाया था क्योंकि आरोपी को आढ़ती की हत्या करवानी थी। आरोपी को राजू बसौदी के गिरफ्तार हो जाने के बाद रोहतक एसटीएफ ने विभिन्न पहलुओं पर काम करते हुए रविवार को विकास को भी गिरफ्तार कर लिया है।
इन आठ मामलों में रहा है विकास पुलिस की पहुंच से दूर
1. 10 अक्तूबर, 2017 में गांव मदीना में राकेश उर्फ राका की गोली मारकर हत्या के मामले में था फरार।
2. 20 नवंबर, 2016 में झज्जर के गांव दादरी तोए में राजेंद्र की गोली मारकर हत्या के मामले में था फरार।
3. मई, 2016 में खरखौदा में सिसाना के चांद की दुकान पर जठेड़ी के युवक को गोली मारकर घायल करने के मामले में था फरार।
4. 20 फ रवरी, 2017 में सुनारिया जेल रोहतक के बाहर गोहाना बुसाना निवासी को गोली मारकर घायल करने के मामले में था फरार।
5. वर्ष 2016 में एमके शॉपिंग माल, रोहिणी दिल्ली के पास गाड़ी में कहासुनी होने पर अपने साथी मोनू निवासी सोनीपत को गोली मारकर घायल करने के मामले में था फरार
6. 1 फ रवरी, 2020 को फ रीदाबाद में कैदी वाहन पर गोलियां बरसाकर शातिर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को पुलिस हिरासत से छुड़वाने के मामले में था फरार।
7. 1 फ रवरी, 2020 में पुलिस मुठभेड़ के बाद गांव पाली फ रीदाबाद से अजीत नाम के व्यक्ति को गोली मारकर उसकी गाड़ी छीनने के मामले में था फरार
8. 1 फ रवरी, 2020 में पुलिस मुठभेड़ में चकमा देकर भाग गया था। जिसमें मुकदमा दर्ज है। इस मामले में भी फरार था।