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Rohtak News: भारतीय ज्ञान परंपरा से सशक्त होगा शिक्षा जगत
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रोहतक। एमडीयू के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी) में गुरु दक्षता कार्यक्रम के तहत मूल्य आधारित शैक्षणिक नेतृत्व और भारतीय ज्ञान प्रणाली विषय पर रविवार को व्याख्यान आयोजित किया गया।
शिक्षक शिक्षा विभाग के प्रो. दिनेश चहल ने कहा कि केवल प्रतिभा या प्रसिद्धि किसी को महान नेता नहीं बनाती बल्कि चरित्र, अनुशासन और मूल्य-दृष्टि ही सशक्त नेतृत्व की आधारशिला होती है।
उन्होंने बताया कि समान प्रतिभा के बावजूद मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता ही व्यक्ति को आदर्श बनाती है। दूसरे सत्र में प्रो. सुरेंद्र कुमार ने भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि वेद, उपनिषद और गीता का समग्र दृष्टिकोण शिक्षा को केवल सूचना तक सीमित नहीं रखता, बल्कि नैतिक और आध्यात्मिक विकास पर भी बल देता है।
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एमएमटीटीसी निदेशक प्रो. मुनीष गर्ग ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में शैक्षणिक दक्षता के साथ नैतिक नेतृत्व का विकास करना है। उप निदेशक डॉ. माधुरी हुड्डा ने कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग दिया।
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शिक्षक शिक्षा विभाग के प्रो. दिनेश चहल ने कहा कि केवल प्रतिभा या प्रसिद्धि किसी को महान नेता नहीं बनाती बल्कि चरित्र, अनुशासन और मूल्य-दृष्टि ही सशक्त नेतृत्व की आधारशिला होती है।
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उन्होंने बताया कि समान प्रतिभा के बावजूद मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता ही व्यक्ति को आदर्श बनाती है। दूसरे सत्र में प्रो. सुरेंद्र कुमार ने भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि वेद, उपनिषद और गीता का समग्र दृष्टिकोण शिक्षा को केवल सूचना तक सीमित नहीं रखता, बल्कि नैतिक और आध्यात्मिक विकास पर भी बल देता है।
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एमएमटीटीसी निदेशक प्रो. मुनीष गर्ग ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में शैक्षणिक दक्षता के साथ नैतिक नेतृत्व का विकास करना है। उप निदेशक डॉ. माधुरी हुड्डा ने कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग दिया।