{"_id":"692f55787bc45468520877b8","slug":"the-delhi-hisar-national-highway-has-poles-but-no-lights-and-the-white-strip-near-sampla-is-blurred-rohtak-news-c-17-roh1020-771584-2025-12-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: दिल्ली-हिसार नेशनल हाईवे पर खंभे तो लगे पर लाइटें नहीं, सांपला के पास सफेद पट्टी धुंधली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: दिल्ली-हिसार नेशनल हाईवे पर खंभे तो लगे पर लाइटें नहीं, सांपला के पास सफेद पट्टी धुंधली
विज्ञापन
फोटो 01 नेशनल हाईवे नंबर 09 पर सय गांव के रोड क्रॉसिंग पर बने अवैध कट से निकलते बाइक सवार। संवा
माई सिटी रिपोर्टर/संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक/सांपला/महम। आवागमन सुगम बनाने वाला दिल्ली-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग कोहरे में जानलेवा साबित हो सकता है। यहां हादसों से बचाव के उपाय नाममात्र ही हैं। नेशनल हाईवे के बेरी मोड़ फ्लाईओवर पर बिजली के खंभे तो लगे हैं लेकिन इन पर लाइटें नहीं।
टीम ने मंगलवार को दिल्ली-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोहतक से रोहद टोल तक 27 किमी व रोहतक से मदीना टोल तक 21 किमी तक सड़क सुरक्षा नियमों की पड़ताल की। सांपला के पास सफेद पट्टी धुंधली नजर आई तो महम व मदीना के बीच करीब 50 जगह सड़क टूटी मिली। बाकी जगह सफेद पट्टी साफ नजर आई।
सांपला के बीच से गुजरने वाले इस व्यस्त हाईवे पर सफेद पट्टियां कई जगह धुंधली पड़ गई हैं। कोहरे में दूर से इन्हें देख पाना मुश्किल है। खरावड़ से रोहद टोल तक करीब 100 स्थानों पर सफेद पट्टी धुंधली हो चुकी है।
विज्ञापन
बेरी मोड़ फ्लाईओवर पर हो सकता है बड़ा हादसा
बेरी मोड़ फ्लाईओवर पर बिजली के पोल हैं मगर लाइटें नहीं हैं। इस कारण यहां अंधेरा पसरा रहता है। रात के समय यहां हादसा होने की आशंका रहती है। यहां फ्लाईओवर पर पांच वाहन डिवाइडर से टकरा चुके हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2025 में जनवरी से नवंबर तक करीब 16 हादसे हो चुके। इनमें पांच लोगों की मौत और 12 लोग घायल हो चुके हैं।
50 किलोमीटर के लिए एक एंबुलेंस
नेशनल हाईवे नंबर 9 पर सांपला सीमा पर रोहद के पास टोल नाका है। हादसे में घायलों की मदद के लिए यहां केवल एक एंबुलेंस है। यह एंबुलेंस बहादुरगढ़ बाईपास से रोहतक में भाली गांव तक सेवा देती है। यह दूरी 50 किलोमीटर पड़ती है। सड़क पर एक ही समय कई हादसे होने पर घायलों को प्राथमिक उपचार मिलना मुश्किल है। एंबुलेंस पर चालक के अलावा तकनीकी कर्मचारी भी तैनात हैं।
दिल्ली-हिसार मार्ग पर रोहद के पास टोल प्लाजा है। यहां बहादुरगढ़ बाईपास से लेकर रोहतक के भाली गांव की 50 किलोमीटर की दूरी के लिए एक एंबुलेंस उपलब्ध है। हादसे की सूचना मिलते ही इसे मदद के लिए रवाना किया जाता है।
- रवि कुमार, मैनेजर, रोहद टोल
-- -- -- -- -- -- -
