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Rohtak News: स्वस्तिक स्याही वोट की, लोकतंत्र के प्राण...
Tue, 21 May 2024 05:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 21 May 2024 05:32 AM IST
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बहादुरगढ़। कलमवीर विचार मंच की ओर से शहर के एक अस्पताल के सभागार में काव्योत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें हरियाणा के विभिन्न जनपदों से आए कवियों ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को मतदान की अहमियत बताई।
गुरुग्राम के वरिष्ठ गजलकार त्रिलोक कौशिक की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम का मंच संचालन कवि कृष्ण गोपाल विद्यार्थी ने किया। मंच के प्रेरणास्त्रोत रहे। दिवंगत समाजसेवी चौ. कप्तान सिंह राठी की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने उन्हें अपने भाव पुष्प भी अर्पित किए। डॉ. मनोज भारत ने कहा कि स्वस्तिक स्याही वोट की, लोकतंत्र के प्राण। होता इससे देश के, कल का है निर्माण। शस्त्र-शास्त्र से है बड़ा लोकतंत्र में वोट। संबल देता सत्य को, करे झूठ पर चोट। कृष्ण गोपाल विद्यार्थी ने कहा कि जिंदगी का अर्थ केवल मौत तक जीना नहीं है, जिंदगी का अर्थ तो है मौत के भी बाद जीना। वेद भारती ने कहा कि सदा सनातन सदा पुरातन, ये मेरा भारत बदल रहा है। थे मध्य युग के जो दंश सारे, उन्हें मिटाकर संभल रहा है।
गायक-संगीतकार विनोद गिरधर की सरस्वती वंदना से कार्यक्रम में त्रिलोक कौशिक, विनोद गिरधर और जय सिंह जीत की गजलों ने वाहवाही लूटी। कुमार राघव और वेद प्रकाश फोंदणी (वेद भारती) के सस्वर काव्य पाठ किया। डॉ. मनोज भारत ने दोहों के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक किया। विनोद आचार्य और राजकुमार गाइड ने प्रेरक मुक्तक सुनाकर मानवता का संदेश दिया। हरियाणवी कवि कलाकार विरेन्द्र कौशिक ने कुछ हास्य रचनाएं सुनाने के अलावा श्रृंगार रस का गीत सुनाया। अनिल भारतीय गुमनाम, मुकेश व्यास और मोहित कौशिक की रचनाओं में भी श्रृंगार रस की प्रमुखता रही। कौशल समीर की गजल सूफियाना तेवर लिए थी। सार्थक सेवा समिति के प्रधान एनएस कपूर ने अपने उद्बोधन के दौरान एक कविता के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में सार्थक सेवा समिति सहित भारत विकास परिषद, ब्रह्म समाज, जनता जनार्दन समिति व नागरिक सद्भावना समिति सहित विभिन्न संस्थाओं से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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गुरुग्राम के वरिष्ठ गजलकार त्रिलोक कौशिक की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम का मंच संचालन कवि कृष्ण गोपाल विद्यार्थी ने किया। मंच के प्रेरणास्त्रोत रहे। दिवंगत समाजसेवी चौ. कप्तान सिंह राठी की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने उन्हें अपने भाव पुष्प भी अर्पित किए। डॉ. मनोज भारत ने कहा कि स्वस्तिक स्याही वोट की, लोकतंत्र के प्राण। होता इससे देश के, कल का है निर्माण। शस्त्र-शास्त्र से है बड़ा लोकतंत्र में वोट। संबल देता सत्य को, करे झूठ पर चोट। कृष्ण गोपाल विद्यार्थी ने कहा कि जिंदगी का अर्थ केवल मौत तक जीना नहीं है, जिंदगी का अर्थ तो है मौत के भी बाद जीना। वेद भारती ने कहा कि सदा सनातन सदा पुरातन, ये मेरा भारत बदल रहा है। थे मध्य युग के जो दंश सारे, उन्हें मिटाकर संभल रहा है।
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गायक-संगीतकार विनोद गिरधर की सरस्वती वंदना से कार्यक्रम में त्रिलोक कौशिक, विनोद गिरधर और जय सिंह जीत की गजलों ने वाहवाही लूटी। कुमार राघव और वेद प्रकाश फोंदणी (वेद भारती) के सस्वर काव्य पाठ किया। डॉ. मनोज भारत ने दोहों के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक किया। विनोद आचार्य और राजकुमार गाइड ने प्रेरक मुक्तक सुनाकर मानवता का संदेश दिया। हरियाणवी कवि कलाकार विरेन्द्र कौशिक ने कुछ हास्य रचनाएं सुनाने के अलावा श्रृंगार रस का गीत सुनाया। अनिल भारतीय गुमनाम, मुकेश व्यास और मोहित कौशिक की रचनाओं में भी श्रृंगार रस की प्रमुखता रही। कौशल समीर की गजल सूफियाना तेवर लिए थी। सार्थक सेवा समिति के प्रधान एनएस कपूर ने अपने उद्बोधन के दौरान एक कविता के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में सार्थक सेवा समिति सहित भारत विकास परिषद, ब्रह्म समाज, जनता जनार्दन समिति व नागरिक सद्भावना समिति सहित विभिन्न संस्थाओं से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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