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Rohtak News: सरकारी स्कूलों में दाखिले करवाने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे शिक्षक
Wed, 13 Mar 2024 03:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 13 Mar 2024 03:13 AM IST
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सरकारी स्कूलों में घटती विद्यार्थियों की संख्या को लेकर शिक्षा विभाग गंभीर नजर आ रहा है। नए शैक्षणिक सत्र में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की प्रवेश संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में शिक्षक अभिभावकों को जागरूक बना कर बच्चों को सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके लिए शिक्षकों ने स्कूली स्तर पर लोगों के घर-घर जाकर सर्वे शुरू कर दिया है।
नए शैक्षणिक सत्र की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग विभिन्न कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं में जुटा हुआ है। इसके बाद 30 से 31 मार्च को परिणाम घोषित किया जाएगा। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद से ही नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो रही है। सरकारी स्कूलों के प्रति विद्यार्थियों का घटना रुझान शिक्षा विभाग की चिंता का विषय बन गया है। सरकार ने इस वर्ष भी अनेक स्कूल विद्यार्थियों की संख्या कम होने के चलते मर्ज कर दिए। इस वर्ष भी यहीं संभावना जताई जा रही है। ऐसे में अनेक स्कूल बंद होने का अंदेशा बन गया है। नतीजतन सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की घटती संख्या को विभाग पूरी गभीरता से ले रहा है इसीलिए स्कूली स्तर पर सर्वे शुरू किया गया है।
सरकार के नियमानुसार, 20 से कम विद्यार्थी होने पर विद्यालय को मर्ज कर दिया जाता है। विद्यालयों को मर्ज न करना पड़े, इसलिए पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के ज्यादा से ज्यादा दाखिले कराने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी अपने छोटे भाई- बहन का दाखिला सरकारी स्कूल में कराने के लिए जागरूक बनाने का प्रयास जारी है।
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शिक्षकों ने स्कूली स्तर पर सर्वे शुरू कर दिया है। इसके तहत घर-घर जाकर लोगों को समझाया जा रहा है कि वे अपने बच्चों का सरकारी स्कूलों में प्रवेश कराएं। कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। नए सत्र में ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों के दाखिले आने का प्रयास है।
- दिलजीत सिंह, जिला मौलिक शिक्षा आधिकारी।
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नए शैक्षणिक सत्र की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग विभिन्न कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं में जुटा हुआ है। इसके बाद 30 से 31 मार्च को परिणाम घोषित किया जाएगा। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद से ही नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो रही है। सरकारी स्कूलों के प्रति विद्यार्थियों का घटना रुझान शिक्षा विभाग की चिंता का विषय बन गया है। सरकार ने इस वर्ष भी अनेक स्कूल विद्यार्थियों की संख्या कम होने के चलते मर्ज कर दिए। इस वर्ष भी यहीं संभावना जताई जा रही है। ऐसे में अनेक स्कूल बंद होने का अंदेशा बन गया है। नतीजतन सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की घटती संख्या को विभाग पूरी गभीरता से ले रहा है इसीलिए स्कूली स्तर पर सर्वे शुरू किया गया है।
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सरकार के नियमानुसार, 20 से कम विद्यार्थी होने पर विद्यालय को मर्ज कर दिया जाता है। विद्यालयों को मर्ज न करना पड़े, इसलिए पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के ज्यादा से ज्यादा दाखिले कराने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी अपने छोटे भाई- बहन का दाखिला सरकारी स्कूल में कराने के लिए जागरूक बनाने का प्रयास जारी है।
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शिक्षकों ने स्कूली स्तर पर सर्वे शुरू कर दिया है। इसके तहत घर-घर जाकर लोगों को समझाया जा रहा है कि वे अपने बच्चों का सरकारी स्कूलों में प्रवेश कराएं। कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। नए सत्र में ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों के दाखिले आने का प्रयास है।
- दिलजीत सिंह, जिला मौलिक शिक्षा आधिकारी।