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Rohtak News: उप प्रधान कार्यालय पर ताला लगाकर गए चंडीगढ़, कोषाध्यक्ष को नहीं मिला महासचिव का कार्यभार
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39-कमल कॉलोनी स्थित कार्यालय में मौजूद जाट संस्था के कोषाध्यक्ष सुधीर हुड्डा व कॉलेजियम सदस्य
- फोटो : samvad
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। जिला रजिस्ट्रार की ओर से जाट शिक्षण संस्था के प्रधान गुलाब सिंह दिमाना व महासचिव नवदीप को हटाने के बाद शुक्रवार को कोषाध्यक्ष सुधीर हुड्डा महासचिव का अतिरिक्त कार्यभार नहीं संभाल सके। उप प्रधान ने कहा कि वे चंडीगढ़ किसी काम से गए हुए हैं।
कोषाध्यक्ष ने कहा कि उनको कार्यालय पर ताला लगा मिला। वे सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया व पीएनबी में जाकर संस्था के खातों से लेनदेन पर रोक लगाने के लिए पत्र सौंपकर आए हैं।
दिल्ली रोड स्थित जाट शिक्षण संस्था सबसे पुरानी संस्थाओं में से एक है। दो साल पहले गुलाब सिंह दिमाना संस्था के प्रधान बने थे। संस्था के सदस्य व पूर्व उप प्रधान नरेश काला ने खुलासा किया था कि संस्था में वित्तीय गड़बड़ी के चलते प्रधान व महासचिव को जिला रजिस्ट्रार ने पदों से हटा दिया था।
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तय हुआ था कि उप प्रधान धर्मराज प्रधान व कोषाध्यक्ष सुधीर हुड्डा महासचिव का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। शुक्रवार सुबह संस्था के 25 कॉलेजियम सदस्य संस्था में पहुंचे। जिला रजिस्ट्रार के फैसले के तहत कोषाध्यक्ष सुधीर हुड्डा को कार्यभार दिलाना था।
वहां क्लर्क व एक महिला कर्मी मिली। उन्होंने बताया कि उप प्रधान धर्मराज कार्यालय में मौजूद हैं। फोन पर बात की तो धर्मराज ने बताया कि वे चंडीगढ़ गए हुए हैं। शनिवार को आएंगे। इसके बाद कॉलेजियम सदस्य कोषाध्यक्ष के साथ संस्था में स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में पहुंचे।
वहां संस्था के पांच खाते हैं जबकि एक खाता जिला विकास भवन स्थित पीएनबी बैंक में है। दोनों जगह कोषाध्यक्ष ने जिला रजिस्ट्रार के फैसले का पत्र दिया। कहा कि आगे के लेनदेन पर रोक लगाई जाए। इससे पहले के लेनदेन के जिम्मेदार पूर्व अधिकारी रहेंगे, क्योंकि इससे पूर्व के लेनदेन में मुझ से कोई विचार-विमर्श नहीं किया गया।
संस्था को आगे बढ़ाने के लिए सभी कॉलेजियम सदस्यों से बैठकर चर्चा करेंगे। कॉलेजियम सदस्य कृष्ण नांदल, राजे उर्फ राजेंद्र, बलराज नांदल, कृष्ण कबूलपुर, चंद्रभान खेड़ी साध, कर्मवीर बलियान, चिंतामणि इस्माईला, वीरेंद्र बड़क, जयवीर गढ़ी, रविंद्र लाठर व अन्य मौजूद रहे।
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गुलाब सिंह दिमाना बोले-नहीं सुना गया पक्ष, हाईकोर्ट जाऊंगा
संस्था की सदस्यता निरस्त कर पद से हटाए गए प्रधान गुलाब सिंह का कहना है कि जिला रजिस्ट्रार को संस्था के प्रधान की सदस्यता निरस्त करने का अधिकार भी नहीं है। इसको लेकर सही से जांच भी नहीं की गई। पहले शिकायत पर रजिस्ट्रार के जवाब मांगने पर भेज दिया गया था। मामला निपट भी गया था लेकिन इसके बाद बिना अगले नोटिस के ही फैसला दे दिया गया। उन्होंने 2024-25 का सीए से ऑडिट कराया। 5 जुलाई 2025 की बैठक में 105 सदस्यों के सामने ऑडिट का ब्योरा दिया। वहीं, कोषाध्यक्ष की अनदेखी नहीं की गई। मैनेजमेंट बनने के बाद बैंक में जमा कराए चेक पर प्रधान व कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर हुए हैं। इसके सबूत भी हैं। जरूरत पड़ने पर हस्ताक्षर से मना करने व बैठकों में देरी से आने के कारण सेक्रेटरी या कोषाध्यक्ष में से किसी एक का हस्ताक्षर मान्य किया गया था।
