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Rohtak News: एक महीने में एक तिहाई पर आ गिरा जीरे का भाव
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20सीटीके16...नीरज देवी
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। अच्छी पैदावार और विदेशों से मांग घटने के कारण जीरे का भाव एक महीने में ही एक तिहाई रह गया है। इसका भाव 700 रुपये प्रति किलोग्राम से लुढ़ककर 250 पर आ गया है। इससे खुश महिलाओं ने सरकार से दूसरे मसालों के दाम भी घटाने की मांग की है।
जीरा व्यापारी बताते हैं कि पिछले साल जीरा 600 रुपये किलो तक बिका था। अच्छे भाव के कारण इसकी देश-विदेश सभी जगह खूब बोआई की गई। गुजरात और राजस्थान के किसानों की जनवरी-फरवरी में फसल आई तो पैदावार बंपर रही।
सीरिया, तुर्की और अफगानिस्तान जैसे जीरा उत्पादक देशों में भी पैदावार खूब हुई। क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच इन देशों से निर्यात घटा भी, लेकिन भारतीय जीरे की मांग नहीं बढ़ सकी। घरेलू मांग भी सुस्त ही है। इस कारण जीरा के दाम गिरते जा रहे हैं।
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काठ मंडी में थोक विक्रेता पंकज बताते हैं कि अच्छी पैदावार के कारण ऊपर से ही जीरा सस्ता मिल रहा है। बताते हैं कि इस बार इसकी विदेशों से भी बहुत मांग नहीं आई। सस्ता रेट होने से खरीदने वाले खुश हैं।
यह बोलीं महिलाएं
दो माह पहले 700 रुपये किलो जीरा मंगाया था। अब सस्ता हो गया है। इससे रसोई का खर्च नियंत्रण में है।
- नीरज देवी, ऑफिसर कॉलोनी
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हर चीज में तो महंगाई आई हुई है। अब जीरा ही सस्ता है। सरकार को दूसरे मसालों के दाम भी घटाने चाहिए।
- बबीता, तिलक नगर
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रोहतक। अच्छी पैदावार और विदेशों से मांग घटने के कारण जीरे का भाव एक महीने में ही एक तिहाई रह गया है। इसका भाव 700 रुपये प्रति किलोग्राम से लुढ़ककर 250 पर आ गया है। इससे खुश महिलाओं ने सरकार से दूसरे मसालों के दाम भी घटाने की मांग की है।
जीरा व्यापारी बताते हैं कि पिछले साल जीरा 600 रुपये किलो तक बिका था। अच्छे भाव के कारण इसकी देश-विदेश सभी जगह खूब बोआई की गई। गुजरात और राजस्थान के किसानों की जनवरी-फरवरी में फसल आई तो पैदावार बंपर रही।
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सीरिया, तुर्की और अफगानिस्तान जैसे जीरा उत्पादक देशों में भी पैदावार खूब हुई। क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच इन देशों से निर्यात घटा भी, लेकिन भारतीय जीरे की मांग नहीं बढ़ सकी। घरेलू मांग भी सुस्त ही है। इस कारण जीरा के दाम गिरते जा रहे हैं।
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काठ मंडी में थोक विक्रेता पंकज बताते हैं कि अच्छी पैदावार के कारण ऊपर से ही जीरा सस्ता मिल रहा है। बताते हैं कि इस बार इसकी विदेशों से भी बहुत मांग नहीं आई। सस्ता रेट होने से खरीदने वाले खुश हैं।
यह बोलीं महिलाएं
दो माह पहले 700 रुपये किलो जीरा मंगाया था। अब सस्ता हो गया है। इससे रसोई का खर्च नियंत्रण में है।
- नीरज देवी, ऑफिसर कॉलोनी
हर चीज में तो महंगाई आई हुई है। अब जीरा ही सस्ता है। सरकार को दूसरे मसालों के दाम भी घटाने चाहिए।
- बबीता, तिलक नगर

20सीटीके16...नीरज देवी

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