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Rohtak News: बाबा मस्तनाथ के जयकारों से गूंजा मठ परिसर
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07सीटीके44-बाबा मस्तनाथ मठ में ध्वज लेकर पहुंचे संत। स्रोत : मठ
लंबी जटा, तन पर भस्म, हाथों में ध्वज और होंठों पर बाबा की जयकार के उदघोष। यह नजारा था बाबा मस्तनाथ मठ का। शुक्रवार को बड़ी संख्या में साधु-संतों की टोलियां बाबा मस्तनाथ के समाधिस्थल पर पहुंचीं।
यहां संतों ने पूजा-अर्चना की व बाबा को नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद संतों की टाेली ने मेले का चक्कर लगाते हुए धूनी स्थल पर डेरा डाला। यहां पहले से अग्निकुंड के चारों ओर बैठकर भस्म रमाते संतों के साथ जा मिले। इधर, मठ परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।
बाबा मस्तनाथ मठ में वार्षिक मेले का दूसरा दिन श्रद्धा और भक्ति के रंग में डूबा नजर आया। हरियाणवी गीत व नगाड़े की थाप पर श्रद्धालु जमकर थिरके। बाबा के समाधिस्थल व मठ के महंत से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भक्ताें में उत्साह देर रात तक बना रहा। इसके चलते मेले में भी खासी चहल-पहल बनी रही। शाम को भक्तों के लिए भजन-कीर्तन व हवन का आयोजन किया गया। संध्या आरती के दौरान मंदिर के पुजारियों ने विशेष मंत्रोच्चारण किया। मेले में झूले बच्चों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।
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यहां संतों ने पूजा-अर्चना की व बाबा को नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद संतों की टाेली ने मेले का चक्कर लगाते हुए धूनी स्थल पर डेरा डाला। यहां पहले से अग्निकुंड के चारों ओर बैठकर भस्म रमाते संतों के साथ जा मिले। इधर, मठ परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।
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बाबा मस्तनाथ मठ में वार्षिक मेले का दूसरा दिन श्रद्धा और भक्ति के रंग में डूबा नजर आया। हरियाणवी गीत व नगाड़े की थाप पर श्रद्धालु जमकर थिरके। बाबा के समाधिस्थल व मठ के महंत से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भक्ताें में उत्साह देर रात तक बना रहा। इसके चलते मेले में भी खासी चहल-पहल बनी रही। शाम को भक्तों के लिए भजन-कीर्तन व हवन का आयोजन किया गया। संध्या आरती के दौरान मंदिर के पुजारियों ने विशेष मंत्रोच्चारण किया। मेले में झूले बच्चों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।
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