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Rohtak News: खरावड़ के ग्रामीणों ने उठाई पेयजल किल्लत और दूषित पानी की निकासी की समस्या
Mon, 22 Jun 2026 04:57 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 22 Jun 2026 04:57 AM IST
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51 अमर उजाला की तरफ से गांव खरावड़ में आयोजित चौपाल कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीण। संवाद
रोहतक। खरावड़ गांव में पेयजल संकट, गंदे पानी की निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने रविवार को आयोजित ‘मेरा गांव-मेरी शान’ चौपाल कार्यक्रम में सरपंच सरोज बाला और उनके बेटे दीपक मलिक के समक्ष अपनी मांगें और शिकायतें रखीं।
ग्रामीणों ने लंबे बिजली कट, गांव के कच्चे स्टेडियम को पक्का कराने, पंचायत की एफडी का पैसा अटकने तथा लड़कों के स्कूल में बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं।
सुरेश कुमार ने बताया कि गांव में गंदे पानी की निकासी की गंभीर समस्या बनी हुई है। इसके साथ ही पेयजल की किल्लत भी रहती है। उन्होंने कहा कि नहर का पूरा पानी जलघर तक नहीं पहुंच पाता। पंचायत और जलघर के कर्मचारी विशेष प्रयास करते हैं, तब जाकर जलघर तक पर्याप्त पानी पहुंचता है।
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विजेंद्र सिंह मलिक ने बताया कि कई बार गांव में दो-दो महीने तक नहर का पानी नहीं आता। उन्होंने सरकार से इस समस्या के समाधान की मांग की।
ग्रामीणों ने रखीं अपनी समस्याएं
गांव में पीने के पानी की भारी समस्या है। लोग टैंकरों के सहारे अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। नहर के पानी की कोई निश्चितता नहीं है। सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। -ऋषिपाल, खरावड़
गांव में एक छोटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, जहां जगह की कमी है। नई पीएचसी बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन जिस भूमि पर इसका निर्माण होना है, वहां कुछ लोगों का कब्जा होने के कारण कार्य अटका हुआ है। सुधीर मलिक, खरावड़
गांव में पेयजल और जल निकासी दोनों की समस्या है। पहले नहर का पानी एक सप्ताह तक मिलता था, लेकिन अब मुश्किल से दो दिन ही मिल पाता है। इसके अलावा लड़कों के स्कूल में बारिश के दौरान पानी भर जाता है, जिसका स्थायी समाधान होना चाहिए। -सतपाल मलिक, खरावड़
गांव का स्टेडियम अभी कच्चा है। बारिश होने पर उसमें पानी भर जाता है, जिससे खिलाड़ियों को सड़कों पर अभ्यास करना पड़ता है। प्रतिदिन लगभग 50 खिलाड़ी यहां प्रशिक्षण लेते हैं। स्टेडियम को विकसित किया जाना चाहिए। रणबीर, खरावड़
शहीद स्मारक के पास पार्क बनाने के लिए मिट्टी डाली गई थी, लेकिन इसके बाद कोई कार्य नहीं हुआ। इससे धूल-मिट्टी उड़ती रहती है और लोगों को परेशानी होती है। मनजीत, खरावड़
राज्य में ‘जगमग हरियाणा’ की बात की जाती है, लेकिन गांव में रोजाना दो से तीन घंटे तक बिजली कट लगते हैं। बिजली और पानी दोनों की समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। -नरेश, खरावड़
गांव के गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की नई इमारत में केवल 12 कमरे हैं, जबकि कम से कम छह अतिरिक्त कमरों की आवश्यकता है। इसके अलावा प्रधानाचार्य कक्ष, स्टाफ रूम, पुस्तकालय और प्रयोगशाला के लिए भी अलग कमरे बनाए जाने चाहिए। -कैप्टन जगबीर मलिक, खरावड़
बिजली समस्या के समाधान की हो रही बात : सरपंच
सरपंच सरोज बाला ने बताया कि गांव में बिजली आपूर्ति सांपला से खेतों की लाइन के माध्यम से होती है। इस कारण आंधी या बारिश के दौरान खंभे गिरने और तार टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से लगातार बातचीत की जा रही है।उन्होंने बताया कि नहर का पानी बिना किसी बाधा के जलघर तक पहुंचाने के लिए 12 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए पंचायत जनस्वास्थ्य विभाग को दो एकड़ भूमि उपलब्ध करा रही है, लेकिन दस्तावेजी प्रक्रिया में बार-बार आपत्तियां लगने से कार्य में देरी हो रही है। सरपंच ने कहा कि पंचायत का पांच करोड़ रुपये से अधिक का धन एचएसआईडीसी में लंबित है। यह राशि मिलने के बाद गांव के स्टेडियम में एक आधुनिक इंडोर हॉल का निर्माण कराया जाएगा।
