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Rohtak News: डाक विभाग में दो भाइयों की नौकरी का सपना टूटा

Thu, 30 Oct 2025 02:25 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 30 Oct 2025 02:25 AM IST
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The dream of two brothers to get a job in the postal department was shattered.
कमलजीत सिंह
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कलानौर। कभी डाक विभाग में नौकरी की उम्मीद लिए दो भाइयों ने अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए 8.50 लाख रुपये दिए थे। नौकरी का यह सपना अब ठगी की कहानी बनकर रह गया है। कलानौर क्षेत्र में हुए इस चर्चित मामले को पुलिस ने पहले जांच के बाद बंद कर दिया था। अब फिर यह केस सुर्खियों में है।
पीड़ित अजय कुमार सोमवार को उपायुक्त सचिन गुप्ता के समक्ष फरियाद लेकर पहुंचे। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि नौकरी लगवाने का झांसा देकर नरेश उर्फ टोनी ने उनसे मोटी रकम वसूली थी लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया। आरोप है कि जांच में कई अहम पहलुओं को नजरअंदाज कर दिया गया था।
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उपायुक्त ने पीड़ितों की बात गंभीरता से लेते हुए एसपी को पूरे मामले की दोबारा जांच करने और उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कलानौर में चर्चा है कि अगर यह मामला दोबारा खुलता है तो कई नए चेहरों के नाम सामने आ सकते हैं।
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अजय कुमार का कहना है कि न्याय देर से मिले तो भी चलेगा, पर अधूरा नहीं। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि क्या इस बार ठगी की गुत्थी सुलझेगी या फिर यह मामला फिर से फाइलों में दब जाएगा।

यह था मामला
कलानौर के वार्ड नंबर 12 के दो भाइयों को 2019 में डाक विभाग में पोस्टमैन की नौकरी के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर 8.50 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया था। शिकायतकर्ता अजय ने पुलिस में दी शिकायत में बताया था कि उसने वर्ष 2019 में वार्ड नंबर 10 निवासी नरेश कुमार उर्फ टोनी को डाक विभाग में पोस्टमैन की नौकरी लगवाने के लिए 8.50 लाख रुपये दिए थे।
शिकायतकर्ता अजय व उसके भाई राहुल को नौकरी लगवाने की बात कही थी। आरोपी नरेश कुमार ने दोनों भाइयों के फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया था। जब दोनों नियुक्ति के लिए संबंधित विभाग पहुंचे तो पत्र को फर्जी बताया गया। ऐसे में शिकायतकर्ता ने जब इसकी जानकारी नरेश उर्फ टोनी को दी तो उसने उसी समय 3.20 लाख रुपये वापस कर दिए थे। इसके बाद बार-बार रुपये मांगने पर भी शेष 5.30 लाख रुपये नहीं दिए। इस संबंध में चेक दिया था जो 21 जून 2025 को बाउंस हो गया।



मामले में जांच के बाद नियुक्ति पत्र असली मिला था। इसके बाद एफआईआर क्लोज कर दी गई। अभी तक संबंधित मामले में उच्च अधिकारियों से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। जैसे भी आदेश मिलेंगे, मामला अमल में लाया जाएगा। - सुलेंद्र कुमार, प्रभारी, कलानौर थाना
संवाद
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