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Rohtak News: चलती गाड़ी में की गई थी भ्रूण लिंग जांच, गाजियाबाद की पीएनडीटी टीम पहुंची ही नहीं
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35-भ्रूण लिंग जांच गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग रोहतक की टीम। स्रोत : व
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। बिगड़ता लिंगानुपात सुधारने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से गाजियाबाद में भ्रूण लिंग जांच रोकने की दिशा में वीरवार को की गई कार्रवाई सिरे नहीं चढ़ पाई। गाजियाबाद की पीएनडीटी के मौके पर नहीं पहुंचने के कारण डॉक्टर व तीन अन्य आरोपी बच निकले। आरोपियों ने चलती गाड़ी में ही महिला की भ्रूण लिंग जांच की थी।
रोहतक से छापा डालने गाजियाबाद के लोनी पहुंची पीएनडीटी ने अकेले ही कार्रवाई करते हुए बागपत के दलाल अकरम को 19,000 रुपये के साथ पकड़ा। 25 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच का सौदा तय हुआ था। अब मामले की शिकायत जिला उपायुक्त सचिन गुप्ता से की गई है। उपायुक्त इस बारे में गाजियाबाद उपायुक्त (डीएम) को कार्रवाई के लिए लिखेंगे।
जिले की गर्भवती महिलाओं को गाजियाबाद ले जाकर 25 से 30 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच की जा रही है। इसकी जानकारी मिलने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गाजियाबाद में छापा डाला।
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सिविल सर्जन डॉ. रमेशचंद्र के निर्देश पर पीएनडीटी टीम ने कार्रवाई की। गिरोह के सदस्यों ने महिला को गाजियाबाद बुलाया। खन्ना नगर गेट नंबर एक लोनी गाजियाबाद में दलाल अकरम के पास से विक्की नामक युवक महिला काे अपनी स्कूटी पर बैठाकर ले गया। उसने करीब एक किलोमीटर दूर महिला को उतारा।
यहां एक एसयूवी कार रुकी और महिला को अंदर बैठा लिया। यह कार सड़कों व गलियों में घूमती रही। कुछ देर बाद महिला को कार से उतार दिया। चलती कार में ही डॉ. कमल (डॉक्टर की डिग्री नहीं मिली) ने महिला की भ्रूण लिंग जांच भी कर दी।
इसके लिए कार में ही अल्ट्रासाउंड मशीन रखी गई थी। यह कार कमल या उसके दोस्त की बताई जा रही है। कार में महिला को ले जाने के बाद रोहतक की टीम कार्रवाई के लिए गाजियाबाद की टीम का इंतजार करती रही। कई बार संपर्क करने के बावजूद टीम नहीं आई।
नतीजतन, रोहतक की टीम के हाथ दलाल अकरम ही हाथ लगा। उसे भी पूछताछ के बाद छोड़ना पड़ा। कार चालक भी हाथ नहीं आया।
भ्रूण लिंग जांच कर उसे बेटा होने की दी थी जानकारी...
भ्रूण लिंग जांच की सूचना पर विभाग ने कार्रवाई की। गिरोह ने गर्भवती की भ्रूण लिंग जांच कर उसे बेटा होने की जानकारी दी। इस कार्रवाई में गाजियाबाद प्रशासन का सहयोग नहीं मिला। वहां की पीएनडीटी टीम मौके पर नहीं पहुंची। इस कारण तीन आरोपी नहीं पकड़े गए। अब उपायुक्त के जरिए शिकायत भेजी गई है। आरोपियों की पहचान हो गई है। वहां का प्रशासन कार्रवाई करेगा तो एफआईआर हो पाएगी।
- डाॅ. विश्वजीत सिंह, प्रभारी, पीएनडीटी, रोहतक
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रोहतक। बिगड़ता लिंगानुपात सुधारने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से गाजियाबाद में भ्रूण लिंग जांच रोकने की दिशा में वीरवार को की गई कार्रवाई सिरे नहीं चढ़ पाई। गाजियाबाद की पीएनडीटी के मौके पर नहीं पहुंचने के कारण डॉक्टर व तीन अन्य आरोपी बच निकले। आरोपियों ने चलती गाड़ी में ही महिला की भ्रूण लिंग जांच की थी।
रोहतक से छापा डालने गाजियाबाद के लोनी पहुंची पीएनडीटी ने अकेले ही कार्रवाई करते हुए बागपत के दलाल अकरम को 19,000 रुपये के साथ पकड़ा। 25 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच का सौदा तय हुआ था। अब मामले की शिकायत जिला उपायुक्त सचिन गुप्ता से की गई है। उपायुक्त इस बारे में गाजियाबाद उपायुक्त (डीएम) को कार्रवाई के लिए लिखेंगे।
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जिले की गर्भवती महिलाओं को गाजियाबाद ले जाकर 25 से 30 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच की जा रही है। इसकी जानकारी मिलने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गाजियाबाद में छापा डाला।
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सिविल सर्जन डॉ. रमेशचंद्र के निर्देश पर पीएनडीटी टीम ने कार्रवाई की। गिरोह के सदस्यों ने महिला को गाजियाबाद बुलाया। खन्ना नगर गेट नंबर एक लोनी गाजियाबाद में दलाल अकरम के पास से विक्की नामक युवक महिला काे अपनी स्कूटी पर बैठाकर ले गया। उसने करीब एक किलोमीटर दूर महिला को उतारा।
यहां एक एसयूवी कार रुकी और महिला को अंदर बैठा लिया। यह कार सड़कों व गलियों में घूमती रही। कुछ देर बाद महिला को कार से उतार दिया। चलती कार में ही डॉ. कमल (डॉक्टर की डिग्री नहीं मिली) ने महिला की भ्रूण लिंग जांच भी कर दी।
इसके लिए कार में ही अल्ट्रासाउंड मशीन रखी गई थी। यह कार कमल या उसके दोस्त की बताई जा रही है। कार में महिला को ले जाने के बाद रोहतक की टीम कार्रवाई के लिए गाजियाबाद की टीम का इंतजार करती रही। कई बार संपर्क करने के बावजूद टीम नहीं आई।
नतीजतन, रोहतक की टीम के हाथ दलाल अकरम ही हाथ लगा। उसे भी पूछताछ के बाद छोड़ना पड़ा। कार चालक भी हाथ नहीं आया।
भ्रूण लिंग जांच कर उसे बेटा होने की दी थी जानकारी...
भ्रूण लिंग जांच की सूचना पर विभाग ने कार्रवाई की। गिरोह ने गर्भवती की भ्रूण लिंग जांच कर उसे बेटा होने की जानकारी दी। इस कार्रवाई में गाजियाबाद प्रशासन का सहयोग नहीं मिला। वहां की पीएनडीटी टीम मौके पर नहीं पहुंची। इस कारण तीन आरोपी नहीं पकड़े गए। अब उपायुक्त के जरिए शिकायत भेजी गई है। आरोपियों की पहचान हो गई है। वहां का प्रशासन कार्रवाई करेगा तो एफआईआर हो पाएगी।
- डाॅ. विश्वजीत सिंह, प्रभारी, पीएनडीटी, रोहतक