{"_id":"6ad53be7f1d3efdb190b747a","slug":"the-court-has-declared-chandra-singh-from-kalanaur-who-had-set-off-for-the-sirsa-dera-dead-16-years-later-rohtak-news-c-17-roh1019-939473-2026-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: सिरसा डेरे के लिए निकले कलानौर के चंद्रसिंह को कोर्ट ने 16 साल बाद माना मृत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: सिरसा डेरे के लिए निकले कलानौर के चंद्रसिंह को कोर्ट ने 16 साल बाद माना मृत
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। कलानौर की जाट कॉलोनी से 16 साल पहले सिरसा के डेरा सच्चा जाने के लिए निकले बुजुर्ग चंद्र सिंह का 16 साल बाद भी सुराग नहीं मिला। शनिवार को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) राकेश कादियान की अदालत ने उन्हें कानूनी रूप से मृत घोषित कर दिया है।
अदालत में दायर अर्जी के अनुसार चंद्र सिंह 20 जून 2010 को डेरा गए थे लेकिन इसके बाद घर वापस नहीं लौटे। परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सात जुलाई 2010 को बेटे रोहताश ने कलानौर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
इसके बाद परिजनों ने अदालत में 24 सितंबर 2021 को याचिका दायर कर उन्हें कानूनी रूप से मृत घोषित करने की मांग की। परिवार की ओर से अदालत में छह गवाह पेश किए गए। परिजनों ने बताया कि चंद्र सिंह 20 जून 2010 से लापता हैं और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद उनके कानूनी वारिसों को मामले में शामिल किया गया
विज्ञापन
15 साल से अधिक समय तक नहीं मिली कोई जानकारी...
अदालत ने फैसले में कहा कि चंद्र सिंह के बारे में 15 साल से अधिक समय से कोई जानकारी नहीं मिली। सामान्य परिस्थितियों में इतने समय में जीवित होने पर उनके बारे में पता चल सकता था। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के बाद मृत्यु की कानूनी धारणा को लागू माना।
विज्ञापन
रोहतक। कलानौर की जाट कॉलोनी से 16 साल पहले सिरसा के डेरा सच्चा जाने के लिए निकले बुजुर्ग चंद्र सिंह का 16 साल बाद भी सुराग नहीं मिला। शनिवार को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) राकेश कादियान की अदालत ने उन्हें कानूनी रूप से मृत घोषित कर दिया है।
अदालत में दायर अर्जी के अनुसार चंद्र सिंह 20 जून 2010 को डेरा गए थे लेकिन इसके बाद घर वापस नहीं लौटे। परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सात जुलाई 2010 को बेटे रोहताश ने कलानौर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
इसके बाद परिजनों ने अदालत में 24 सितंबर 2021 को याचिका दायर कर उन्हें कानूनी रूप से मृत घोषित करने की मांग की। परिवार की ओर से अदालत में छह गवाह पेश किए गए। परिजनों ने बताया कि चंद्र सिंह 20 जून 2010 से लापता हैं और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद उनके कानूनी वारिसों को मामले में शामिल किया गया
विज्ञापन
15 साल से अधिक समय तक नहीं मिली कोई जानकारी...
अदालत ने फैसले में कहा कि चंद्र सिंह के बारे में 15 साल से अधिक समय से कोई जानकारी नहीं मिली। सामान्य परिस्थितियों में इतने समय में जीवित होने पर उनके बारे में पता चल सकता था। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के बाद मृत्यु की कानूनी धारणा को लागू माना।