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Rohtak News: एचसीएमएस की हड़ताल से बिगड़ी व्यवस्था, मरीजों को इलाज के लिए तीन घंटे तक करना पड़ा इंतजार
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10...रोहतक के पीजीआई की ओपीडी में दवाई लेने के लिए लाइन में खड़े मरीज
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएस) की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। मरीजों को इलाज के लिए तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। हड़ताल के बावजूद नागरिक अस्पताल में सोमवार को मरीजों की भीड़ लगी रही। गंभीर मरीजों ने पीजीआई का रुख किया।
एसोेसिएशन ने मंगलवार को शत प्रतिशत चिकित्सकों के विरोध स्वरूप सामूहिक अवकाश पर रहने व आपात सेवाएं बाधित रखने का फैसला लिया है। इधर, सिविल सर्जन डॉ. रमेशचंद्र ने अस्पताल का दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया व हड़ताल को बेअसर बताया। सीएमओ ने साफ कहा कि हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं। दावा किया कि ओपीडी में 1700 मरीज जांचे व आंखों के सात ऑपरेशन भी किए गए।
सोमवार को एचसीएमएस के चिकित्सकों ने एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाने व अनुमोदित संशोधित एसीपी स्ट्रक्चर की मांग लागू कराने को लेकर विरोध जताया। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विश्वजीत सिंह ने कहा कि हमारी दोनों मांगें स्वीकृत होने के बावजूद लागू नहीं की जा रही हैं।
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इससे चिकित्सकों में रोष है। चिकित्सकों की मांगें नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन का जाएगा। इसी कड़ी में मंगलवार को चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर रह कर विरोध जताएंगे। इस दौरान आपातकालीन सेवाएं प्रभावित रहेंगी।
इधर, ओपीडी में रोज की तरह मरीज इलाज के लिए पहुंचे। यहां हड़ताल के चलते कतार में खड़े मरीज इलाज के लिए एक-एक घंटा इंतजार करते दिखाई दिए। एसोसिएशन का दावा है कि 150 में से 70 प्रतिशत चिकित्सक अवकाश पर रहे।
आपीडी में व्यवस्था बनाने के लिए एनएचएम के अलावा 15 पीजी चिकित्सक पीजीआई से बुलाए गए। इनके जरिए व्यवस्था बनाई गई। उधर, पीजीआई में भी दोपहर बाद तक मरीजों की भीड़ उमड़ी रही। यहां ओपीडी के अलावा जांच केंद्र व दवा खिड़की पर मरीजों की लंबी लाइन नजर आई।
अस्पताल में 30 से ज्यादा ऑपरेशन होते हैं रोज
नागरिक अस्पताल में सोमवार को आंखों के सात ऑपरेशन हुए। अन्य विभागों के ऑपरेशन की जानकारी न होने की बात कही गई है। यहां रोजाना औसतन सभी विभागों के 30 से ज्यादा ऑपरेशन हाेते हैं। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि रविवार को अवकाश के चलते सोमवार के लिए सात ही मरीजों को ऑपरेशन का समय दिया गया था।
हड़ताल बेअसर रही। मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। चिकित्सक हड़ताल पर नहीं हैं। चिकित्सकों की वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है। इससे मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
- डॉ. रमेशचंद्र, सिविल सर्जन
वर्जन
एसोसिएशन के 70 प्रतिशत चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। मंगलवार को शत प्रतिशत चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर रहकर विरोध जताएंगे।
- डाॅ. विश्वजीत सिंह, अध्यक्ष, एचसीएमएस
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नगारिक अस्पताल में सुबह 9 बजे उपचार के लिए बेटे के साथ आई थी। यहां दोपहर 12 बजे बाद तक भी उपचार नहीं मिला। मरीजों की लंबी लाइन के कारण इलाज में देरी का सामना करना पड़ा।
- सावित्री, रूखी
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इलाज के लिए गायनी विभाग में आई थी। सुबह 8 बजे आने के बावजूद समय पर उपचार नहीं मिला। चिकित्सकों की हड़ताल के चलते एक घंटे से भी ज्यादा इंतजार करना पड़ा।
- हनीषा, शिव कॉलोनी हिसार रोड
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नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए सुबह आई थी। आंखों में तकलीफ है। यहां इलाज के लिए एक घंटे से लाइन में खड़ी हूं। हड़ताल के कारण मरीजों इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
- शकुंतला, जनता कॉलोनी
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त्वचा रोग विभाग में सुबह से ही लंबी लाइन लगी हुई हूं। सुबह जल्दी आने के बावजूद दोपहर को नंबर आया। जांच भी करानी है। इसके बाद दवा के लिए भी लाइन लगानी पड़ेगी।
- मुन्नी देवी, खरावड़