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ग्रामीणों ने लंबे बिजली कट, गांव के कच्चे स्टेडियम को पक्का कराने, पंचायत की एफडी का पैसा अटकने तथा लड़कों के स्कूल में बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं।
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सुरेश कुमार ने बताया कि गांव में गंदे पानी की निकासी की गंभीर समस्या बनी हुई है। इसके साथ ही पेयजल की किल्लत भी रहती है। उन्होंने कहा कि नहर का पूरा पानी जलघर तक नहीं पहुंच पाता। पंचायत और जलघर के कर्मचारी विशेष प्रयास करते हैं, तब जाकर जलघर तक पर्याप्त पानी पहुंचता है।
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विजेंद्र सिंह मलिक ने बताया कि कई बार गांव में दो-दो महीने तक नहर का पानी नहीं आता। उन्होंने सरकार से इस समस्या के समाधान की मांग की।
ग्रामीणों ने रखीं अपनी समस्याएं
गांव में पीने के पानी की भारी समस्या है। लोग टैंकरों के सहारे अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। नहर के पानी की कोई निश्चितता नहीं है। सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। -ऋषिपाल, खरावड़
गांव में एक छोटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, जहां जगह की कमी है। नई पीएचसी बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन जिस भूमि पर इसका निर्माण होना है, वहां कुछ लोगों का कब्जा होने के कारण कार्य अटका हुआ है। सुधीर मलिक, खरावड़
गांव में पेयजल और जल निकासी दोनों की समस्या है। पहले नहर का पानी एक सप्ताह तक मिलता था, लेकिन अब मुश्किल से दो दिन ही मिल पाता है। इसके अलावा लड़कों के स्कूल में बारिश के दौरान पानी भर जाता है, जिसका स्थायी समाधान होना चाहिए। -सतपाल मलिक, खरावड़
गांव का स्टेडियम अभी कच्चा है। बारिश होने पर उसमें पानी भर जाता है, जिससे खिलाड़ियों को सड़कों पर अभ्यास करना पड़ता है। प्रतिदिन लगभग 50 खिलाड़ी यहां प्रशिक्षण लेते हैं। स्टेडियम को विकसित किया जाना चाहिए। रणबीर, खरावड़
शहीद स्मारक के पास पार्क बनाने के लिए मिट्टी डाली गई थी, लेकिन इसके बाद कोई कार्य नहीं हुआ। इससे धूल-मिट्टी उड़ती रहती है और लोगों को परेशानी होती है। मनजीत, खरावड़
राज्य में ‘जगमग हरियाणा’ की बात की जाती है, लेकिन गांव में रोजाना दो से तीन घंटे तक बिजली कट लगते हैं। बिजली और पानी दोनों की समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। -नरेश, खरावड़
गांव के गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की नई इमारत में केवल 12 कमरे हैं, जबकि कम से कम छह अतिरिक्त कमरों की आवश्यकता है। इसके अलावा प्रधानाचार्य कक्ष, स्टाफ रूम, पुस्तकालय और प्रयोगशाला के लिए भी अलग कमरे बनाए जाने चाहिए। -कैप्टन जगबीर मलिक, खरावड़
बिजली समस्या के समाधान की हो रही बात : सरपंच
सरपंच सरोज बाला ने बताया कि गांव में बिजली आपूर्ति सांपला से खेतों की लाइन के माध्यम से होती है। इस कारण आंधी या बारिश के दौरान खंभे गिरने और तार टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से लगातार बातचीत की जा रही है।उन्होंने बताया कि नहर का पानी बिना किसी बाधा के जलघर तक पहुंचाने के लिए 12 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए पंचायत जनस्वास्थ्य विभाग को दो एकड़ भूमि उपलब्ध करा रही है, लेकिन दस्तावेजी प्रक्रिया में बार-बार आपत्तियां लगने से कार्य में देरी हो रही है। सरपंच ने कहा कि पंचायत का पांच करोड़ रुपये से अधिक का धन एचएसआईडीसी में लंबित है। यह राशि मिलने के बाद गांव के स्टेडियम में एक आधुनिक इंडोर हॉल का निर्माण कराया जाएगा।

51 अमर उजाला की तरफ से गांव खरावड़ में आयोजित चौपाल कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीण। संवाद