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Rohtak News: निम्न गुणवत्ता की ईंट भेजने पर 30 हजार हर्जाना देगा भट्ठा मालिक
Fri, 18 Jul 2025 01:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 18 Jul 2025 01:43 AM IST
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रोहतक। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने गांव हसनगढ़ स्थित आरती भट्ठा मालिक को निम्न गुणवत्ता की ईंट भेजने पर 30 हजार रुपये हर्जाना देने के आदेश दिए हैं। साथ ही पांच हजार रुपये सेवाओं में कमी व पांच हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर देने होंगे। इसके अलावा आयोग ने फैसला दिया है कि याचिकाकर्ता के बचे 1 लाख 95 हजार रुपये भी 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाए जाएं।
हिसार रोड स्थित कुआं मोहल्ला निवासी विकास ने जून 2024 में अर्जी दायर की थी कि उसने मकान का निर्माण करने के लिए हसनगढ़ स्थित आरती भट्ठे से 7 हजार प्रति हजार की दर से ईंट खरीदने का सौदा किया था। इसके लिए 3 लाख रुपये का भुगतान किया था। एक लाख रुपये नकद और बाकी फोन पे से दिए थे।
उसे 15 हजार ईंट (चटका) सप्लाई की गई। उसने एक नंबर की ईंट भेजने के लिए कहा मगर उसे टरकाते रहा। ऐसे में उसे अन्य भट्ठों से अधिक कीमत पर ईंट खरीदनी पड़ी। उसने पुलिस थाने में शिकायत की। उसका काम भी प्रभावित हुआ। ऐसे में उसे एक लाख रुपये मुआवजा और बचे 1 लाख 95 हजार रुपये की राशि 18 प्रतिशत ब्याज के सात देने और 11 हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर दिलवाए जाएं।
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आयोग ने भट्ठा कंपनी व उसके सहयोगी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा मगर कोई पक्ष नहीं रखा गया। इसके बाद आयोग ने एक पक्षीय सुनवाई करते निर्णय दिया है।
लैब जांच में द्वितीय श्रेणी की मिली ईंट
आयोग के मुताबिक ईंट भट्ठे से सप्लाई की गई ईंटों की लैब में जांच करवाई गई तो एसएसडी परीक्षण प्रयोगशाला (आईएसओ 9001:2015 प्रमाणित) से करवाया गया। रिपोर्ट के अनुसार ईंटों की औसत समग्र शक्ति 8.4 एन/एमएम2 है, जो द्वितीय श्रेणी की ईंटाें की गुणवत्ता के बराबर है। ऐसे में साफ है कि प्रथम श्रेणी की ईंट बताकर द्वितीय क्षेणी की ईंट बेची गई है।
भट्ठे से सही क्वालिटी की ईंट सप्लाई की गई। माल सप्लाई करते समय शिकायतकर्ता से रिसीविंग भी ली गई। आयोग में केस चल रहा था इसका पता नहीं लगा। मौका मिला तो आयोग में अपना पक्ष रखूंगा। -अनूप दहिया, संचालक आरती भट्ठा, हसनगढ़।
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हिसार रोड स्थित कुआं मोहल्ला निवासी विकास ने जून 2024 में अर्जी दायर की थी कि उसने मकान का निर्माण करने के लिए हसनगढ़ स्थित आरती भट्ठे से 7 हजार प्रति हजार की दर से ईंट खरीदने का सौदा किया था। इसके लिए 3 लाख रुपये का भुगतान किया था। एक लाख रुपये नकद और बाकी फोन पे से दिए थे।
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उसे 15 हजार ईंट (चटका) सप्लाई की गई। उसने एक नंबर की ईंट भेजने के लिए कहा मगर उसे टरकाते रहा। ऐसे में उसे अन्य भट्ठों से अधिक कीमत पर ईंट खरीदनी पड़ी। उसने पुलिस थाने में शिकायत की। उसका काम भी प्रभावित हुआ। ऐसे में उसे एक लाख रुपये मुआवजा और बचे 1 लाख 95 हजार रुपये की राशि 18 प्रतिशत ब्याज के सात देने और 11 हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर दिलवाए जाएं।
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आयोग ने भट्ठा कंपनी व उसके सहयोगी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा मगर कोई पक्ष नहीं रखा गया। इसके बाद आयोग ने एक पक्षीय सुनवाई करते निर्णय दिया है।
लैब जांच में द्वितीय श्रेणी की मिली ईंट
आयोग के मुताबिक ईंट भट्ठे से सप्लाई की गई ईंटों की लैब में जांच करवाई गई तो एसएसडी परीक्षण प्रयोगशाला (आईएसओ 9001:2015 प्रमाणित) से करवाया गया। रिपोर्ट के अनुसार ईंटों की औसत समग्र शक्ति 8.4 एन/एमएम2 है, जो द्वितीय श्रेणी की ईंटाें की गुणवत्ता के बराबर है। ऐसे में साफ है कि प्रथम श्रेणी की ईंट बताकर द्वितीय क्षेणी की ईंट बेची गई है।
भट्ठे से सही क्वालिटी की ईंट सप्लाई की गई। माल सप्लाई करते समय शिकायतकर्ता से रिसीविंग भी ली गई। आयोग में केस चल रहा था इसका पता नहीं लगा। मौका मिला तो आयोग में अपना पक्ष रखूंगा। -अनूप दहिया, संचालक आरती भट्ठा, हसनगढ़।