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रोहतक। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएस) की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। मरीजों को इलाज के लिए तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। हड़ताल के बावजूद नागरिक अस्पताल में सोमवार को मरीजों की भीड़ लगी रही। गंभीर मरीजों ने पीजीआई का रुख किया।
एसोेसिएशन ने मंगलवार को शत प्रतिशत चिकित्सकों के विरोध स्वरूप सामूहिक अवकाश पर रहने व आपात सेवाएं बाधित रखने का फैसला लिया है। इधर, सिविल सर्जन डॉ. रमेशचंद्र ने अस्पताल का दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया व हड़ताल को बेअसर बताया। सीएमओ ने साफ कहा कि हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं। दावा किया कि ओपीडी में 1700 मरीज जांचे व आंखों के सात ऑपरेशन भी किए गए।
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सोमवार को एचसीएमएस के चिकित्सकों ने एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाने व अनुमोदित संशोधित एसीपी स्ट्रक्चर की मांग लागू कराने को लेकर विरोध जताया। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विश्वजीत सिंह ने कहा कि हमारी दोनों मांगें स्वीकृत होने के बावजूद लागू नहीं की जा रही हैं।
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इससे चिकित्सकों में रोष है। चिकित्सकों की मांगें नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन का जाएगा। इसी कड़ी में मंगलवार को चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर रह कर विरोध जताएंगे। इस दौरान आपातकालीन सेवाएं प्रभावित रहेंगी।
इधर, ओपीडी में रोज की तरह मरीज इलाज के लिए पहुंचे। यहां हड़ताल के चलते कतार में खड़े मरीज इलाज के लिए एक-एक घंटा इंतजार करते दिखाई दिए। एसोसिएशन का दावा है कि 150 में से 70 प्रतिशत चिकित्सक अवकाश पर रहे।
आपीडी में व्यवस्था बनाने के लिए एनएचएम के अलावा 15 पीजी चिकित्सक पीजीआई से बुलाए गए। इनके जरिए व्यवस्था बनाई गई। उधर, पीजीआई में भी दोपहर बाद तक मरीजों की भीड़ उमड़ी रही। यहां ओपीडी के अलावा जांच केंद्र व दवा खिड़की पर मरीजों की लंबी लाइन नजर आई।
अस्पताल में 30 से ज्यादा ऑपरेशन होते हैं रोज
नागरिक अस्पताल में सोमवार को आंखों के सात ऑपरेशन हुए। अन्य विभागों के ऑपरेशन की जानकारी न होने की बात कही गई है। यहां रोजाना औसतन सभी विभागों के 30 से ज्यादा ऑपरेशन हाेते हैं। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि रविवार को अवकाश के चलते सोमवार के लिए सात ही मरीजों को ऑपरेशन का समय दिया गया था।
हड़ताल बेअसर रही। मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। चिकित्सक हड़ताल पर नहीं हैं। चिकित्सकों की वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है। इससे मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
- डॉ. रमेशचंद्र, सिविल सर्जन
वर्जन
एसोसिएशन के 70 प्रतिशत चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। मंगलवार को शत प्रतिशत चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर रहकर विरोध जताएंगे।
- डाॅ. विश्वजीत सिंह, अध्यक्ष, एचसीएमएस
नगारिक अस्पताल में सुबह 9 बजे उपचार के लिए बेटे के साथ आई थी। यहां दोपहर 12 बजे बाद तक भी उपचार नहीं मिला। मरीजों की लंबी लाइन के कारण इलाज में देरी का सामना करना पड़ा।
- सावित्री, रूखी
इलाज के लिए गायनी विभाग में आई थी। सुबह 8 बजे आने के बावजूद समय पर उपचार नहीं मिला। चिकित्सकों की हड़ताल के चलते एक घंटे से भी ज्यादा इंतजार करना पड़ा।
- हनीषा, शिव कॉलोनी हिसार रोड
नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए सुबह आई थी। आंखों में तकलीफ है। यहां इलाज के लिए एक घंटे से लाइन में खड़ी हूं। हड़ताल के कारण मरीजों इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
- शकुंतला, जनता कॉलोनी
त्वचा रोग विभाग में सुबह से ही लंबी लाइन लगी हुई हूं। सुबह जल्दी आने के बावजूद दोपहर को नंबर आया। जांच भी करानी है। इसके बाद दवा के लिए भी लाइन लगानी पड़ेगी।
- मुन्नी देवी, खरावड़

10...रोहतक के पीजीआई की ओपीडी में दवाई लेने के लिए लाइन में खड़े मरीज

10...रोहतक के पीजीआई की ओपीडी में दवाई लेने के लिए लाइन में खड़े मरीज

10...रोहतक के पीजीआई की ओपीडी में दवाई लेने के लिए लाइन में खड़े मरीज

10...रोहतक के पीजीआई की ओपीडी में दवाई लेने के लिए लाइन में खड़े मरीज

10...रोहतक के पीजीआई की ओपीडी में दवाई लेने के लिए लाइन में खड़े मरीज

10...रोहतक के पीजीआई की ओपीडी में दवाई लेने के लिए लाइन में खड़े मरीज