रोहतक से मदीना के बीच 50 से अधिक जगह सड़क टूटी, संकेतक भी नीचे गिरा
महम से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे नंबर नौ की हालत खस्ता है। रोहतक से मदीना के बीच 50 से अधिक जगह सड़क टूटी हुई है। सफेद पट्टी धुंधली पड़ी है। इस कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। किशनगढ़ के पास अवैध कट बना है। एनएचएआई की ओर से इसे बंद करने का प्रयास किया गया है। इसके बावजूद लोग अवरोधक हटाकर रास्ता बना लेते हैं। इस हाईवे पर संकेतक भी टूटा पड़ा है।इस कारण यहां हादसे की आशंका बढ़ जाती है। मदीना टोल के पास एंबुलेंस खड़ी मिली। इस पर ईएमटी भानू प्रसाद के अलावा दीपक व विजय कीं ड्यूटी लगी है।
ईएमटी भानु प्रसाद ने बताया कि 1033 पर कॉल करने पर हमें सूचना मिलती है। इसके बाद मौके पर पहुंचकर टीम घायल को प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई पहुंचाती है। पेट्रोलिंग के लिए पुलिस के जवान सुबह-शाम आते हैं।
रोहतक-सोनीपत स्टेट हाईवे पर धुंधली हो चुकी सफेद पट्टी
रोहतक-सोनीपत स्टेट हाईवे पर भी हालात खराब हैं। यहां खरखौदा तक सड़क पर ज्यादातर जगह सफेद पट्टी गायब है। जहां हैं वहां धुंधली हो चुकी है। कोहरे में इस पर आवागमन करना मुश्किल हो जाता है। यहां हादसा होने की स्थिति में एंबुलेंस पास के सीएचसी या पीएचसी से पहुंचती है। इसके लिए 112 नंबर सूचना देनी होती है। ज्यादातर मामलों में पुलिस व कुछ मामलों में लोग कंट्रोल रूम नंबर 112 पर घटना की सूचना देते हैं। इसके बाद मदद पहुंचती है। इस मार्ग पर पुलिस पेट्रोलिंग संबंधित थाना इलाके के जवान करते हैं। इसके लिए राइडर या पीसीआर होती है।
विज्ञापन
रोहतक/सांपला/महम। आवागमन सुगम बनाने वाला दिल्ली-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग कोहरे में जानलेवा साबित हो सकता है। यहां हादसों से बचाव के उपाय नाममात्र ही हैं। नेशनल हाईवे के बेरी मोड़ फ्लाईओवर पर बिजली के खंभे तो लगे हैं लेकिन इन पर लाइटें नहीं।
टीम ने मंगलवार को दिल्ली-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोहतक से रोहद टोल तक 27 किमी व रोहतक से मदीना टोल तक 21 किमी तक सड़क सुरक्षा नियमों की पड़ताल की। सांपला के पास सफेद पट्टी धुंधली नजर आई तो महम व मदीना के बीच करीब 50 जगह सड़क टूटी मिली। बाकी जगह सफेद पट्टी साफ नजर आई।
विज्ञापन
सांपला के बीच से गुजरने वाले इस व्यस्त हाईवे पर सफेद पट्टियां कई जगह धुंधली पड़ गई हैं। कोहरे में दूर से इन्हें देख पाना मुश्किल है। खरावड़ से रोहद टोल तक करीब 100 स्थानों पर सफेद पट्टी धुंधली हो चुकी है।
विज्ञापन
बेरी मोड़ फ्लाईओवर पर हो सकता है बड़ा हादसा
बेरी मोड़ फ्लाईओवर पर बिजली के पोल हैं मगर लाइटें नहीं हैं। इस कारण यहां अंधेरा पसरा रहता है। रात के समय यहां हादसा होने की आशंका रहती है। यहां फ्लाईओवर पर पांच वाहन डिवाइडर से टकरा चुके हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2025 में जनवरी से नवंबर तक करीब 16 हादसे हो चुके। इनमें पांच लोगों की मौत और 12 लोग घायल हो चुके हैं।
