{"_id":"62ed89be23b4ac03a6190375","slug":"the-kalanaur-municipal-head-formed-38-days-ago-did-not-get-the-rights-rohtakcity-news-rtk6544007130","type":"story","status":"publish","title_hn":"38 दिन पहले बनी कलानौर नगरपालिका प्रधान को नहीं मिले अधिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
38 दिन पहले बनी कलानौर नगरपालिका प्रधान को नहीं मिले अधिकार
विज्ञापन
नगरपालिका कलानौर चुनाव में कांग्रेस की प्रवीण कुमारी ने अविश्वास प्रस्ताव के करीब डेढ़ साल बाद फिर 11 वोटों से जीत दर्ज करवाई और चेयरपर्सन बनी। उनकी ताजपोशी हुई, कुर्सी भी मिली, परंतु वह जीत के 38 दिन बाद भी अधिकारों से वंचित हैं। इससे कस्बे के विकास कार्य रुके हुए हैं। नपा चेयरपर्सन इस मामले में सरकार को दोषी ठहरा रही हैं।
नपा चेयरमैन ने बताया कि सबसे पहले सरकार ने धोखे से अविश्वास प्रस्ताव पारित करवाया। इसके बाद नियमों के विरुद्ध आरक्षित महिला सीट पर जनरल कार्यवाहक चेयरमैन को बैठाया। करीबन डेढ़ साल से सीट पर काबिज कार्यवाहक चेयरमैन के विकास कार्य अपने चहेतों के वार्डों तक रहे। अब दोबारा से कांग्रेस के सभी पार्षदों ने हाईकोर्ट का सहारा लेकर चुनाव करवाया और जीत भी दर्ज करवाई। परंतु पिछले एक महीने से प्राधिकरण नहीं मिलने के चलते बैठक नहीं हो पा रही है। साथ में ही विकास कार्यों का पहिया रुक सा गया है। लगभग सभी वार्डों की गलियां, नालियां, पुलिया का काम रहता है, जोकि वार्डवासी इनको लेकर पार्षदों से हर रोज शिकायत कर रहे हैं। इसी के साथ रात्रि में काम करने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह तक रुकी हुई है। घर-घर कूड़ा उठाने वाले ठेकेदार का ठेका पूरा हो चुका है। नपा चेयरपर्सन प्रतिनिधि विष्णु ने कहा कि आने वाले 10 दिन के अंदर टेंडर प्रक्रिया और विकास कार्य शुरू नहीं हुए तो वो सरकार और नपा कर्मचारियों के खिलाफ अनिश्चितकाल के लिए धरने पर बैठेंगे।
हमने हाईकोर्ट का सहारा लेकर चुनाव करवाया था। सरकार की मंशा तो चुनाव करवाने की ही नहीं थी। कस्बे के सभी विकास कार्यों पर भी रोक लगा दी है। 6 जुलाई को नपा चेयरपर्सन ने कुर्सी संभाली और उन्हें सभी अथॉरिटी दे दी लेकिन अचानक से नपा सचिव ने सारी अथॉरिटी वापिस ले ली और नोटिफिकेशन न आने का हवाला दे दिया। -मनजीत सिक्का, नपा पार्षद।
विज्ञापन
कलानौर के कांग्रेस पक्ष के सभी पार्षद इस बात से नाराज हैं कि कलानौर नपा प्रधान की कुर्सी पिछले 16 महीने से खाली थी। उस पर बीजेपी के उप प्रधान ने कार्य भार संभाला तो अपने चहेते पार्षद के ही काम करवाये। बाकी वार्डों के कोई टेंडर भी नहीं लगवाए और कलानौर की जनता के साथ भेदभाव किया। अब सभी पार्षद 16 महीने से रुके हुए शहर के विकास कार्यों को गति देना चाहते हैं तो मौजूदा सरकार के लोग काम नहीं होने देना चाहते। कस्बे के विकास कार्य राजनीति की बलि चढ़े हुए हैं। - सत्यवान भट्टी (कांग्रेस) नपा पार्षद वार्ड नं 2
आमजन सफाई, बिजली, प्रॉपर्टी, गलियों व नालियों के नवनिर्माण न होने के कारण परेशान है। नपा के एसडीओ तरुण से जब इस विषय पर बात की गई तो उनके द्वारा कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। नगरपालिका में अधिकारी कोई किसी की सुनवाई नहीं करता। - कपिल मलिक, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड नं 3
सरकार को तुरंत प्रभाव से नपा प्रधान को साइन अथॉरिटी दे देनी चाहिए। क्योंकि स्वाइन अथॉरिटी के बिना वार्ड के कार्य रुके हुए हैं। इनमें मुख्य रूप से हमारे वार्ड की करीबन 8 महीने से गलियों व नालियों का काम रुका हुआ है। शहर के विकास कार्य ठप पड़े हैं। इन्हें समय रहते पूरा करवाना आवश्यक है।
