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अधिकारों के लिए संघंर्घ जारी रहेगा :कामरेड लाल जी
Thu, 02 May 2024 05:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 02 May 2024 05:14 AM IST
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बहादुरगढ़। सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया कम्यूनिस्ट (एसयूसीआई कम्यु) से जुड़े औद्योगिक श्रमिकों और अन्य कार्यकर्ताओं ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया। उन्होंने मई दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी।
मजदूरों ने अपनी मांगों से संबंधित नारे लगाए। कामरेड लालजी ने कहा कि श्रमिकों से 12-12 घंटे काम लिया जाता हैं। उन्हें स्थाई काम के लिए पक्का रोजगार नहीं देते, उनसे यूनियन बनाने का अधिकार छीन लिया है, ठेकेदारी व्यवस्था लागू कर रखी है, न्यूनतम वेतन नहीं देते ओर अनेक तरह के जो अधिकार, संघर्ष और कुर्बानियों से हमारे पूर्वजों ने प्राप्त किए थे, मोदी सरकार ने चार लेबर कोड लाकर उन्हें छीन लिया है। ऊपर से महंगाई के करण मेहनतकश लोगों का जीना दूभर हो गया है। 11-12 घंटे काम करने के बाद भी मुश्किल से 8-10 हजार रुपये महीने में दिहाड़ी मिलती है। सतीश कुमार ने बताया कि पूंजी के बल पर मजदूर वर्ग का शोषण जारी है। शोषण से मुक्त होने का रास्ता जोरदार संगठित आंदोलन है। इसके अलावा और कोई उपाय नहीं है। इस शोषणकारी पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे। शोषणहीन समाजवादी व्यवस्था स्थापित करने और कॉरपोरेट की लूट से छुटकारा पाने के लिए जोरदार संगठित संघर्ष जरूरी है। इस अवसर पर नरेश, श्रीभगवान, सुनील, राम अवतार राजेंद्र, सुरेंद्र, अजमेर तथा हरि साहनी आदि मौजूद थे।
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मजदूरों ने अपनी मांगों से संबंधित नारे लगाए। कामरेड लालजी ने कहा कि श्रमिकों से 12-12 घंटे काम लिया जाता हैं। उन्हें स्थाई काम के लिए पक्का रोजगार नहीं देते, उनसे यूनियन बनाने का अधिकार छीन लिया है, ठेकेदारी व्यवस्था लागू कर रखी है, न्यूनतम वेतन नहीं देते ओर अनेक तरह के जो अधिकार, संघर्ष और कुर्बानियों से हमारे पूर्वजों ने प्राप्त किए थे, मोदी सरकार ने चार लेबर कोड लाकर उन्हें छीन लिया है। ऊपर से महंगाई के करण मेहनतकश लोगों का जीना दूभर हो गया है। 11-12 घंटे काम करने के बाद भी मुश्किल से 8-10 हजार रुपये महीने में दिहाड़ी मिलती है। सतीश कुमार ने बताया कि पूंजी के बल पर मजदूर वर्ग का शोषण जारी है। शोषण से मुक्त होने का रास्ता जोरदार संगठित आंदोलन है। इसके अलावा और कोई उपाय नहीं है। इस शोषणकारी पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे। शोषणहीन समाजवादी व्यवस्था स्थापित करने और कॉरपोरेट की लूट से छुटकारा पाने के लिए जोरदार संगठित संघर्ष जरूरी है। इस अवसर पर नरेश, श्रीभगवान, सुनील, राम अवतार राजेंद्र, सुरेंद्र, अजमेर तथा हरि साहनी आदि मौजूद थे।
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