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इस बार चार चरणों में जाट आरक्षण आंदोलन, 28 से शुरूआत
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 20 Nov 2016 01:48 AM IST
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यशपाल मलिक
- फोटो : फाइल फोटो
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जाट आरक्षण के मुद्दे पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने फिर से आंदोलन की घोषणा कर दी है। शनिवार को जाट भवन में हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि चार चरणों में होने वाले आंदोलन की शुरूआत 28 नवंबर से की जाएगी। साथ ही सांसद राजकुमार सैनी और सांसद अश्वनी चोपड़ा का बहिष्कार किया जाएगा।
बैठक के बाद यशपाल मलिक ने मीडिया से कहा कि जाट आरक्षण, जेलों में बंद युवाओं के मुकदमे खारिज कर उनकी रिहाई और अन्य मांगों को लेकर इस बार चार चरणों में आंदोलन किया जाएगा। पहला चरण 28 नवंबर से 9 दिसंबर तक चलेगा। इसमें जाट बाहुल्य क्षेत्रों से चुने गए सांसदों को उनके दिल्ली स्थित आवास पर उन्हीं के क्षेत्र के लोग ज्ञापन देंगे। लेकिन सांसद राजकुमार सैनी और सांसद अश्वनी चोपड़ा का बहिष्कार किया जाएगा। उन्हें ज्ञापन नहीं दिया जाएगा। आंदोलन का दूसरा चरण 12 दिसंबर से शुरू होगा। इस दिन दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में ज्ञापन देकर हरियाणा में जाट समाज और महापुरुषों को गालियां देने वाले भाजपा के प्रतिनिधियों को पार्टी से बाहर निकालने की मांग की जाएगी।
तीसरे चरण में 13 दिसंबर को हरियाणा में भाईचारा यात्रा की शुरुआत की जाएगी। इसका आगाज सांपला से किया जाएगा। प्रदेश महासचिव महेंद्र पूनिया इसका नेतृत्व करेंगे। यात्रा का संचालन प्रदेश में होने वाले चौथे चरण में अनिश्चितकालीन धरनों तक जारी रहेगा। धरने के पहले दिन मय्यड़ में इसका समापन होगा। वहीं, उत्तर प्रदेश और पंजाब में प्रत्येक विधानसभा में हर दिन धरना शुरू किया जाएगा। साथ ही 25 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच किसी भी दिन अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत कर दी जाएगी।
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नोटबंदी पर भाजपा ने किया जनता को गुमराह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले पर यशपाल मलिक ने कहा कि यह कदम सही है, लेकिन इसकी कोई प्लानिंग नहीं है। भाजपा के इस कदम से सभी मुद्दे पीछे हट गए हैं। जनता को गुमराह करने के लिए यह किया गया है। सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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बैठक के बाद यशपाल मलिक ने मीडिया से कहा कि जाट आरक्षण, जेलों में बंद युवाओं के मुकदमे खारिज कर उनकी रिहाई और अन्य मांगों को लेकर इस बार चार चरणों में आंदोलन किया जाएगा। पहला चरण 28 नवंबर से 9 दिसंबर तक चलेगा। इसमें जाट बाहुल्य क्षेत्रों से चुने गए सांसदों को उनके दिल्ली स्थित आवास पर उन्हीं के क्षेत्र के लोग ज्ञापन देंगे। लेकिन सांसद राजकुमार सैनी और सांसद अश्वनी चोपड़ा का बहिष्कार किया जाएगा। उन्हें ज्ञापन नहीं दिया जाएगा। आंदोलन का दूसरा चरण 12 दिसंबर से शुरू होगा। इस दिन दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में ज्ञापन देकर हरियाणा में जाट समाज और महापुरुषों को गालियां देने वाले भाजपा के प्रतिनिधियों को पार्टी से बाहर निकालने की मांग की जाएगी।
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तीसरे चरण में 13 दिसंबर को हरियाणा में भाईचारा यात्रा की शुरुआत की जाएगी। इसका आगाज सांपला से किया जाएगा। प्रदेश महासचिव महेंद्र पूनिया इसका नेतृत्व करेंगे। यात्रा का संचालन प्रदेश में होने वाले चौथे चरण में अनिश्चितकालीन धरनों तक जारी रहेगा। धरने के पहले दिन मय्यड़ में इसका समापन होगा। वहीं, उत्तर प्रदेश और पंजाब में प्रत्येक विधानसभा में हर दिन धरना शुरू किया जाएगा। साथ ही 25 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच किसी भी दिन अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत कर दी जाएगी।
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नोटबंदी पर भाजपा ने किया जनता को गुमराह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले पर यशपाल मलिक ने कहा कि यह कदम सही है, लेकिन इसकी कोई प्लानिंग नहीं है। भाजपा के इस कदम से सभी मुद्दे पीछे हट गए हैं। जनता को गुमराह करने के लिए यह किया गया है। सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।