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एमडीयू वीसी और पूर्व कुलसचिव के खिलाफ हो न्यायिक जांच: फेडरेशन
Thu, 09 Oct 2025 02:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 09 Oct 2025 02:39 AM IST
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27 पत्रकारों से बात करते गैर शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल मल्होत्रा व शिक्षक संघ के प्रधान डॉ.
रोहतक। हरियाणा फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन ने एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह व पूर्व कुलसचिव प्रो. गुलशन तनेजा के खिलाफ फर्जी नियुक्ति व अवैध गमला प्रकरण की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। राज्यपाल से भी दखल का आग्रह किया है।
पत्रकार वार्ता में फेडरेशन ने आरोप लगाया कि वीसी और पूर्व कुलसचिव ने एक महिला अध्यापक की फर्जी नियुक्ति से जुड़े महत्वपूर्ण सबूतों को छिपाया। रिकॉर्ड में भी जालसाजी की। इनका दावा है कि जाली गेट प्रमाणपत्र और हेराफेरी करके तैयार दस्तावेजों से शिक्षिका ने नियुक्ति पाई है।
इसे विश्वविद्यालय की तथ्य खोज समिति ने पहचाना भी था। बावजूद इसके एमडीयू प्रशासन ने इन गंभीर निष्कर्षों को कार्यकारी परिषद से छिपाया। यही नहीं, पुलिस को भेजे पत्र में भी झूठे दावे किए जिससे उनकी जांच बंद हो गई।
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एमडीयू नॉन टीचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मल्होत्रा ने वीसी आवास पर अवैध गमला फैक्टरी चलाने का आरोप लगाया। यहां से करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार करने का दावा भी किया। कहा, वह खुद इन गमलों को ले जाते देख चुके हैं। शिकायत पर कोई कार्रवाई भी नहीं की गई।
फेडरेशन ने कथित फर्जी नियुक्ति पाने वाली शिक्षिका की तत्काल बर्खास्तगी की मांग की है। वेतन की वसूली शिक्षिका से और अर्थदंड का भुगतान वीसी व पूर्व कुलसचिव के वेतन से करने की भी मांग की है।
फेडरेशन ने इस प्रकरण में राज्यपाल से तत्काल हस्तक्षेप करने व पारदर्शिता सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है। इस बारे में कुलपति की प्रतिक्रिया का प्रयास भी किया गया लेकिन जवाब नहीं मिला। संवाद
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पत्रकार वार्ता में फेडरेशन ने आरोप लगाया कि वीसी और पूर्व कुलसचिव ने एक महिला अध्यापक की फर्जी नियुक्ति से जुड़े महत्वपूर्ण सबूतों को छिपाया। रिकॉर्ड में भी जालसाजी की। इनका दावा है कि जाली गेट प्रमाणपत्र और हेराफेरी करके तैयार दस्तावेजों से शिक्षिका ने नियुक्ति पाई है।
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इसे विश्वविद्यालय की तथ्य खोज समिति ने पहचाना भी था। बावजूद इसके एमडीयू प्रशासन ने इन गंभीर निष्कर्षों को कार्यकारी परिषद से छिपाया। यही नहीं, पुलिस को भेजे पत्र में भी झूठे दावे किए जिससे उनकी जांच बंद हो गई।
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एमडीयू नॉन टीचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मल्होत्रा ने वीसी आवास पर अवैध गमला फैक्टरी चलाने का आरोप लगाया। यहां से करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार करने का दावा भी किया। कहा, वह खुद इन गमलों को ले जाते देख चुके हैं। शिकायत पर कोई कार्रवाई भी नहीं की गई।
फेडरेशन ने कथित फर्जी नियुक्ति पाने वाली शिक्षिका की तत्काल बर्खास्तगी की मांग की है। वेतन की वसूली शिक्षिका से और अर्थदंड का भुगतान वीसी व पूर्व कुलसचिव के वेतन से करने की भी मांग की है।
फेडरेशन ने इस प्रकरण में राज्यपाल से तत्काल हस्तक्षेप करने व पारदर्शिता सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है। इस बारे में कुलपति की प्रतिक्रिया का प्रयास भी किया गया लेकिन जवाब नहीं मिला। संवाद