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सीट मैट्रिक्स पर टिकीं विद्यार्थियों और कॉलेजों की नजरें
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यूजी में दाखिले की पहली मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद फीस जमा करने का काम अंतिम चरण में है। 18 सितंबर तक ऑफलाइन या ऑनलाइन फीस जमा हो सकेगी। इस बीच दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों और कॉलेजों की नजरें सीट मैट्रिक्स पर टिक गई हैं।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने अब तक सीट मैट्रिक्स जारी नहीं की है, पिछले साल जारी हो गई थी। सीट मैट्रिक्स जारी होने के बाद ही पता चलेगा कि किस वर्ग में कितनी सीटें भर चुकी हैं और कितनी खाली हैं। वैश्य कॉलेज में नोडल अधिकारी (दाखिले) अंजू सिंगला ने बताया कि सीट मैट्रिक्स 18 सितंबर के बाद जारी होने की संभावना है। उससे सीटों की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो सकेगी। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। निजी और सरकारी कॉलेजों के अलग-अलग ग्रुप हैं। इनमें कॉलेजों के नोडल अधिकारी और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। जैसे ही कोई विद्यार्थी समस्या लेकर कॉलेज आता है, नोडल अधिकारी उसे व्हाट्सएप ग्रुप में डाल देते हैं। साथ के साथ ही अधिकारी उसका जवाब दे देते हैं। इससे विद्यार्थियों और कॉलेजों को काफी सहूलियत हुई है। अभी तक विद्यार्थियों के सबसे ज्यादा सवाल ये आ रहे थे कि ज्यादा अंक होने के बावजूद उनका नाम मेरिट में नहीं आया। उनसे कम अंक वालों का नाम मेरिट में है। लेकिन निदेशालय द्वारा सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन के कटऑफ जारी करने के बाद काफी हद तक समस्या का समाधान हो गया है।
कॉलेजों में सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन की कटऑफ
वैश्य कॉलेज
अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान - 98 प्रतिशत
गणित, इतिहास - 98
राजनीति विज्ञान, इतिहास -96.2
गणित, राजनीति विज्ञान - 96.2
भूगोल, इतिहास - 96.2
हिंदू कॉलेज
संगीत, राजनीति विज्ञान - 100.8 प्रतिशत
अर्थशास्त्र, गणित - 97
संस्कृत इलेक्टिव, गणित - 95.2
अर्थशास्त्र, इतिहास - 94.8
राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र - 93.8
संस्कृत इलेक्टिव, इतिहास - 93.2
सैनी कॉलेज
लोक प्रशासन, इतिहास - 97 प्रतिशत
फिजिकल एजुकेशन, इतिहास - 94.2
राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन - 93.6
इतिहास, भूगोल - 93.4
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उच्च शिक्षा निदेशालय ने अब तक सीट मैट्रिक्स जारी नहीं की है, पिछले साल जारी हो गई थी। सीट मैट्रिक्स जारी होने के बाद ही पता चलेगा कि किस वर्ग में कितनी सीटें भर चुकी हैं और कितनी खाली हैं। वैश्य कॉलेज में नोडल अधिकारी (दाखिले) अंजू सिंगला ने बताया कि सीट मैट्रिक्स 18 सितंबर के बाद जारी होने की संभावना है। उससे सीटों की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो सकेगी। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। निजी और सरकारी कॉलेजों के अलग-अलग ग्रुप हैं। इनमें कॉलेजों के नोडल अधिकारी और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। जैसे ही कोई विद्यार्थी समस्या लेकर कॉलेज आता है, नोडल अधिकारी उसे व्हाट्सएप ग्रुप में डाल देते हैं। साथ के साथ ही अधिकारी उसका जवाब दे देते हैं। इससे विद्यार्थियों और कॉलेजों को काफी सहूलियत हुई है। अभी तक विद्यार्थियों के सबसे ज्यादा सवाल ये आ रहे थे कि ज्यादा अंक होने के बावजूद उनका नाम मेरिट में नहीं आया। उनसे कम अंक वालों का नाम मेरिट में है। लेकिन निदेशालय द्वारा सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन के कटऑफ जारी करने के बाद काफी हद तक समस्या का समाधान हो गया है।
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कॉलेजों में सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन की कटऑफ
वैश्य कॉलेज
अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान - 98 प्रतिशत
गणित, इतिहास - 98
राजनीति विज्ञान, इतिहास -96.2
गणित, राजनीति विज्ञान - 96.2
भूगोल, इतिहास - 96.2
हिंदू कॉलेज
संगीत, राजनीति विज्ञान - 100.8 प्रतिशत
अर्थशास्त्र, गणित - 97
संस्कृत इलेक्टिव, गणित - 95.2
अर्थशास्त्र, इतिहास - 94.8
राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र - 93.8
संस्कृत इलेक्टिव, इतिहास - 93.2
सैनी कॉलेज
लोक प्रशासन, इतिहास - 97 प्रतिशत
फिजिकल एजुकेशन, इतिहास - 94.2
राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन - 93.6
इतिहास, भूगोल - 93.4