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Rohtak News: पुलिस भर्ती के ''खेल'' में शहर की चार अकादमी के नाम

Thu, 11 May 2023 02:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 11 May 2023 02:30 AM IST
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The names of four academies of the city in the 'game' of police recruitment
रोहतक। एयरफोर्स पेपर लीक मामले के चार साल बाद रोहतक शहर का नाम अब पुलिस में भर्ती के नाम पर ठगी के मामले में सामने आया है। पिछले चार वर्षों में ठगी के इस ''''खेल'''' में चार गुणा वृद्धि हुई है। नारनौल में सामने आया हरियाणा पुलिस में भर्ती का फर्जीवाड़ा यही बयां कर रहा है। इस मामले में रोहतक की चार अकादमी की संलिप्तता उजागर हुई है। पुलिस ने इनके संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कर इनकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
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भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा और रोहतक का नाम नया नहीं है। फिर वह करीब आठ वर्ष पूर्व यूजीसी की परीक्षा हो, पीएमटी, स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा या एयरफोर्स भर्ती परीक्षा। हर बार ऐसे फर्जीवाड़े में जिले व जिले के लोगों का नाम सामने आता रहा है। अब हरियाणा पुलिस में भर्ती के नाम पर रुपये लेकर ठगी करने के गिरोह का नारनौल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में रोहतक की सांगवान अकादमी, दीक्षा अकादमी, विजेता अकादमी और भास्कर अकादमी के संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले भी जिले की कुछ अकादमी संदेह व विवादों के दायरे में रही हैं।
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चार साल हुआ था पूर्व देश की सुरक्षा में सेंध का प्रयास
चंद रुपयों के लिए फर्जीवाड़ा कर देश की सुरक्षा में सेंध लगाने का प्रयास करीब चार साल पहले भी जिले में हो चुका है। उस समय एयरफोर्स में भर्ती की परीक्षा चल रही थी। शहर के बाहर हिसार बाईपास स्थित एक अस्पताल के ऊपरी हिस्से में बनी अकादमी में यह परीक्षा रखी गई थी। यहां कुछ लोगों ने बेहद शातिर अंदाज में पेपर लीक कर परीक्षार्थियों को पास कराने का खेल खेला। इसके लिए उम्मीदवारों से मोटी रकम वसूली गई। एकेडमी संचालक ने दूसरी एकेडमी के आईटी विशेषज्ञों को साथ लेकर अस्पताल की छत से इंंटरनेट का तार दूसरे कमरे में लिया। यहीं से पेपर आउट कर ऑनलाइन उत्तर हल कराने का काम किया जा रहा था। इस दौरान वहां ड्यूटी दे रहे एयरफोर्स में जवान को गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। उसे एक उम्मीदवार की स्क्रीन स्थिर नजर आई जबकि अंदर प्रश्न पत्र पर हलचल बनी रही। यही स्थिति अन्य कम्प्यूटर सिस्टम पर भी रही। इसके चलते जवान ने तुरंत मुख्यालय को सूचना दी। एयरफोर्स पुलिस की विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर जांच पड़ताल कर फर्जीवाड़े के तार उखाड़ डाले। उस समय मास्टरमाइंड जितेंद्र पर एक लाख रुपये का इनाम रखा गया थ्। इसे थाना शहर पुलिस बाद में झज्जर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी। इसके बाद जिले व आसपास के उम्मीदवारों के सभी पेपर दूसरे जिलों व मुख्यालय में ही कराए गए। रोहतक में कोई सेंटर नहीं दिया गया। यही नहीं, यूजीसी ने तो अब तक कोई परीक्षा आयोजित नहीं कराई है। इसके अलावा अन्य कोई बड़ी प्रतियोगी परीक्षा भी रोहतक में नहीं हुई है।
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आईजी श्रीकांत जाधव ने किया था एआईपीएमटी का फर्जीवाडा
मुन्ना भाई एआईपीएमटी परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कर रहे थे। तत्कालीन आईजी श्रीकांत जाधव ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। परीक्षा के दौरान ब्लूटुथ के जरिए नकल कर रहे परीक्षार्थियों को बड़े स्तर पर पकड़ा। परीक्षा केंद्रों के बाहर से कुछ गाड़ियों में ऑनलाइन नकल कराने वाले भी धरे गए। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो देश के कई राज्यों से गिरोह के तार जुड़ते चले गए। राजस्थान के बहरोड से पेपर आउट कर खुफिया अड्डे पर उसे हल कराया गया। इसके लिए अनेक एक्सपर्ट पहले से कम्प्यूटर सिस्टम के साथ होटल के कमरे में मौजूद रहे। वहां से हल उत्तर ब्लूटुथ के जरिए परीक्षार्थियों तक पहुंचाए गए। इसके लिए महिला व पुरुष परीक्षार्थी के लिए स्पेशल गैजेट वाली ड्रेस भी बनवाई गई थी। इससे परीक्षा कमरे में ड्यूटी देने वाला शिक्षक उम्मीदवार को नकल करते न देख पाने समक्ष था न पकड़ने में। इस केस में पुलिस ने एक हजार से ज्यादा आरोपी पकड़े थे।
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