50 किलोमीटर के लिए एक एंबुलेंस
नेशनल हाईवे नंबर 9 पर सांपला सीमा पर रोहद के पास टोल नाका है। हादसे में घायलों की मदद के लिए यहां केवल एक एंबुलेंस है। यह एंबुलेंस बहादुरगढ़ बाईपास से रोहतक में भाली गांव तक सेवा देती है। यह दूरी 50 किलोमीटर पड़ती है। सड़क पर एक ही समय कई हादसे होने पर घायलों को प्राथमिक उपचार मिलना मुश्किल है। एंबुलेंस पर चालक के अलावा तकनीकी कर्मचारी भी तैनात हैं।
दिल्ली-हिसार मार्ग पर रोहद के पास टोल प्लाजा है। यहां बहादुरगढ़ बाईपास से लेकर रोहतक के भाली गांव की 50 किलोमीटर की दूरी के लिए एक एंबुलेंस उपलब्ध है। हादसे की सूचना मिलते ही इसे मदद के लिए रवाना किया जाता है।
- रवि कुमार, मैनेजर, रोहद टोल
रोहतक से मदीना के बीच 50 से अधिक जगह सड़क टूटी, संकेतक भी नीचे गिरा
महम से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे नंबर नौ की हालत खस्ता है। रोहतक से मदीना के बीच 50 से अधिक जगह सड़क टूटी हुई है। सफेद पट्टी धुंधली पड़ी है। इस कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। किशनगढ़ के पास अवैध कट बना है। एनएचएआई की ओर से इसे बंद करने का प्रयास किया गया है। इसके बावजूद लोग अवरोधक हटाकर रास्ता बना लेते हैं। इस हाईवे पर संकेतक भी टूटा पड़ा है।इस कारण यहां हादसे की आशंका बढ़ जाती है। मदीना टोल के पास एंबुलेंस खड़ी मिली। इस पर ईएमटी भानू प्रसाद के अलावा दीपक व विजय कीं ड्यूटी लगी है।
ईएमटी भानु प्रसाद ने बताया कि 1033 पर कॉल करने पर हमें सूचना मिलती है। इसके बाद मौके पर पहुंचकर टीम घायल को प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई पहुंचाती है। पेट्रोलिंग के लिए पुलिस के जवान सुबह-शाम आते हैं।
रोहतक-सोनीपत स्टेट हाईवे पर धुंधली हो चुकी सफेद पट्टी
रोहतक-सोनीपत स्टेट हाईवे पर भी हालात खराब हैं। यहां खरखौदा तक सड़क पर ज्यादातर जगह सफेद पट्टी गायब है। जहां हैं वहां धुंधली हो चुकी है। कोहरे में इस पर आवागमन करना मुश्किल हो जाता है। यहां हादसा होने की स्थिति में एंबुलेंस पास के सीएचसी या पीएचसी से पहुंचती है। इसके लिए 112 नंबर सूचना देनी होती है। ज्यादातर मामलों में पुलिस व कुछ मामलों में लोग कंट्रोल रूम नंबर 112 पर घटना की सूचना देते हैं। इसके बाद मदद पहुंचती है। इस मार्ग पर पुलिस पेट्रोलिंग संबंधित थाना इलाके के जवान करते हैं। इसके लिए राइडर या पीसीआर होती है।

फोटो 01 नेशनल हाईवे नंबर 09 पर सय गांव के रोड क्रॉसिंग पर बने अवैध कट से निकलते बाइक सवार। संवा

फोटो 01 नेशनल हाईवे नंबर 09 पर सय गांव के रोड क्रॉसिंग पर बने अवैध कट से निकलते बाइक सवार। संवा

फोटो 01 नेशनल हाईवे नंबर 09 पर सय गांव के रोड क्रॉसिंग पर बने अवैध कट से निकलते बाइक सवार। संवा