- प्रियंका पुनियानी, वार्ड नं 6 नपा पार्षद। (भाजपा)
नपा चेयरपर्सन को अभी हस्ताक्षर प्राधिकरण प्राप्त नहीं हुआ है। उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। उन्होंने जल्द ही प्रक्रिया को पूरा करने का आश्वासन दिया है। जल्द ही कलानौर कस्बे के रुके हुए कार्य पूरे करवाएं जाएंगे। - तेजपाल सिंह, नपा सचिव, कलानौर
विज्ञापन
नपा चेयरमैन ने बताया कि सबसे पहले सरकार ने धोखे से अविश्वास प्रस्ताव पारित करवाया। इसके बाद नियमों के विरुद्ध आरक्षित महिला सीट पर जनरल कार्यवाहक चेयरमैन को बैठाया। करीबन डेढ़ साल से सीट पर काबिज कार्यवाहक चेयरमैन के विकास कार्य अपने चहेतों के वार्डों तक रहे। अब दोबारा से कांग्रेस के सभी पार्षदों ने हाईकोर्ट का सहारा लेकर चुनाव करवाया और जीत भी दर्ज करवाई। परंतु पिछले एक महीने से प्राधिकरण नहीं मिलने के चलते बैठक नहीं हो पा रही है। साथ में ही विकास कार्यों का पहिया रुक सा गया है। लगभग सभी वार्डों की गलियां, नालियां, पुलिया का काम रहता है, जोकि वार्डवासी इनको लेकर पार्षदों से हर रोज शिकायत कर रहे हैं। इसी के साथ रात्रि में काम करने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह तक रुकी हुई है। घर-घर कूड़ा उठाने वाले ठेकेदार का ठेका पूरा हो चुका है। नपा चेयरपर्सन प्रतिनिधि विष्णु ने कहा कि आने वाले 10 दिन के अंदर टेंडर प्रक्रिया और विकास कार्य शुरू नहीं हुए तो वो सरकार और नपा कर्मचारियों के खिलाफ अनिश्चितकाल के लिए धरने पर बैठेंगे।
विज्ञापन
हमने हाईकोर्ट का सहारा लेकर चुनाव करवाया था। सरकार की मंशा तो चुनाव करवाने की ही नहीं थी। कस्बे के सभी विकास कार्यों पर भी रोक लगा दी है। 6 जुलाई को नपा चेयरपर्सन ने कुर्सी संभाली और उन्हें सभी अथॉरिटी दे दी लेकिन अचानक से नपा सचिव ने सारी अथॉरिटी वापिस ले ली और नोटिफिकेशन न आने का हवाला दे दिया। -मनजीत सिक्का, नपा पार्षद।
विज्ञापन
कलानौर के कांग्रेस पक्ष के सभी पार्षद इस बात से नाराज हैं कि कलानौर नपा प्रधान की कुर्सी पिछले 16 महीने से खाली थी। उस पर बीजेपी के उप प्रधान ने कार्य भार संभाला तो अपने चहेते पार्षद के ही काम करवाये। बाकी वार्डों के कोई टेंडर भी नहीं लगवाए और कलानौर की जनता के साथ भेदभाव किया। अब सभी पार्षद 16 महीने से रुके हुए शहर के विकास कार्यों को गति देना चाहते हैं तो मौजूदा सरकार के लोग काम नहीं होने देना चाहते। कस्बे के विकास कार्य राजनीति की बलि चढ़े हुए हैं। - सत्यवान भट्टी (कांग्रेस) नपा पार्षद वार्ड नं 2
आमजन सफाई, बिजली, प्रॉपर्टी, गलियों व नालियों के नवनिर्माण न होने के कारण परेशान है। नपा के एसडीओ तरुण से जब इस विषय पर बात की गई तो उनके द्वारा कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। नगरपालिका में अधिकारी कोई किसी की सुनवाई नहीं करता। - कपिल मलिक, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड नं 3
सरकार को तुरंत प्रभाव से नपा प्रधान को साइन अथॉरिटी दे देनी चाहिए। क्योंकि स्वाइन अथॉरिटी के बिना वार्ड के कार्य रुके हुए हैं। इनमें मुख्य रूप से हमारे वार्ड की करीबन 8 महीने से गलियों व नालियों का काम रुका हुआ है। शहर के विकास कार्य ठप पड़े हैं। इन्हें समय रहते पूरा करवाना आवश्यक है।
- प्रियंका पुनियानी, वार्ड नं 6 नपा पार्षद। (भाजपा)
नपा चेयरपर्सन को अभी हस्ताक्षर प्राधिकरण प्राप्त नहीं हुआ है। उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। उन्होंने जल्द ही प्रक्रिया को पूरा करने का आश्वासन दिया है। जल्द ही कलानौर कस्बे के रुके हुए कार्य पूरे करवाएं जाएंगे। - तेजपाल सिंह, नपा सचिव, कलानौर