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दबाव देकर करवाया समझौता, धमकी भी मिली
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 12 Dec 2015 02:15 AM IST
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स्टेट यूनिवर्सिटी आफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट में शिक्षिका से मानसिक और शारीरिक शोषण मामले में नया मोड़ आ गया।
अब पीड़िता ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने दबाव देकर यह समझौता कराया है। इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी।
थाने में एक महिला अधिवक्ता ने पीड़िता को धमकी दी थी कि इस केस में तुम खुद ही फंस जाओगी।
बता दें कि स्टेट यूनिवर्सिटी में बृहस्पतिवार को महिला शिक्षिका के साथ मानसिक और शारीरिक शोषण का मामला सामने आया था।
पीड़िता ने विभाग के ही एक शिक्षक के खिलाफ थाने में शिकायत की थी। हालांकि दोपहर बाद ही मामले में समझौता हो गया। उस समय लग रहा था कि मामला शांत हो गया, लेकिन शुक्रवार को पीड़िता ने यह कहकर खलबली मचा दी कि कुछ लोगों ने दबाव देकर समझौता नामा लिखवाया है।
थाने में एक महिला अधिवक्ता भी थी, जिसने धमकी दी थी कि इस केस में तुम खुद भी फंस सकती हो। पीड़िता के इस खुलासे के बाद अब फिर से यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया।
दोपहर को जुटे अधिकारी, गुप्त मंत्रणा
शुक्रवार दोपहर यूनिवर्सिटी में अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें उस कमेटी को भी शामिल किया गया जो पिछले चार माह से पीड़िता की पूर्व में की गई शिकायत पर जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो घंटों तक चली इस बैठक में यह मामला ही छाया रहा। हालांकि बैठक के बाद क्या निर्णय लिया गया यह पूरी तरह से गोपनीय रखा गया।
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चार माह में भी केस नहीं जांच सकी कमेटी, अब क्या करेगी
पीड़िता ने करीब चार माह पहले शिकायत की थी। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक कमेटी गठित कर दी। तब से कमेटी अभी तक अपना कोई निर्णय नहीं दे सकी। इसी कारण शुक्रवार को पीड़िता ने अधिकारियों से इस कमेटी को बदलने की मांग की। पीड़िता ने तर्क दिया कि जो इतने लंबे समय में भी जांच नहीं कर सकी वो अब क्या करेगी। इसलिए इस कमेटी को बदला जाए।
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अब पीड़िता ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने दबाव देकर यह समझौता कराया है। इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी।
थाने में एक महिला अधिवक्ता ने पीड़िता को धमकी दी थी कि इस केस में तुम खुद ही फंस जाओगी।
बता दें कि स्टेट यूनिवर्सिटी में बृहस्पतिवार को महिला शिक्षिका के साथ मानसिक और शारीरिक शोषण का मामला सामने आया था।
पीड़िता ने विभाग के ही एक शिक्षक के खिलाफ थाने में शिकायत की थी। हालांकि दोपहर बाद ही मामले में समझौता हो गया। उस समय लग रहा था कि मामला शांत हो गया, लेकिन शुक्रवार को पीड़िता ने यह कहकर खलबली मचा दी कि कुछ लोगों ने दबाव देकर समझौता नामा लिखवाया है।
थाने में एक महिला अधिवक्ता भी थी, जिसने धमकी दी थी कि इस केस में तुम खुद भी फंस सकती हो। पीड़िता के इस खुलासे के बाद अब फिर से यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया।
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दोपहर को जुटे अधिकारी, गुप्त मंत्रणा
शुक्रवार दोपहर यूनिवर्सिटी में अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें उस कमेटी को भी शामिल किया गया जो पिछले चार माह से पीड़िता की पूर्व में की गई शिकायत पर जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो घंटों तक चली इस बैठक में यह मामला ही छाया रहा। हालांकि बैठक के बाद क्या निर्णय लिया गया यह पूरी तरह से गोपनीय रखा गया।
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चार माह में भी केस नहीं जांच सकी कमेटी, अब क्या करेगी
पीड़िता ने करीब चार माह पहले शिकायत की थी। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक कमेटी गठित कर दी। तब से कमेटी अभी तक अपना कोई निर्णय नहीं दे सकी। इसी कारण शुक्रवार को पीड़िता ने अधिकारियों से इस कमेटी को बदलने की मांग की। पीड़िता ने तर्क दिया कि जो इतने लंबे समय में भी जांच नहीं कर सकी वो अब क्या करेगी। इसलिए इस कमेटी को बदला जाए।