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Rohtak News: सरकार को कानूनी दांव-पेच से बचाने वाले एसआई को आज मिलेगा राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक
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सब इंस्पेक्टर अशोक कुमार।
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। स्वतंत्रता दिवस समारोह में शुक्रवार को रोहतक पुलिस के इंस्पेक्टर हरकेश श्योराण व सब इंस्पेक्टर अशोक कौशिक को दिल्ली में राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पुलिस पदक दिया जाएगा। इंस्पेक्टर सुनारिया पुलिस अकादमी में प्रशिक्षक के तौर पर कार्यरत हैं जबकि सब इंस्पेक्टर एसपी कार्यालय की लीगल में रीडर के तौर पर कार्यरत हैं। 20 साल से सरकार को अदालत में कानूनी दांव-पेच से बचाते रहे हैं।
सोनीपत जिले के गांव पीपली निवासी अशोक कौशिक 1989 में सिपाही के तौर पर हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। साल 2005 में हवलदार बनने के बाद उनकी ड्यूटी ही बदल गई।
उनको रोहतक एसपी कार्यालय की लीगल सेल में रीडर के तौर पर लगाया गया। तब से लेकर अब तक लीगल सेल में रीडर के तौर कार्यरत हैं। हवलदार से सब इंस्पेक्टर बन चुके हैं। उनका कार्य विभाग की तरफ से सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट सहित जिला अदालत में पुलिस का पक्ष रखने के लिए अधिकारियों की सहायता करना है।
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उनके कार्य को देखते हुए 2024 में डीजीपी सेवा मेडल भी दिया गया था। इसके लिए 50 हजार का कैश अवाॅर्ड मिला था। अब एसआई अशोक कौशिक को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पुलिस पदक दिया गया है।
चरखी दादरी जिले के गांव मांढी पिरानू निवासी हरकेश श्योरण 2002 में पुलिस में भर्ती हुए। 2015 में एसआई और 2023 में इंस्पेक्टर बन गए। अब दो साल से पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षक के तौर कार्यरत हैं। पुलिस प्रशिक्षण केंद्र अकादमी में नए रंगरूट को पुलिस सेवा के दौरान बेसिक मूल्यों की सीख दी जाती है।
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रोहतक। स्वतंत्रता दिवस समारोह में शुक्रवार को रोहतक पुलिस के इंस्पेक्टर हरकेश श्योराण व सब इंस्पेक्टर अशोक कौशिक को दिल्ली में राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पुलिस पदक दिया जाएगा। इंस्पेक्टर सुनारिया पुलिस अकादमी में प्रशिक्षक के तौर पर कार्यरत हैं जबकि सब इंस्पेक्टर एसपी कार्यालय की लीगल में रीडर के तौर पर कार्यरत हैं। 20 साल से सरकार को अदालत में कानूनी दांव-पेच से बचाते रहे हैं।
सोनीपत जिले के गांव पीपली निवासी अशोक कौशिक 1989 में सिपाही के तौर पर हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। साल 2005 में हवलदार बनने के बाद उनकी ड्यूटी ही बदल गई।
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उनको रोहतक एसपी कार्यालय की लीगल सेल में रीडर के तौर पर लगाया गया। तब से लेकर अब तक लीगल सेल में रीडर के तौर कार्यरत हैं। हवलदार से सब इंस्पेक्टर बन चुके हैं। उनका कार्य विभाग की तरफ से सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट सहित जिला अदालत में पुलिस का पक्ष रखने के लिए अधिकारियों की सहायता करना है।
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उनके कार्य को देखते हुए 2024 में डीजीपी सेवा मेडल भी दिया गया था। इसके लिए 50 हजार का कैश अवाॅर्ड मिला था। अब एसआई अशोक कौशिक को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पुलिस पदक दिया गया है।
चरखी दादरी जिले के गांव मांढी पिरानू निवासी हरकेश श्योरण 2002 में पुलिस में भर्ती हुए। 2015 में एसआई और 2023 में इंस्पेक्टर बन गए। अब दो साल से पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षक के तौर कार्यरत हैं। पुलिस प्रशिक्षण केंद्र अकादमी में नए रंगरूट को पुलिस सेवा के दौरान बेसिक मूल्यों की सीख दी जाती है।

सब इंस्पेक्टर अशोक कुमार।