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Rohtak News: बॉक्सिंग रिंग को छत का इंतजार
Mon, 05 May 2025 12:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 05 May 2025 12:14 AM IST
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फोटो : 12राव तुलाराम स्टेडियम में पड़ा एक बॉक्सिंग रिंग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। तुलाराम स्टेडियम परिसर में स्थित बॉक्सिंग रिंग अनदेखी की भेंट चढ़ गई है। अभी तक हॉल नहीं मिलने के कारण रिंग खुले आसमान के नीचे है जिससे खिलाड़ी धूप में अभ्यास नहीं कर पाते हैं।
दो साल बीत जाने के बाद भी स्टेडियम में बॉक्सिंग रिंग के लिए अभी तक एक हॉल नहीं मिल पाया है। लाखों रुपये की लागत से खरीदी गई बॉक्सिंग रिंग को धूल-मिट्टी और बारिश के पानी से बचाना मुश्किल साबित होता है। खिलाड़ी और कोच तिरपाल के सहारे रिंग को खराब या नुकसान होने से बचाते हुए नजर आते हैं। बारिश होने पर खिलाड़ियों को रिंग छोड़ना पड़ता है। रोजाना जब तक धूप रिंग से हट नहीं जाती है , तब तक खिलाड़ी रिंग में नहीं उतर पाते है। रिंग को नुकसान पहुंचने का डर बना रहता है। बॉक्सिंग रिंग 3 से 4 लाख रुपये में आती है।
बॉक्सिंग रिंग में रोजाना करीब 40 से 50 खिलाड़ी आकर अभ्यास करते हैं। इनमें से कई खिलाड़ी इसी रिंग पर खेलकर कई मेडल हासिल कर चुके हैं। अक्सर खिलाड़ियों को बॉक्सिंग हॉल की कमी खलती है। हालांकि हॉल के लिए कई बार पत्राचार भी हो चुका है लेकिन खेल विभाग के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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वर्जन
2023 में नई बॉक्सिंग रिंग आई थी। स्टेडियम परिसर स्थित बॉक्सिंग रिंग में खिलाड़ी अभ्यास करते हैंं। धूप व बरसात से रिंग को बचाने के लिए तिरपाल का इस्तेमाल किया जाता है। अधिकारियों को बॉक्सिंग हॉल के लिए 40 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है।-ममता, बॉक्सिंग कोच एवं कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी
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रेवाड़ी। तुलाराम स्टेडियम परिसर में स्थित बॉक्सिंग रिंग अनदेखी की भेंट चढ़ गई है। अभी तक हॉल नहीं मिलने के कारण रिंग खुले आसमान के नीचे है जिससे खिलाड़ी धूप में अभ्यास नहीं कर पाते हैं।
दो साल बीत जाने के बाद भी स्टेडियम में बॉक्सिंग रिंग के लिए अभी तक एक हॉल नहीं मिल पाया है। लाखों रुपये की लागत से खरीदी गई बॉक्सिंग रिंग को धूल-मिट्टी और बारिश के पानी से बचाना मुश्किल साबित होता है। खिलाड़ी और कोच तिरपाल के सहारे रिंग को खराब या नुकसान होने से बचाते हुए नजर आते हैं। बारिश होने पर खिलाड़ियों को रिंग छोड़ना पड़ता है। रोजाना जब तक धूप रिंग से हट नहीं जाती है , तब तक खिलाड़ी रिंग में नहीं उतर पाते है। रिंग को नुकसान पहुंचने का डर बना रहता है। बॉक्सिंग रिंग 3 से 4 लाख रुपये में आती है।
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बॉक्सिंग रिंग में रोजाना करीब 40 से 50 खिलाड़ी आकर अभ्यास करते हैं। इनमें से कई खिलाड़ी इसी रिंग पर खेलकर कई मेडल हासिल कर चुके हैं। अक्सर खिलाड़ियों को बॉक्सिंग हॉल की कमी खलती है। हालांकि हॉल के लिए कई बार पत्राचार भी हो चुका है लेकिन खेल विभाग के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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2023 में नई बॉक्सिंग रिंग आई थी। स्टेडियम परिसर स्थित बॉक्सिंग रिंग में खिलाड़ी अभ्यास करते हैंं। धूप व बरसात से रिंग को बचाने के लिए तिरपाल का इस्तेमाल किया जाता है। अधिकारियों को बॉक्सिंग हॉल के लिए 40 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है।-ममता, बॉक्सिंग कोच एवं कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी