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Rohtak News: रिपोर्ट पॉजिटिव है मतलब लड़का है...कहते ही पीएनडीटी टीम ने एजेंट को धरा
Thu, 09 May 2024 02:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 09 May 2024 02:36 AM IST
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पंजाब के मोहाली में स्थित खरड़ में भ्रूण लिंग की जांच करवाने वाला व्यकित स्वास्थ्य विभाग की ट
झज्जर। पीएनडीटी टीम ने मोहाली स्थित खरड़ में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जांच टीम ने एक एजेंट को मौके से गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी आरोपी फरार हो गए। आरोपियों ने भ्रूण लिंग जांच के लिए एक घर में पोर्टेबल मशीन लगा रखी थी। भ्रूण में लड़का होने पर रिपोर्ट पॉजिटिव है कोडवर्ड रखा था।
झज्जर के सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोगों का गिरोह झज्जर की गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच के लिए किसी अन्य जगह लेकर जाते हैं। इस पर एक टीम बनाई गई। एक गर्भवती महिला (प्रलोभन ग्राहक) को तैयार किया गया। एजेंट के मोबाइल पर टीम के सदस्यों ने प्रलोभन ग्राहक की अल्ट्रासाउंड व भ्रूण लिंग जांच के लिए बात की। 90 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था।
जांच टीम ने कोडवर्ड रिपोर्ट पॉजिटिव है कहते ही एजेंट मंजीत को पकड़ लिया। उससे 31500 रुपये की रिकवरी की गई है। जिस घर में अल्ट्रासाउंड किया गया, वहां जांच मशीन और जांच करने वाली महिला की तलाश स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में की गई। हालांकि टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी महिला सरबजीत पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ मौके से फरार हो चुकी थी। टीम ने एजेंट मंजीत को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामले में आरोपी महिला सरबजीत, कार मालिक ओमकार सिंह, मनजीत, कपिल व अन्य तीन एजेंटों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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एजेंट ने पहले मांगे एक लाख, फिर 90 हजार में तय हुआ सौदा
डिकोय के डमी पति ने जब मुख्य एजेंट से बात की तो उसने पहले एक लाख रुपये मांगे थे, लेकिन सौदा 90 हजार में तय हुआ था। एजेंट खुद सामने नहीं आया जबकि उसने एजेंट कपिल से डमी पति के साथ बात कराई और कपिल ने भी तीसरे एजेंट को 6 मई को बस अड्डे पर 30 हजार रुपये लेने के लिए भेजा।
शक होने पर महिला व गाड़ी चालक हुए फरार
टीम ने डिकोय को जीपीएस लगा रखा था। कार्रवाई के दौरान आरोपी महिला सरबजीत को शक हो गया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्रवाई कर रही है। यही वजह रही कि रेड के दौरान महिला घर से अपनी पोर्टेबल जांच मशीन लेकर गायब हो गई। जिस गाड़ी में महिला सरबजीत डिकोय को लेकर आई थी, उसका चालक भी मौके से फरार हो गया। डिकोय को जब महिला के घर ले जाया गया तो डिकोय ने महिला की तस्वीर देखकर उसे पहचाना और गाड़ी की आरसी भी घर से बरामद हुई। आरोपी महिला सरबजीत पड़ोस में लगे सीसीटीवी में भी कैद हो गई।
चार एजेंट शामिल, दो नामी अस्पताल के कर्मचारी
मामले को अंजाम तक पहुंचाने में झज्जर के चार एजेंट शामिल रहे। इनमें से जिन दो एजेंटों के नाम सामने आए हैं, वह झज्जर शहर के नामी निजी अस्पताल में काम करते हैं। अस्पताल के खिलाफ भी पहले स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई कर चुका है। बाकी दो एजेंट भी इसी अस्पताल के होने की आशंका है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का नाम का खुलासा नहीं किया है। जल्द ही पंजाब पुलिस द्वारा एजेंटों को पकड़ने के लिए दबिश दी जाएगी, तब इस अस्पताल के नाम का खुलासा होगा।
यह रहे टीम में शामिल
सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप की बनाई टीम में डॉक्टर संदीप कुमार मेडिकल ऑफिसर सीएचसी डीघल, डॉ. सबीना मेडिकल ऑफिसर सीएचसी डीघल, डॉ. हर्षदीप मेडिकल ऑफिसर पीएचसी माजरा एवं विनोद को शामिल किया गया था।
महिला सरबजीत के खिलाफ पंजाब, हिमाचल में केस दर्ज
झज्जर। डिकोय का अल्ट्रासाउंड करने वाली महिला सरबजीत हिमाचल की रहने वाली है। उसके खिलाफ पंजाब और हिमाचल में पीएनडीटी और एमटीपी एक्ट के तहत केस दर्ज हैं। अकेले खरड़ में उस पर दो केस दर्ज हैं। महिला खरड़ में ही निजी अस्पताल में नर्स है। हिमाचल से ही उसने यह काम शुरू किया था। वहां सख्ती होने के बाद वह खरड़ में किराये के मकान में आकर रहने लगी। वह पिछले कई सालों से किराये के मकान में रहकर यह कार्य कर रही थी। पिछली बार जब सरबजीत पकड़ी गई थी तो उसके पास से तब भी पोर्टेबल मशीन बरामद की गई थी। किराये के घर पर पीएनडीटी की टीम ने भ्रूण भी बरामद किया था। बार-बार केस दर्ज होने के बाद भी सरबजीत ने भ्रूण लिंग जांच का खेल बंद नहीं किया और अब भी जारी थी।
