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महिला ने शौचालय में दिया बच्चे को जन्म
नारनौल/ब्यूरो।
Updated Sat, 07 Dec 2013 09:33 PM IST
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हरियाणा के नारनौल में सिविल अस्पताल में स्टाफ की लापरवाही के चलते शनिवार दोपहर करीब तीन बजे एक महिला ने शौचालय में ही बच्चे को जन्म दे दिया।
बच्चे और प्रसूता को उसकी सास व वहां मौजूद अन्य महिलाओं द्वारा शौचालय से बिस्तर पर पहुंचाने के बाद भी अस्पताल कर्मचारियों को मामले की भनक तक नहीं लगी।
अस्पताल कर्मियों की लापरवाही पर जच्चा-बच्चा वार्ड में मौजूद महिलाओं ने कड़ा रोष प्रकट किया। वहीं महिला डॉक्टर के अनुसार स्टाफ की कमी के कारण दिक्कत आ रही है।
डेरोली जाट निवासी कविता (19) पत्नी दिनेश को शुक्रवार शाम चार बजे डिलीवरी के लिए नारनौल के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
प्रसूता की सास मुन्नी देवी के अनुसार शनिवार दोपहर करीब तीन बजे जब उसकी बहू को ज्यादा दर्द होने लगा तो उसने इसकी शिकायत वहां उपस्थित महिला कर्मचारी से तीन बार की, लेकिन किसी ने उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया।
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उसकी बहू को बाथरुम जाना था। इस पर वह उसे पास के शौचालय में ले गई। जहां कविता ने बच्चे को जन्म दिया।
उसकी बहू ने आवाज लगा कर उसे अंदर बुलाया। बच्चे को कपड़े में लपेट कर अन्य महिलाओं की मदद से वह बिस्तर पर ले आई। तब तक भी अस्पताल कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी थी।
अस्पताल कर्मियों की इस लापरवाही पर वहां उपस्थित अन्य महिलाओं ने भी रोष जताया।
मुन्नी देवी के अनुसार यहां पर बिस्तर व कर्मचारियों की कर्मी के चलते एक-एक बैड पर दो-दो महिलाओं को लिटाया जाता है।
क्या कहती हैं महिला चिकित्सक
सिविल अस्पताल की महिला चिकित्सक डॉ. वंदना यादव के अनुसार अस्पताल में कर्मचारियों की कमी है।
अभी 30 महिलाओं को डिलीवरी के लिए दाखिल किया गया है, लेकिन देखभाल के लिए मात्र दो स्टाफ नर्स हैं।
चिकित्सक के अनुसार कविता की सास मुन्नी देवी को डिलीवरी कक्ष के अंदर मौजूद शौचालय में ही जाने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने बात को अनसुना कर दिया और महिला को बाहर के शौचालय में ले गए।
चिकित्सक के अनुसार उस समय सभी कर्मचारी अन्य डिलीवरी में व्यस्त थे।
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बच्चे और प्रसूता को उसकी सास व वहां मौजूद अन्य महिलाओं द्वारा शौचालय से बिस्तर पर पहुंचाने के बाद भी अस्पताल कर्मचारियों को मामले की भनक तक नहीं लगी।
अस्पताल कर्मियों की लापरवाही पर जच्चा-बच्चा वार्ड में मौजूद महिलाओं ने कड़ा रोष प्रकट किया। वहीं महिला डॉक्टर के अनुसार स्टाफ की कमी के कारण दिक्कत आ रही है।
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डेरोली जाट निवासी कविता (19) पत्नी दिनेश को शुक्रवार शाम चार बजे डिलीवरी के लिए नारनौल के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
प्रसूता की सास मुन्नी देवी के अनुसार शनिवार दोपहर करीब तीन बजे जब उसकी बहू को ज्यादा दर्द होने लगा तो उसने इसकी शिकायत वहां उपस्थित महिला कर्मचारी से तीन बार की, लेकिन किसी ने उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया।
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उसकी बहू को बाथरुम जाना था। इस पर वह उसे पास के शौचालय में ले गई। जहां कविता ने बच्चे को जन्म दिया।
उसकी बहू ने आवाज लगा कर उसे अंदर बुलाया। बच्चे को कपड़े में लपेट कर अन्य महिलाओं की मदद से वह बिस्तर पर ले आई। तब तक भी अस्पताल कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी थी।
अस्पताल कर्मियों की इस लापरवाही पर वहां उपस्थित अन्य महिलाओं ने भी रोष जताया।
मुन्नी देवी के अनुसार यहां पर बिस्तर व कर्मचारियों की कर्मी के चलते एक-एक बैड पर दो-दो महिलाओं को लिटाया जाता है।
क्या कहती हैं महिला चिकित्सक
सिविल अस्पताल की महिला चिकित्सक डॉ. वंदना यादव के अनुसार अस्पताल में कर्मचारियों की कमी है।
अभी 30 महिलाओं को डिलीवरी के लिए दाखिल किया गया है, लेकिन देखभाल के लिए मात्र दो स्टाफ नर्स हैं।
चिकित्सक के अनुसार कविता की सास मुन्नी देवी को डिलीवरी कक्ष के अंदर मौजूद शौचालय में ही जाने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने बात को अनसुना कर दिया और महिला को बाहर के शौचालय में ले गए।
चिकित्सक के अनुसार उस समय सभी कर्मचारी अन्य डिलीवरी में व्यस्त थे।