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Rohtak News: प्राचीन शीतला माता मंदिर 400 साल से है श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र
Sat, 29 Mar 2025 02:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 29 Mar 2025 02:19 AM IST
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रोहतक। शहर के मंदिरों में नवरात्र पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। शहर के माता दरवाजा चौक स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि शीतला माता मंदिर करीब 400 साल से लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है।
शीतला माता को 84 गांवों की ईष्ट देवी माना जाता है। मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर मन्नत मांगते हैं। साथ ही, नवविवाहित जोड़ों और बच्चों को भी माथा टेकने के लिए लाते हैं। माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं।
नवरात्र पर्व को लेकर भी मंदिर परिसर में तैयार की जा रही है। साथ ही, चैत्र माह के प्रत्येक बुधवार आयोजित होने वाले मेले में हजारों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। मंदिर के पुजारी महंत थानेश्वर दास ने बताया कि नवरात्र पर्व को लेकर मंदिर में अभी से श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए आने लगे हैं। 30 मार्च को पहले नवरात्र से श्रद्धालुओं की ओर अधिक भीड़ उमड़ने लगेगी।
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सप्तमी की रात को हवन व अष्टमी पर लगेगा भंडार
मंदिर के पुजारी महंत थानेश्वर दास ने बताया कि मंदिर की साज-सज्जा और सफाई का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सप्तम नवरात्र की रात को हवन कार्यक्रम किया जाएगा। वहीं, 5 अप्रैल अष्टमी के दिन भंडारे का आयोजन किया जाएगा। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।
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शीतला माता को 84 गांवों की ईष्ट देवी माना जाता है। मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर मन्नत मांगते हैं। साथ ही, नवविवाहित जोड़ों और बच्चों को भी माथा टेकने के लिए लाते हैं। माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं।
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नवरात्र पर्व को लेकर भी मंदिर परिसर में तैयार की जा रही है। साथ ही, चैत्र माह के प्रत्येक बुधवार आयोजित होने वाले मेले में हजारों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। मंदिर के पुजारी महंत थानेश्वर दास ने बताया कि नवरात्र पर्व को लेकर मंदिर में अभी से श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए आने लगे हैं। 30 मार्च को पहले नवरात्र से श्रद्धालुओं की ओर अधिक भीड़ उमड़ने लगेगी।
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सप्तमी की रात को हवन व अष्टमी पर लगेगा भंडार
मंदिर के पुजारी महंत थानेश्वर दास ने बताया कि मंदिर की साज-सज्जा और सफाई का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सप्तम नवरात्र की रात को हवन कार्यक्रम किया जाएगा। वहीं, 5 अप्रैल अष्टमी के दिन भंडारे का आयोजन किया जाएगा। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।