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स्टेशन पर बिताई रात, दिन में गर्मी ने किया बेहाल, शाम को मिली ट्रेन तो चेहरे पर दिखी रौनक

Thu, 21 May 2020 12:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2020 12:30 AM IST
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The night spent at the station, the heat in the day did not hurt, in the evening the train got a look on its face
The night spent at the station, the heat in the day did not hurt, in the evening the train got a look on its face - फोटो : RohtakCity
गोद में दो साल का बेटा। मां की अंगुली थामे पांच साल की बेटी और सिर पर बोरा उठाए पिता। यह नजारा रेलवे स्टेशन का है। यहां प्रवासी मजदूर अपने घर जाने के लिए इकट्ठा हुए। कुछ तो मंगलवार शाम से ही यहां जमे थे, क्योंकि एक दिन पहले उनकी ट्रेन छूट गई थी। छतरपुर के अनिल, उसके साले रघुबीर व चाचा कंछेदी ने अपने पत्नी, बच्चों के साथ यहीं रात बिताई। घर जाने के लिए बुधवार सुबह से ही नजरें ट्रेन पर जमी रही। सुबह से दोपहर तक गर्मी में लाइन में खड़े रहे। शाम को जब घर जाने के लिए ट्रेन निकली तो उनके चेहरे पर खुशी लौटी। यह कहानी अकेले इस परिवार की नहीं है, बल्कि ऐसे और भी लोग स्टेशन पर मौजूद रहे। अमर उजाला ने इनसे बात की तो घर जाने के नाम से पूरा परिवार चहक उठा।
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अनिल ने कहा कि लॉकडाउन से पहले यहां आए थे। काम की तलाश में घर छोड़कर इतनी दूर आना इस बार कुछ रास नहीं आया। महामारी व लॉकडाउन के कारण काम धंधा ठप है। ऐसे में रोजी-रोटी के लाले पड़े हैं। मंगलवार को स्टेशन से ट्रेन गई थी। इसमें जाने के लिए कहा गया था। अस्थल बोहर से दौड़ते भागते स्टेशन पहुंचे तो पता लगा साढ़े चार बजे ट्रेन निकल गई। इसलिए स्टेशन पर ही रुक गए। रात यहीं सोकर गुजारी। बुधवार सुबह से ही ट्रेन को लेकर तैयारी शुरू कर दी। इस बार ट्रेन न छूटे, इसलिए पहले ही सामान व बच्चों के साथ यहां खड़ा हूं। तीन महीने बाद अपने घर जा रहा हूं। अब कुछ समय वहीं रहेंगे। जब तक हालात ठीक नहीं होते और काम धंधे की बात तय नहीं हो जाती, तब तक नहीं लौटेंगे।
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रघुबीर व कंछेदी ने कहा कि काम के बगैर यहां रह कर क्या फायदा। अब तो खाना भी नहीं मिलता है। प्रशासन ने खाना देने से संस्थाओं को भी साफ मना कर दिया है। रात स्टेशन पर रहे। यहां हमें किसी ने खाने के पैकेट दिए थे। उसी से काम चला। बुधवार सुबह व दोपहर को भी खाना मिल गया। घर में रहते तो कोई नहीं पूछता। इसलिए अब घर जा रहे हैं।

The night spent at the station, the heat in the day did not hurt, in the evening the train got a look on its face

The night spent at the station, the heat in the day did not hurt, in the evening the train got a look on its face- फोटो : RohtakCity

लॉक डाउन में बुधवार को रोहतक रेलवे स्टेशन पर टीकमगढ़ तक जाने के लिए लगी श्रमिक स्पेशल ट्रेन के इं?

लॉक डाउन में बुधवार को रोहतक रेलवे स्टेशन पर टीकमगढ़ तक जाने के लिए लगी श्रमिक स्पेशल ट्रेन के इं?- फोटो : RohtakCity

लॉक डाउन में अस्थल बोहर से  पैदल चल कर रोहतक रेलवे स्टेशन पर टीकमगढ़ जाने के लिए लगी स्पेशल श्रमिक

लॉक डाउन में अस्थल बोहर से पैदल चल कर रोहतक रेलवे स्टेशन पर टीकमगढ़ जाने के लिए लगी स्पेशल श्रमिक - फोटो : RohtakCity

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