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रोहतक। जिला रजिस्ट्रार की ओर से जाट शिक्षण संस्था के प्रधान गुलाब सिंह दिमाना व महासचिव नवदीप को हटाने के बाद शुक्रवार को कोषाध्यक्ष सुधीर हुड्डा महासचिव का अतिरिक्त कार्यभार नहीं संभाल सके। उप प्रधान ने कहा कि वे चंडीगढ़ किसी काम से गए हुए हैं।
कोषाध्यक्ष ने कहा कि उनको कार्यालय पर ताला लगा मिला। वे सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया व पीएनबी में जाकर संस्था के खातों से लेनदेन पर रोक लगाने के लिए पत्र सौंपकर आए हैं।
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दिल्ली रोड स्थित जाट शिक्षण संस्था सबसे पुरानी संस्थाओं में से एक है। दो साल पहले गुलाब सिंह दिमाना संस्था के प्रधान बने थे। संस्था के सदस्य व पूर्व उप प्रधान नरेश काला ने खुलासा किया था कि संस्था में वित्तीय गड़बड़ी के चलते प्रधान व महासचिव को जिला रजिस्ट्रार ने पदों से हटा दिया था।
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तय हुआ था कि उप प्रधान धर्मराज प्रधान व कोषाध्यक्ष सुधीर हुड्डा महासचिव का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। शुक्रवार सुबह संस्था के 25 कॉलेजियम सदस्य संस्था में पहुंचे। जिला रजिस्ट्रार के फैसले के तहत कोषाध्यक्ष सुधीर हुड्डा को कार्यभार दिलाना था।
वहां क्लर्क व एक महिला कर्मी मिली। उन्होंने बताया कि उप प्रधान धर्मराज कार्यालय में मौजूद हैं। फोन पर बात की तो धर्मराज ने बताया कि वे चंडीगढ़ गए हुए हैं। शनिवार को आएंगे। इसके बाद कॉलेजियम सदस्य कोषाध्यक्ष के साथ संस्था में स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में पहुंचे।
वहां संस्था के पांच खाते हैं जबकि एक खाता जिला विकास भवन स्थित पीएनबी बैंक में है। दोनों जगह कोषाध्यक्ष ने जिला रजिस्ट्रार के फैसले का पत्र दिया। कहा कि आगे के लेनदेन पर रोक लगाई जाए। इससे पहले के लेनदेन के जिम्मेदार पूर्व अधिकारी रहेंगे, क्योंकि इससे पूर्व के लेनदेन में मुझ से कोई विचार-विमर्श नहीं किया गया।
संस्था को आगे बढ़ाने के लिए सभी कॉलेजियम सदस्यों से बैठकर चर्चा करेंगे। कॉलेजियम सदस्य कृष्ण नांदल, राजे उर्फ राजेंद्र, बलराज नांदल, कृष्ण कबूलपुर, चंद्रभान खेड़ी साध, कर्मवीर बलियान, चिंतामणि इस्माईला, वीरेंद्र बड़क, जयवीर गढ़ी, रविंद्र लाठर व अन्य मौजूद रहे।
गुलाब सिंह दिमाना बोले-नहीं सुना गया पक्ष, हाईकोर्ट जाऊंगा
संस्था की सदस्यता निरस्त कर पद से हटाए गए प्रधान गुलाब सिंह का कहना है कि जिला रजिस्ट्रार को संस्था के प्रधान की सदस्यता निरस्त करने का अधिकार भी नहीं है। इसको लेकर सही से जांच भी नहीं की गई। पहले शिकायत पर रजिस्ट्रार के जवाब मांगने पर भेज दिया गया था। मामला निपट भी गया था लेकिन इसके बाद बिना अगले नोटिस के ही फैसला दे दिया गया। उन्होंने 2024-25 का सीए से ऑडिट कराया। 5 जुलाई 2025 की बैठक में 105 सदस्यों के सामने ऑडिट का ब्योरा दिया। वहीं, कोषाध्यक्ष की अनदेखी नहीं की गई। मैनेजमेंट बनने के बाद बैंक में जमा कराए चेक पर प्रधान व कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर हुए हैं। इसके सबूत भी हैं। जरूरत पड़ने पर हस्ताक्षर से मना करने व बैठकों में देरी से आने के कारण सेक्रेटरी या कोषाध्यक्ष में से किसी एक का हस्ताक्षर मान्य किया गया था।