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झज्जर के सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोगों का गिरोह झज्जर की गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच के लिए किसी अन्य जगह लेकर जाते हैं। इस पर एक टीम बनाई गई। एक गर्भवती महिला (प्रलोभन ग्राहक) को तैयार किया गया। एजेंट के मोबाइल पर टीम के सदस्यों ने प्रलोभन ग्राहक की अल्ट्रासाउंड व भ्रूण लिंग जांच के लिए बात की। 90 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था।
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जांच टीम ने कोडवर्ड रिपोर्ट पॉजिटिव है कहते ही एजेंट मंजीत को पकड़ लिया। उससे 31500 रुपये की रिकवरी की गई है। जिस घर में अल्ट्रासाउंड किया गया, वहां जांच मशीन और जांच करने वाली महिला की तलाश स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में की गई। हालांकि टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी महिला सरबजीत पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ मौके से फरार हो चुकी थी। टीम ने एजेंट मंजीत को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामले में आरोपी महिला सरबजीत, कार मालिक ओमकार सिंह, मनजीत, कपिल व अन्य तीन एजेंटों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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एजेंट ने पहले मांगे एक लाख, फिर 90 हजार में तय हुआ सौदा
डिकोय के डमी पति ने जब मुख्य एजेंट से बात की तो उसने पहले एक लाख रुपये मांगे थे, लेकिन सौदा 90 हजार में तय हुआ था। एजेंट खुद सामने नहीं आया जबकि उसने एजेंट कपिल से डमी पति के साथ बात कराई और कपिल ने भी तीसरे एजेंट को 6 मई को बस अड्डे पर 30 हजार रुपये लेने के लिए भेजा।
शक होने पर महिला व गाड़ी चालक हुए फरार
टीम ने डिकोय को जीपीएस लगा रखा था। कार्रवाई के दौरान आरोपी महिला सरबजीत को शक हो गया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्रवाई कर रही है। यही वजह रही कि रेड के दौरान महिला घर से अपनी पोर्टेबल जांच मशीन लेकर गायब हो गई। जिस गाड़ी में महिला सरबजीत डिकोय को लेकर आई थी, उसका चालक भी मौके से फरार हो गया। डिकोय को जब महिला के घर ले जाया गया तो डिकोय ने महिला की तस्वीर देखकर उसे पहचाना और गाड़ी की आरसी भी घर से बरामद हुई। आरोपी महिला सरबजीत पड़ोस में लगे सीसीटीवी में भी कैद हो गई।
चार एजेंट शामिल, दो नामी अस्पताल के कर्मचारी
मामले को अंजाम तक पहुंचाने में झज्जर के चार एजेंट शामिल रहे। इनमें से जिन दो एजेंटों के नाम सामने आए हैं, वह झज्जर शहर के नामी निजी अस्पताल में काम करते हैं। अस्पताल के खिलाफ भी पहले स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई कर चुका है। बाकी दो एजेंट भी इसी अस्पताल के होने की आशंका है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का नाम का खुलासा नहीं किया है। जल्द ही पंजाब पुलिस द्वारा एजेंटों को पकड़ने के लिए दबिश दी जाएगी, तब इस अस्पताल के नाम का खुलासा होगा।
यह रहे टीम में शामिल
सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप की बनाई टीम में डॉक्टर संदीप कुमार मेडिकल ऑफिसर सीएचसी डीघल, डॉ. सबीना मेडिकल ऑफिसर सीएचसी डीघल, डॉ. हर्षदीप मेडिकल ऑफिसर पीएचसी माजरा एवं विनोद को शामिल किया गया था।
महिला सरबजीत के खिलाफ पंजाब, हिमाचल में केस दर्ज
झज्जर। डिकोय का अल्ट्रासाउंड करने वाली महिला सरबजीत हिमाचल की रहने वाली है। उसके खिलाफ पंजाब और हिमाचल में पीएनडीटी और एमटीपी एक्ट के तहत केस दर्ज हैं। अकेले खरड़ में उस पर दो केस दर्ज हैं। महिला खरड़ में ही निजी अस्पताल में नर्स है। हिमाचल से ही उसने यह काम शुरू किया था। वहां सख्ती होने के बाद वह खरड़ में किराये के मकान में आकर रहने लगी। वह पिछले कई सालों से किराये के मकान में रहकर यह कार्य कर रही थी। पिछली बार जब सरबजीत पकड़ी गई थी तो उसके पास से तब भी पोर्टेबल मशीन बरामद की गई थी। किराये के घर पर पीएनडीटी की टीम ने भ्रूण भी बरामद किया था। बार-बार केस दर्ज होने के बाद भी सरबजीत ने भ्रूण लिंग जांच का खेल बंद नहीं किया और अब भी जारी थी।