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Rohtak News: पाकस्मा के वीरों ने आजाद हिंद फौज और सरहदों की हिफाजत में दीं कुर्बानियां

Wed, 10 Jun 2026 01:43 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2026 01:43 AM IST
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The heroes of Pakasma made sacrifices for the Azad Hind Fauj and in the defense of the borders.
10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी। - फोटो : मनी
मेरा गांव मेरी शान :
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रोहित राठौर
रोहतक। पाकस्मा आजादी की लड़ाई से लेकर देश की सरहदों की हिफाजत तक हर दौर में कुर्बानियों की मिसाल रहा है। यहां से निकले जांबाजों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में शामिल होकर अंग्रेजी हुकूमत को ललकारा था। इन सपूतों ने देश के लिए और मातृभूमि की रक्षा में अनपे आपको समर्पित कर दिया था।
पाकस्मा का इतिहास बलिदान और देशभक्ति से लिखा गया है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान गांव के मनोहर, भरत सिंह, ठेका, बलदेव, नफे, बाघेराम और लायक राम आजाद हिंद फौज का हिस्सा बने।
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इन स्वतंत्रता सेनानियों ने नेताजी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर भारत की आजादी के लिए संघर्ष किया। यही नहीं गांव के स्वतंत्रता सेनानी भरत सिंह पुत्र ज्ञानी के जर्मन में निधन के बाद गांव में पार्थिव शरीर तक नहीं पहुंचा था।
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ग्रामीण मुकेश राणा बताते हैं कि सूबेदार मेजर इंद्र सिंह को 1965 में देश सेवा के लिए रक्षा मेडल से नवाजा गया और 10 अन्य पदक भी हासिल किए थे। आजादी के जांबाज सैनिक रिसाल सिंह 10 साल बाद गांव लौटे थे। घर वाले भी यह समझ गए थे कि उनका निधन हो गया है।
ग्रामीण ज्ञान सिंह बताते हैं कि 1988 में श्रीलंका में चलाए गए ऑपरेशन पवन के दौरान जाफना में गांव के सूबेदार बलवान सिंह वीरगति को प्राप्त हुए। उन्होंने लिट्टे के खिलाफ मोर्चा लेते हुए अदम्य साहस दिखाया था।
गांव के शहीद हवलदार प्रताप सिंह राणा ने भी देश सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इसके अलावा शहीद अजीत राणा और शहीद प्रवीण राणा ने भी प्रदेश और देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति दी।
सूबेदार यशपाल सिंह व सूबेदार रिसाल सिंह ने 1971 की लड़ाई लड़ी। ग्रामीण ब्रिजेंद्र सिंह ने बताया कि पिता दरियाव सिंह ने 1962, 1965 व 1971 की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने पाकिस्तान 10 सैनिकों को ढेर किया था।
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फोटो : 05
मैंने सेना में रहते हुए 1962 व 1965 की लड़ाइयों को करीब से देखा है। इनमें 1965 की लड़ाई में बाडमेर बॉर्डर में दुश्मनों से सीधा सामना भी किया है लेकिन कभी डरे नहीं। -कुंजाराम, 86 वर्षीय पूर्व सैनिक।
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फोटो : 06
चाचा प्रताप सिंह 1985 में भारतीय सेना में शामिल हुए थे। देश की रक्षा करते हुए 15 सितंबर 2003 में असम के लेखापानी तिनसुकिया मोको में दुश्मनों के साथ मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए थे। -नरेश कुमार, शहीद प्रताप सिंह के भतीजे।
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फोटो : 07
गांव में 10वीं की शिक्षा ग्रहण करने के बाद पिता अजीत 1966 में बीएसएफ में भर्ती हुए। सेना में देश की रक्षा के लिए अपना पूर्ण योगदान दिया और 2002 में मणिपुर में शहीद हो गए थे। -नरेंद्र राणा, शहीद सूबेदार अजीत राणा के पुत्र।
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फोटो : 08
गांव से आजाद हिंद फौज में मनोहर लाल खाती रहे। उन्होंने सेना और अंग्रेजी हुकूमत का सामने करते हुए शहीद हुए थे। नफे सिंह भी आजाद हिंद फौज में शामिल थे। -प्रेम सिंह राणा, ग्रामीण।
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फोटो : 09
चाचा नफे सिंह ने आजाद हिंद फौज में जुड़कर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ कंधे से कंधे मिलाकर चले थे। उनकी देश के प्रति गंभीरता और समर्पण सदैव याद रहेगा। -रघबीर, नफे सिंह लोहार के भतीजे।
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फोटो : 10
26 जनवरी 1988 में पति बलवान सिंह श्रीलंका के पवन ऑपरेशन में शहीद हुए थे। उन्होंने 14 जाट रेजिमेंट में रहकर अपनी सेवाएं दीं। इसकी सूचना दस्तावेजों के माध्यम से घर पहुंची थी। -दया कौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।
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फोटो : 11
दादा आजाद हिंद फौज में शामिल हुए थे। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जर्मन में उनका निधन हो गया था लेकिन उनका पार्थिव शरीर गांव में नहीं पहुंच पाया। यह जानकारी भी गांव के उनके साथियों ने दी थी। -सुखबीर राणा, स्वतंत्रता सेना भरत सिंह राणा के पौत्र।
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फोटो : 12
दादा बाघेराम सुभाष चंद्र बोस की सेना में सक्रिय रूप से भाग लिए थे। उनको हरियाणा सरकार में तत्काल मुख्यमंत्री बंसी लाल ने मरणोपरांत ताम्रपत्र से सम्मानित किया था। -विकास राणा, स्वतंत्रता सेनानी बाघेराम के पौत्र।
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फोटो : 13
मैं 1971 की लड़ाई में शामिल रहा हूं। दुश्मनों का सामना करते समय कभी पीछे नहीं हटे। सेवानिवृत्त होने के बाद से अभी परिवार के साथ रह रहा हूं। -दरियाव सिंह, 1971 की लड़ाई के जांबाज सैनिक।

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।- फोटो : मनी

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।- फोटो : मनी

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।- फोटो : मनी

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।- फोटो : मनी

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।- फोटो : मनी

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।- फोटो : मनी

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।- फोटो : मनी

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।- फोटो : मनी

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।- फोटो : मनी

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।- फोटो : मनी

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।- फोटो : मनी

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।

10-दयाकौर, शहीद बलवान सिंह राणा की पत्नी।- फोटो : मनी

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