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Rohtak News: एक अरब के घाटे में रही शहर की सरकार, धूल फांक रही कमाऊ बिल्डिंग

Sun, 13 Apr 2025 01:55 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 13 Apr 2025 01:55 AM IST
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The city government is in a loss of one billion, the profitable building is gathering dust
12सीटीके14 : सिविल अस्पताल के सामने जर्जर पड़ी निगम की सात दुकानें। अमर उजाला
विजेंद्र कौशिक
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रोहतक। शहर की सरकार पिछले वित्त वर्ष में कमाई के लक्ष्य से एक अरब रुपये पीछे रह गई। फिर भी नगर निगम की कमाऊ बिल्डिंग दशकों से धूल फांक रही है। नए वित्त वर्ष में निगम आय बढ़ाने के लिए एक करोड़ रुपये की संपति बेचेगा या लीज पर देगा।
नए वित्त वर्ष 2025-26 में नगर निगम ने 296 करोड़ रुपये की कमाई का लक्ष्य रखा है। इसमें 28 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स, 28 करोड़ स्टांप ड्यूटी, दो करोड़ किराया व एक करोड़ की जमीन बेचकर या लीज पर दी जाएगी। साथ ही राज्य सरकार से एक अरब से ज्यादा व केंद्र से 23 करोड़ की ग्रांट मिलने की उम्मीद है। 9 अप्रैल को सदन की बैठक में कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा व निगम पार्षदों ने सवाल उठाए कि अधिकारी एक तरफ घाटे का बजट पेश कर रहे हैं, दूसरी तरफ यह बताएं कि आय बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाएंगे। पार्षद डिंपल जैन, कपिल नागपाल, कंचन खुराना व अनीता मिगलानी ने निगम के अधिकारियों से सवाल किया कि निगम की बिल्डिंग दशकों से खाली पड़ी है, लेकिन उनको न तो बेचा जा रहा है और न ही लीज या किराये पर दिया जा रहा है। निगम के अधिकारी संतोष जनक जवाब नहीं दे सके।
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7 करोड़ में बना था भगत सिंह काॅमर्शियल कॉम्पलेक्स
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में साल 2012 में दिल्ली गेट स्थित पार्क को तोड़कर शहीद भगत सिंह कामर्शियल कॉम्पलेक्स एवं अंडर ग्राउंड पार्किंग बनाई गई थी। निगम ने यह बिल्डिंग पीडब्ल्यूडी से बनवाई थी। अप्रैल 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कॉम्पलेक्स का उदघाटन किया। इसके बावजूद आठ साल बाद भी नगर निगम के अधिकारी कॉम्पलेक्स को किराये या लीज पर नहीं दे सके। कॉम्पलेक्स के नजदीक किला रोड भी है, जहां की जमीन का कलेक्टर रेट पूरे शहर में सबसे ज्यादा है।
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सिविल अस्पताल के सामने बनी दुकानों के शटर तक जर्जर हुए
पालिका बाजार के सामने सिविल अस्पताल की तरफ नगर निगम की 2014 से 2019 के बीच में सात दुकानें बनाई गई थी। अब तक निगम उक्त दुकानों को न तो बेच सका है और न ही लीज या किराये पर दे सका है। दुकानों की हालत अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। कई दुकानों के शटर तक जर्जर हो गए हैं। दुकानों के सामने अतिक्रमण किया जा रहा है। अगर दुकानों को निगम किराया या लीज पर देता तो आय बढ़ सकती थी।
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दिल्ली गेट पर बना शहीद भगत सिंह कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स दशकों से धूल फांक रहा है। सिविल अस्पताल के सामने बनी दुकानें जर्जर हो गई हैं। सदन के अंदर आवाज उठाई थी। निगम की आय बढ़ाने के लिए फिर सदन के सामने प्रस्ताव रखा जाएगा।

-कपिल नागपाल, पार्षद वार्ड नंबर सात
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निगम की आय बढ़ाने के लिए कदम उठाएंगे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पार्षदों के जो सुझाव आएं, उनके ऊपर विचार करें। पार्षदों से बातचीत कर जल्द सदन की अगली बैठक बुलाएंगे।
रामअवतार वाल्मीकि, मेयर नगर निगम

12सीटीके14 : सिविल अस्पताल के सामने जर्जर पड़ी निगम की सात दुकानें। अमर उजाला

12सीटीके14 : सिविल अस्पताल के सामने जर्जर पड़ी निगम की सात दुकानें। अमर उजाला

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