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Rohtak News: स्टाफ की कमी के चलते तीन चालक बहाल, ओवरटाइम भी शुरू
Wed, 31 May 2023 02:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 31 May 2023 02:23 AM IST
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बस के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
रोहतक। रोडवेज विभाग की ओर से एक साथ 94 चालक और 106 परिचालकों का तबादला किए जाने से कुछ रूटों पर परिवहन व्यवस्था बुरी तरह से चरमराई हुई है। व्यवस्था में सुधार के लिए निलंबित चल रहे तीन चालकों को बहाल भी कर दिया और ओवरटाइम भी शुरू कर दिया गया है। फिर भी सांगाहेड़ा, महम, जुलाना व गाेहाना की तरफ ग्रामीण इलाके में जाने वाली बसों का संचालन अभी भी बंद है। अन्य रूटों पर भी यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा के डिपो प्रधान सुरेश नेहरा ने बताया कि ऑनलाइन तबादला नीति के तहत एक दम से 200 चालक व परिचालकों का तबादला करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। जिसके चलते बस स्टैंड पर व्यवस्था बुरी तरह से चरमराई हुई है। मुख्यालय द्वारा यह ट्रांसफर कर तो दिया लेकिन रोहतक डिपो में एक भी कर्मचारी तबादला होकर नहीं आया। जिसके चलते यात्रियों को समय पर बसें न मिलने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जींद, झज्जर, कोसली व हिसार की तरफ जाने वाले रूटों पर 100 से ज्यादा यात्री बस के इंतजार में खड़े रहते हैं। स्टाफ की कमी के चलते यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
अन्य ड्यूटी सहित 306 चालकों की जरूरत, काम पर 240
रोहतक रोडवेज डिपो से 184 बसों का संचालन होता है। जिसमें हर रोज 15 से 20 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। जरूरत के हिसाब से 306 चालकों की जरूरत है, लेकिन विभाग के पास सिर्फ 240 चालक है। इन्हीं 240 चालकों में से कुछ चालकों की ड्यूटी बच्चों की ट्रेनिंग स्कूल में भी लगी हुई है। जिनमें से कुछ बीमार भी चल रहे है। जिसके चलते व्यवस्था ज्यादा चरमराई हुई है।
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12 बैच के चालकों के लिए 40 और 18 बैच के लिए 60 घंटे ओवरटाइम खोला
रोडवेज 2012 बैच के चालक व परिचालकों के लिए 40 से 48 घंटे का ओवरटाइम खोला गया है। लेकिन जो जूनियर चालक व परिचालक यानी 2018 बैच के है उनके लिए 60 घंटे का ओवरटाइम खोला गया है। इन दिए गए ओवरटाइम से ज्यादा घंटे ओवरटाइम नहीं कर सकते, लेकिन इससे कम कर सकते हैं। यह ओवरटाइम इसलिए खोला गया है ताकि व्यवस्था में सुधार आ सके।
ट्रांसफर के चलते स्टाफ की कमी तो हुई है, लेकिन उसके लिए चालक व परिचालकों के लिए ओवरटाइम भी खोल दिया गया है। अन्य तीन चालकों को बहाल भी किया गया है। दो से तीन रूटों पर दिक्कत चल रही है, लेकिन अब किसी भी रूट पर समस्या नहीं आएगी। ओवरटाइम खोलने से व्यवस्था में काफी सुधार आएगा। यात्रियों को किसी भी सूरत में परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
कुलदीप कुमार, चीफ इंस्पेक्टर, रोडवेज डिपो
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रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा के डिपो प्रधान सुरेश नेहरा ने बताया कि ऑनलाइन तबादला नीति के तहत एक दम से 200 चालक व परिचालकों का तबादला करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। जिसके चलते बस स्टैंड पर व्यवस्था बुरी तरह से चरमराई हुई है। मुख्यालय द्वारा यह ट्रांसफर कर तो दिया लेकिन रोहतक डिपो में एक भी कर्मचारी तबादला होकर नहीं आया। जिसके चलते यात्रियों को समय पर बसें न मिलने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जींद, झज्जर, कोसली व हिसार की तरफ जाने वाले रूटों पर 100 से ज्यादा यात्री बस के इंतजार में खड़े रहते हैं। स्टाफ की कमी के चलते यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
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अन्य ड्यूटी सहित 306 चालकों की जरूरत, काम पर 240
रोहतक रोडवेज डिपो से 184 बसों का संचालन होता है। जिसमें हर रोज 15 से 20 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। जरूरत के हिसाब से 306 चालकों की जरूरत है, लेकिन विभाग के पास सिर्फ 240 चालक है। इन्हीं 240 चालकों में से कुछ चालकों की ड्यूटी बच्चों की ट्रेनिंग स्कूल में भी लगी हुई है। जिनमें से कुछ बीमार भी चल रहे है। जिसके चलते व्यवस्था ज्यादा चरमराई हुई है।
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12 बैच के चालकों के लिए 40 और 18 बैच के लिए 60 घंटे ओवरटाइम खोला
रोडवेज 2012 बैच के चालक व परिचालकों के लिए 40 से 48 घंटे का ओवरटाइम खोला गया है। लेकिन जो जूनियर चालक व परिचालक यानी 2018 बैच के है उनके लिए 60 घंटे का ओवरटाइम खोला गया है। इन दिए गए ओवरटाइम से ज्यादा घंटे ओवरटाइम नहीं कर सकते, लेकिन इससे कम कर सकते हैं। यह ओवरटाइम इसलिए खोला गया है ताकि व्यवस्था में सुधार आ सके।
ट्रांसफर के चलते स्टाफ की कमी तो हुई है, लेकिन उसके लिए चालक व परिचालकों के लिए ओवरटाइम भी खोल दिया गया है। अन्य तीन चालकों को बहाल भी किया गया है। दो से तीन रूटों पर दिक्कत चल रही है, लेकिन अब किसी भी रूट पर समस्या नहीं आएगी। ओवरटाइम खोलने से व्यवस्था में काफी सुधार आएगा। यात्रियों को किसी भी सूरत में परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
कुलदीप कुमार, चीफ इंस्पेक्टर, रोडवेज डिपो