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टीबी संक्रामक रोग, पहचान और उपचार में देरी से दूसरों में फैलने का डर : सिंह
Mon, 26 Jun 2023 01:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 26 Jun 2023 01:10 AM IST
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महम। टीबी संक्रामक रोग है। इसकी पहचान और उपचार में देरी होने से इसके रोगी के संपर्क में आने वाले में संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। इसमें साफ-सफाई और लगातार छह माह तक नियमित दवा खाने से रोगी ठीक हो जाता है। स्वास्थ्य विभाग क्षय रोग की जांच और उपचार निशुल्क उपलब्ध कराता है। यह जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाखनमाजरा के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणवीर सिंह ने दी।
वह रविवार को आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों, आशा वर्कर्स को टीबी से निपटने और जड़ से खत्म करने के लिए 2025 तक का लक्ष्य बताया। कार्यक्रम अध्यक्ष ने बताया कि क्षय रोग के बारे में जन-जागरूकता जरूरी है। टीबी का एक मरीज बिना इलाज 12 लोगों में बीमारी फैलाने की क्षमता रखता है। इसलिए टीबी को खत्म करने के सभी प्रयास गांव के निचले स्तर से शुरू करने होंगे। इसमें आशा वर्कर और बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एमपीएचडब्ल्यू) को अपने एरिया के लोगों को टीबी के लक्षण जानने, समय पर जांच कराने व टीबी से बचने के लिए जागरूक करने की हिदायत दी। बताया कि टीबी रोकथाम कार्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर टीबी मॉनिटरिंग यूनिट का गठन किया गया है। कार्यक्रम में सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर संदीप, पीएचसी गिरावड़, फरमाना व निंदाना के चिकित्सा अधिकारी, एमपीएचडब्ल्यू और मेडिकल ऑफिसर शामिल हुए।
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वह रविवार को आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों, आशा वर्कर्स को टीबी से निपटने और जड़ से खत्म करने के लिए 2025 तक का लक्ष्य बताया। कार्यक्रम अध्यक्ष ने बताया कि क्षय रोग के बारे में जन-जागरूकता जरूरी है। टीबी का एक मरीज बिना इलाज 12 लोगों में बीमारी फैलाने की क्षमता रखता है। इसलिए टीबी को खत्म करने के सभी प्रयास गांव के निचले स्तर से शुरू करने होंगे। इसमें आशा वर्कर और बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एमपीएचडब्ल्यू) को अपने एरिया के लोगों को टीबी के लक्षण जानने, समय पर जांच कराने व टीबी से बचने के लिए जागरूक करने की हिदायत दी। बताया कि टीबी रोकथाम कार्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर टीबी मॉनिटरिंग यूनिट का गठन किया गया है। कार्यक्रम में सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर संदीप, पीएचसी गिरावड़, फरमाना व निंदाना के चिकित्सा अधिकारी, एमपीएचडब्ल्यू और मेडिकल ऑफिसर शामिल हुए।
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