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खाद्य सुरक्षा की ट्रेनिंग के नाम पर शहर के दुकानदारों से फीस वसूल रही कंपनी

Sat, 19 Feb 2022 01:23 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 19 Feb 2022 01:23 AM IST
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The company is charging fees from the shopkeepers of the city in the name of training for food safety.
रोहतक। दबाव बनाकर दुकानदारों से खाद्य सुरक्षा की ट्रेनिंग का शुल्क वसूलने से रोष पनपने लगा है। शुल्क वसूलने वाले दावा कर रहे हैं कि बिना उनके ट्रेनिंग सर्टिफिकेट के खाद्य सुरक्षा विभाग प्रमाणपत्र नहीं देगा। वहीं अधिकांश दुकानदार अब समझ नहीं पा रहे हैं कि किराना, परचून, सब्जी-फल विक्रेता, होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट संचालकों को ट्रेनिंग क्यों दी जा रही है? उधर, खाद्य सुरक्षा विभाग के डीओ का कहना है कि खाद्य सुरक्षा के आवेदन में ट्रेनिंग सर्टिफिकेट सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट (जरूरी दस्तावेज) नहीं है। ट्रेनिंग के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता है। ये कंपनी सिर्फ सर्विस प्रोवाइडर है। दुकानदार कहीं भी ट्रेनिंग ले सकते हैं।
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बेंटोग्रीन स्किल कंपनी के अधिकारी नरेश सोनी ने बताया कि वह सभी खाद्य पदार्थों के कारोबारियों को फूड सेफ्टी ट्रेनिंग देकर सर्टिफिकेट देते हैं। फूड सेफ्टी स्टैंडर्डस एंड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के तहत राज्य सरकार से रोहतक व झज्जर में ट्रेनिंग के लिए अधिकृत किया है। जिले में खाद्य पदार्थ के करीब डेढ़ लाख कारोबारी हैं। उत्पादक (हलवाई, रेस्टोरेंट, ढाबा, होटल), सर्विस प्रोवाइडर (किराना, रेहड़ी आदि) को खाद्य सुरक्षा की ट्रेनिंग देनी है। खाद्य सुरक्षा की ट्रेनिंग अनिवार्य है। ट्रेनिंग के प्रमाणपत्र से ही फूड सेफ्टी विभाग से प्रमाणपत्र मिलेगा। ट्रेनिंग के बाद हर दुकानदार को सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जो दो साल के लिए मान्य है। फूड सेफ्टी विभाग की कार्रवाई और भारी जुर्माने का भय दिखाकर जबरन ट्रेनिंग की फीस वसूलने से दुकानदारों में रोष पनपने लगा है। उनका कहना है कि समझ से परे है कि किराना व परचून दुकानदार, फल-सब्जी आदि विक्रेताओं को क्यों ट्रेनिंग दी जा रही है। कई दुकानदारों ने कहा कि वह ट्रेनिंग ले चुके हैं फिर भी भय दिखाकर फीस वसूली जा रही है। कंपनी के नेशनल हेड जोयदीप बासु का कहना है कि सरकार ने खाद्य पदार्थ के कारोबारियों को ट्रेनिंग के लिए अधिकृत किया है। ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट मिलने पर ही फूड सेफ्टी विभाग से सर्टिफिकेट मिलेगा, जो दो साल के लिए मान्य होगा।
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वहीं, फूड सेफ्टी विभाग के डीओ ओमकुमार का कहना है कि आवेदन करने में ट्रेनिंग सर्टिफिकेट सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट नहीं है। ट्रेनिंग के लिए दबाव भी नहीं बनाया जा सकता है। ट्रेनिंग सर्टिफिकेट नहीं लेने पर जुर्माने का प्रावधान नहीं है। कंपनी सर्विस प्रोवाइडर है। लोग चाहे तो किसी से भी ट्रेनिंग ले सकते हैं।
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वर्जन-
सर्टिफिकेट को लेकर प्रशिक्षण की बात समझ नहीं आ रही है। निजी कंपनी वाले आकर फीस वसूली के नाम पर पर्ची काट रहे हैं। दुकानदारों में इसको लेकर रोष है। इसके लिए प्रशासन से बात की जाएगी। क्योंकि बाजार में आ रही टीम को लेकर संशय बना हुआ है।

- वीरेंद्र राठी, प्रधान, दुर्गा कॉलोनी ट्रेडर्स एसोसिएशन
टीम आई थी, पूछा गया कि आपके पास एफसीआई का प्रमाण पत्र है या नहीं। उन्होंने ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रशिक्षण का आफर भी दिया। साथ में कहा कि यदि सर्टिफिकेट नहीं तो आपको बनवाना पडे़गा। यदि नहीं होगा तो भविष्य में परेशानी उठानी पडे़गी।
- सोनू दलाल, संचालक किराना स्टोर, जींद बाईपास
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