फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   There was neither flour nor pulse in the house, it was going to die from hunger, got ration after eight days

घर में न आटा था न दाल,भूख से जान निकलने वाली थी, आठ दिन बाद मिला राशन

Wed, 08 Apr 2020 11:03 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2020 11:03 PM IST
विज्ञापन
There was neither flour nor pulse in the house, it was going to die from hunger, got ration after eight days
लॉक डाउन के 15वें दिन दिल्ली रोड पर खाने के इतेजार में बैठे प्रवासी मजदूर और बच्चे। अमर उजाला - फोटो : RohtakCity
लॉकडाउन के कारण देशभर में काम धंधे बंद हो चुके हैं। घर से बाहर निकल नहीं सकते। भूखे भी कब तक जीएंगे। घर में आटा है न दाल। बच्चे रोटी के लिए रोते हैं तो खुद रोना आ जाता है। मदद के लिए फोन करते हैं तो राशन या खाना देने वाले धमकाते हैं। कहते हैं दोबारा फोन मत करना। प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हैं तो फोन की घंटी बजती रहती है। करीब आठ दिन से काफी मन्नतें करने पर बुधवार को कुछ राशन मिला है। परिवार के पांच सदस्यों का पांच-छह दिन का गुजारा चल जाएगा। यह दर्द है प्रवेश नगर व राजेंद्र नगर के प्रवासी मजदूरों का। अमर उजाला ने प्रशासन के राशन वितरण के दावे का सच जानने के लिए पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।
विज्ञापन

हम बिहार के रहने वाले हैं। यहां बच्चों समेत 20 लोग हैं। मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। लॉकडाउन के कारण काम बंद है। इसलिए रोजी-रोटी की दिक्कत बन आई है। राशन देने वाले सीधे मुंह बात तक नहीं करते हैं। एक बार खाना दे भी दिया तो दूसरी बार के लिए मना कर देते हैं।
विज्ञापन

- उमेश शाह, राजेंद्र नगर।
लॉकडाउन शुरू हुआ तो हम 20 लोगों को 25 किलो आटा व चावल मिला था। वह कब का खत्म हो चुका है। यह राशन भी पड़ोस के लोगों ने जुटाया था। इसके बाद से कोई मदद नहीं मिली है। संस्था से खाना मंगवाया तो उन्होंने दो दिन तो खाना दिया। इसके बाद इनकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

- सूरज गिरी, राजेंद्र नगर।
महामारी के कारण सब चले गए। पैदल घर जाने वाले भी रास्ते में ही रुके हैं। हम यहीं रह कर भूख से लड़ रहे हैं। घरों में रखा आटा-दाल खा लिया। अब भूख हमें खा रही है। आटा मिला भी तो पकाने के लिए गैस-चूल्हा भी नहीं है। जब काम मिलेगा तो चार पैसे आएंगे, फिर गैस मिलेगी और खाना भी।
- विनोद अहरवाल, राजेंद्र नगर।
घर का आटे, तेल व दाल का डिब्बा खाली हो चुका था। पिछले आठ दिनों से मदद की आस थी। लॉकडाउन के बाद इलाके के लोगों ने 24 मार्च को सूख राशन मुहैया कराया था। वह एक सप्ताह में खत्म हो गया। इसके बाद बुधवार को पांच किलो आटा, एक किलो दाल, तेल व अन्य सामान मिला है।
-रवि, राजेंद्र नगर।
राशन की मांग को लेकर शुरू में कंट्रोल रूम में काफी कॉल आई। इनकी पड़ताल करने पर काफी फर्जी मिलीं। इसलिए वेरिफिकेशन सख्त की गई है। इसके चलते शायद राशन पहुंचाने में कुछ देरी हुई है। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर जांच की जाती है। इसके बाद राशन वितरित किया जाता है। आगे भी नियमित राशन मिलता रहेगा।

- गुलाब सिंह, तहसीदार एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट।

रोहतक। राशन नहीं मिलने से आहत राजेंद्र नगर में रहने वाले प्रवासी मजदूर।

रोहतक। राशन नहीं मिलने से आहत राजेंद्र नगर में रहने वाले प्रवासी मजदूर।- फोटो : RohtakCity

रोहतक। प्रशासन की ओर से दोपहर को मुहैया कराया राशन दिखाते राजेंद्र नगर के रवि व निशा।

रोहतक। प्रशासन की ओर से दोपहर को मुहैया कराया राशन दिखाते राजेंद्र नगर के रवि व निशा।- फोटो : RohtakCity

रोहतक। राजेंद्र नगर में आज सुबह घर के खाली बर्तन दिखाती रवि की पत्नी निशा।

रोहतक। राजेंद्र नगर में आज सुबह घर के खाली बर्तन दिखाती रवि की पत्नी निशा।- फोटो : RohtakCity

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed