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सरकार से जो सम्मान मिला, उसे सूद समेत लौटाएंगे

Thu, 03 Jun 2021 01:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 01:09 AM IST
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The honor received from the government will be returned with interest
अंतरराष्ट्रीय शूटर पूनम पंडित ने कहा है कि केंद्र सरकार ने जो भी सम्मान, प्यार, मोहब्बत दी है, उसे सूद समेत लौटाएंगे। बस सरकार बदलने दो, सब कुछ डबल करके देंगे। पिछले साल किसान आंदोलन के समर्थन का एलान कर सुर्खियों में आई पूनम बुधवार की दोपहर मकड़ौली टोल प्लाजा पर चल रहे धरने को संबोधित कर रही थी।
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पूनम ने कहा कि जिस आंदोलन से मातृ शक्ति जुड़ जाती है, उसमें जीत हमेशा हुई है, यह आंदोलन भी हम जीतेंगे। लेकिन इसके लिए अपनी एकता सबसे जरूरी है। जिस तरह मोदी जी बंद कमरे में चार कैमरे लगाकर अपनी पब्लिसिटी करते हैं। उसी तरह किसान संगठनों के बीच भी अगर कोई मनमुटाव हो तो उसे बंद कमरे में ही निपटा लें, मामले को बढ़ने न दें। 40 संगठन आंदोलन में सीधे जुड़े हैं और बहुत से हिमायत कर रहे हैं, सबकी एकता अहम है। यह सिर्फ एक आदमी, मोदी का मामला है, प्रशासन में भी ज्यादातर लोग उनसे दुखी हैं। पूनम ने कहा कि अगर जिंदा हो तो गलत बात का विरोध करना जरूरी है। इतिहास देख लो, हमेशा सच को उभारने वालों का ही इतिहास लिखा गया है। लोग कहते हैं कि पूनम राजनीति करेगी। मैं कहती हूं कि हां राजनीति करूंगी तो लोकसेवा की करूंगी। उन्होंने कहा कि एक कवि ने लिखा है कि रोकर, ड्रामा कर देश को नहीं बचाया जा सकता। संगठन के जिला प्रधान राजू मकड़ौली ने पूनम को सम्मानित किया। राजू ने उम्मीद जताई कि जल्द ही पूनम भी भाकियू-चढूनी से जुड़ेंगी। सरपंच सुभाष को ब्लॉक प्रधान नियुक्त किया। इस मौके पर कई लोगों ने संगठन ज्वाइन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंची थीं।
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कौन हैं पूनम पंडित
पूनम पंडित (34) एक अंतरराष्ट्रीय शूटर हैं। उन्होंने नेपाल में हुई प्रतियोगिता में भारत को गोल्ड दिलाया था। बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश की रहने वाली पूनम ने 2020 के अंत में कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन कर सुर्खियां बटोरी थीं। दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर उनका जबरदस्त भाषण भी सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुआ था। उन्होंने कृषि कानूनों को डेथ वारंट बताते हुए सभी से 26 जनवरी 2021 को दिल्ली पहुंचने की अपील की थी।
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